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पत्नी के हत्यारे को 10 वर्ष कैद
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:48 PM IST
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अदालत का फैसला
- फोटो : getty images
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दहेज के लिए पत्नी को जलाकर मार डालने वाले पति को कोर्ट ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चार हजार रुपया अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अखिलेश कुमार तिवारी ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अशोक मिश्र के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतका के पिता रामसनेही निवासी बेहटाखुर्द थाना भदोखर ने थाना डीह में 17 फरवरी को दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार मुकदमा वादी ने बेटी श्यामकली की शादी डीह थाना क्षेत्र के खुरहटी निवासी सुग्रीव के साथ की थी। 16 फरवरी 2014 को बेटी के जलकर मरने की सूचना पर वादी ससुराल पहुंचा, वहां बेटी मृत मिली। दामाद मोटरसाइकिल की मांग करता था।
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मांग पूरी न होने पर आरोपी बेटी को जलाकर मारने की धमकी देता था। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पति सुग्रीव को दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में दोष सिद्ध कर सजा सुनाई।
पत्नी की गैर इरादतन हत्या के मामले में कोर्ट ने गुरुवार को आरोपी पति को सात वर्ष के कारावास और छह हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई। यह निर्णय कोर्ट संख्या चार के अपर सत्र न्यायाधीश आशीष गर्ग ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के अनुसार घटना 3 जुलाई 2012 को हुई थी। मामले की रिपोर्ट जगतपुर थाना क्षेत्र के गौरा उबरनी निवासी रामबक्श ने लिखाई थी।
रिपोर्ट के अनुसार श्रीराम निवासी मंगारपुर थाना गदागंज अपनी ससुराल गौरा उबरनी में रहता था। 3 जुलाई 2012 की रात श्रीराम की सास और साले से कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। पत्नी शांति देवी बचाने पहुंची, तब पति ने उसके सिर पर लाठी मार दी।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद पति के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्ष का तर्क सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पति को सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अशोक मिश्र के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतका के पिता रामसनेही निवासी बेहटाखुर्द थाना भदोखर ने थाना डीह में 17 फरवरी को दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार मुकदमा वादी ने बेटी श्यामकली की शादी डीह थाना क्षेत्र के खुरहटी निवासी सुग्रीव के साथ की थी। 16 फरवरी 2014 को बेटी के जलकर मरने की सूचना पर वादी ससुराल पहुंचा, वहां बेटी मृत मिली। दामाद मोटरसाइकिल की मांग करता था।
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मांग पूरी न होने पर आरोपी बेटी को जलाकर मारने की धमकी देता था। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पति सुग्रीव को दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में दोष सिद्ध कर सजा सुनाई।
पत्नी की गैर इरादतन हत्या के मामले में कोर्ट ने गुरुवार को आरोपी पति को सात वर्ष के कारावास और छह हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई। यह निर्णय कोर्ट संख्या चार के अपर सत्र न्यायाधीश आशीष गर्ग ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के अनुसार घटना 3 जुलाई 2012 को हुई थी। मामले की रिपोर्ट जगतपुर थाना क्षेत्र के गौरा उबरनी निवासी रामबक्श ने लिखाई थी।
रिपोर्ट के अनुसार श्रीराम निवासी मंगारपुर थाना गदागंज अपनी ससुराल गौरा उबरनी में रहता था। 3 जुलाई 2012 की रात श्रीराम की सास और साले से कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। पत्नी शांति देवी बचाने पहुंची, तब पति ने उसके सिर पर लाठी मार दी।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद पति के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्ष का तर्क सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पति को सजा सुनाई।