शादी की तैयारी में राहत, किसान भी खुश
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केंद्र सरकार द्वारा वैवाहिक कार्यक्रम वाले परिवार को 2.50 लाख और किसानों को खेती के लिए 25 हजार एकमुश्त निकासी के नए एलान के बाद इन लोगों को काफी कुछ राहत मिली है। सूत्रों की मानें तो इस नोट बंदी ने आम आदमी के साथ-साथ मंदिरों की दान पेटिकाओं का वजन भी काफी कुछ कम दिया है।
इससे मंदिरों की आय भी प्रभावित हुई है। प्रस्तुत है नोट बंदी के बाद आम आदमी, किसान व चढ़ावे पर खर्च चलाने वाले मंदिरों के हालातों पर अमर उजाला टीम की रिपोर्ट। किसान की आर्थिक परेशानी को देखते हुए सप्ताह में एक साथ 25 हजार रुपये निकालने के सरकारी फसमान से उन्हें काफी राहत मिली है।
राही ब्लॉक के मटिहा कोडर गांव निवासी किसान राजेश का कहना है कि वे नोट बंदी को सही मानते हैं, लेकिन किसानों की परेशानियों से गांव के लोग आहत जरूर है। बैंकों से कम पैसे निकाले जाने से खाद-बीज खरीदने की दिक्कत हो रही थी।
अब हफ्ते में 25 हजार रुपये निकाले जाने के आदेश के बाद काफी राहत मिलेगी। उतरापारा निवासी किसान बबलू का कहना है कि आदेश के बाद अब वह खेती का काम आसानी से कर पाएगा। हरचंदपुर क्षेत्र के पैंडेपुर निवासी रोहित ने बताया कि गेहूं की बोआई के लिए मजदूरी देने को पैसे नहीं थे।
मजदूर उधार काम करने को तैयार नहीं थे। यही नहीं खाद-बीज भी नहीं मिल पा रहा था। आदेश के बाद काम आसानी से होंगे। सतांव क्षेत्र के नकफुलहा निवासी शिव बालक ने बताया कि वह हमेशा किराए के ट्रैक्टर से खेत की जोताई कराता है।
नए आदेश से अब सब कुछ आसान हो जाएगा। डीह क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी विमलेश ने बताया कि उसके जीवकोपार्जन का जरिया खेती ही है। खाली समय में वह बिजली की दुकान में मजदूरी कर लेता है नोट बंदी के चलते न तो उसे दुकान से पैसा मिल रहा था, न ही खेती का काम हो पा रहा था। इस आदेश के बाद वह उसकी खेती संभल जाएगी।
डीह ब्लाक के जगदीशपुर गांव निवासी जगदीश प्रसाद मिश्रा की पोती की शादी 23 नवंबर को है। वह बैंक से पैसा न मिल पाने के कारण काफी परेशान थे। अभी तक जरूरी सामान तक नहीं खरीद पाए थे। इस आदेश के बाद उन्हें उम्मीद है कि अब बैंक से आसानी से पैसा निकाल सकेंगे।
उनकी नातिन की शादी ठीक से हो पाएगी। उनकी पत्नी ने बताया कि अब वह अपनी पोती को खुशी-खुशी विदा कर सकेंगीं। सलोन क्षेत्र के बघौला गांव निवासी सुखदेव गुप्ता की बेटी की शादी 24 नवंबर को है। बैंक से पैसा न निकल पाने के कारण वे अब तक कोई इंतजाम नहीं कर सके थे।
यहां तक लाइट, टेंट, कारीगर, किराना, कपड़ा आदि की भी खरीद नहीं कर पाए हैं। कई लोगों से उधार लेने को कहा था इनमें कुछ ने तो उधार दिया लेकिन ज्यादातर लोगों ने नकार दिया। घर में सभी चिंतित थे, अब थोड़ा उम्मीद बंधी है कि इस आदेश के बाद वे अपनी बेटी की शादी धूमधाम से कर पाएंगे।