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शहर से गांवों तक जलभराव से जूझे लोग
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 07 Jul 2017 10:54 PM IST
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रायबरेली में शुक्रवार को बछरावां कस्बे की सड़क पर जलभराव।
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश शुरू हुए अभी केवल चार दिन बीते हैं, लेकिन शहर से लेकर गांव तक के लोग जलभराव से जूझ रहे हैं। शुक्रवार को कहीं बारिश हुई तो कहीं नहीं।जलनिकासी के लिए नाला-नालियां बनी हैं, लेकिन उनकी सफाई नहीं होती है। जिला प्रशासन भले ही जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पूरी तैयारी बता रहा है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। हल्की बारिश होने पर शहर में जलभराव हो जाता है।
यह समस्या हर साल होती है, लेकिन इससे निपटने के लिए केवल खानापूरी की जाती है। गांवों की जलनिकासी नहीं होने से लोगों के घरों में पानी भुस रहा है या फिर सड़कों पर पानी भरा रहता है। इससे सड़कें खस्ताहाल हो रही हैं।
बछरावां, डलमऊ, सलोन, ऊंचाहार सहित अन्य ब्लॉक के लोग जलराव से जूझ रहे हैं। हालांकि इन समस्याओं को निपटाने के लिए पहले से ही शिकायतें की जाती हैं। अफसर केवल आश्वासन देकर टाल देते हैं। जिले के प्राथमिक विद्यालय और जूनियर विद्यालयों में जलभराव की समस्या है। इससे बच्चों को पढ़ने जाने में दिक्कत होती है।
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यह समस्या हर साल होती है, लेकिन इससे निपटने के लिए केवल खानापूरी की जाती है। गांवों की जलनिकासी नहीं होने से लोगों के घरों में पानी भुस रहा है या फिर सड़कों पर पानी भरा रहता है। इससे सड़कें खस्ताहाल हो रही हैं।
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बछरावां, डलमऊ, सलोन, ऊंचाहार सहित अन्य ब्लॉक के लोग जलराव से जूझ रहे हैं। हालांकि इन समस्याओं को निपटाने के लिए पहले से ही शिकायतें की जाती हैं। अफसर केवल आश्वासन देकर टाल देते हैं। जिले के प्राथमिक विद्यालय और जूनियर विद्यालयों में जलभराव की समस्या है। इससे बच्चों को पढ़ने जाने में दिक्कत होती है।
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