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बारिश से हर तरफ जलभराव, टापू बने शहर के मोहल्ले
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नया पुरवा मोहल्ले में भरा पानी।
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। जिले में शनिवार को भी हुई बारिश से परेशानियां बढ़ा दी। शहर के कई मोहल्ले जलभराव से टापू बन गए। शहर के 10 मोहल्लों में लोग फंसे रहे। घरों में पानी घुसने से दुश्वारियां और बढ़ गईं। लोग जलभराव से बेहाल रहे, वहीं नगर पालिका के अधिकारी पानी निकासी को लेकर गंभीर नहीं दिखे। शहर के अलावा देहात क्षेत्रों में भी जलभराव के कारण लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी।
शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार शाम तक होती रही। बारिश से शहर के मोहल्ले पानी से लबालब हो गए। कल्लू का पुरवा, महानंदपुर, सोनिया नगर, नया पुरवा, बहराना, सर्वोदय नगर, आचार्य द्विवेदी नगर समेत अन्य मोहल्ले टापू बन गए।
कई मोहल्लों में घरों में पानी भर गया। परेशान लोगों ने घर की दूसरी मंजिल पर शरण ले रखी है। वहीं कई अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। नया पुरवा में लोगों को घरों तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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सोनिया नगर निवासी दिनेश कुुमार, मालती ने बताया कि बारिश होने पर हम लोगों को जलभराव से जूझना पड़ता है, लेकिन पालिका के अधिकारी पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं करा पा रहे हैं।
घरों में पानी घुसने से गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। नगर पालिका के ईओ डॉ.आशीष सिंह ने बताया कि पानी निकासी कराई जा रही है। इसके अलावा ऊंचाहार, महराजगंज, सतांव समेत अन्य स्थानों पर जलभराव होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
खेतों में गिरी धान की फसल, मुरझाए किसानों के चेहरे
करीब 12 घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश से किसानों के चेहरे मुरझा गए। दरअसल, अगैती धान की फसल खेतों में गिर गई। ऊंचाहार, जगतपुर, राही, अमावां, सतांव समेत अन्य ब्लॉकों में 200 बीघे से ज्यादा धान की फसल जमीन में गिर गई।
बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है। इससे फसल के सड़ने का खतरा मंडराने लगा है। जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि बारिश से ज्यादा किसानों का नुकसान नहीं हुआ है। जिले में कितनी धान की फसल जमीन में गिरी है, इसका आंकलन कराया जाएगा।
सड़कों पर हुआ जलभराव
जगतपुर। लगातार हुई बारिश के चलते कस्बा व उसके आसपास जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जगतपुर-डलमऊ मार्ग पर तालाब से निकलने वाला पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। ग्रामीणों को निकलने में आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा है।
जगतपुर डलमऊ मार्ग से निकलने वाले बिचारी दास के कुटी संपर्क मार्ग पर लगभग 12 घरों के सामने दो फीट सड़क के ऊपर पानी बह रहा है। इससे ग्रामीणों को आने जाने के लिए एक किमी का सफर अतिरिक्त तय करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय लोग रमेश, राम कृष्ण, गुरु प्रसाद, जीतेंद्र, रामबरन, भारत, अयोध्या प्रसाद, अवधेश, राजेश राकेश का कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था न होने के चलते सड़कों से होकर पानी बह रहा है। इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार शाम तक होती रही। बारिश से शहर के मोहल्ले पानी से लबालब हो गए। कल्लू का पुरवा, महानंदपुर, सोनिया नगर, नया पुरवा, बहराना, सर्वोदय नगर, आचार्य द्विवेदी नगर समेत अन्य मोहल्ले टापू बन गए।
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कई मोहल्लों में घरों में पानी भर गया। परेशान लोगों ने घर की दूसरी मंजिल पर शरण ले रखी है। वहीं कई अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। नया पुरवा में लोगों को घरों तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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सोनिया नगर निवासी दिनेश कुुमार, मालती ने बताया कि बारिश होने पर हम लोगों को जलभराव से जूझना पड़ता है, लेकिन पालिका के अधिकारी पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं करा पा रहे हैं।
घरों में पानी घुसने से गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। नगर पालिका के ईओ डॉ.आशीष सिंह ने बताया कि पानी निकासी कराई जा रही है। इसके अलावा ऊंचाहार, महराजगंज, सतांव समेत अन्य स्थानों पर जलभराव होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
खेतों में गिरी धान की फसल, मुरझाए किसानों के चेहरे
करीब 12 घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश से किसानों के चेहरे मुरझा गए। दरअसल, अगैती धान की फसल खेतों में गिर गई। ऊंचाहार, जगतपुर, राही, अमावां, सतांव समेत अन्य ब्लॉकों में 200 बीघे से ज्यादा धान की फसल जमीन में गिर गई।
बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है। इससे फसल के सड़ने का खतरा मंडराने लगा है। जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि बारिश से ज्यादा किसानों का नुकसान नहीं हुआ है। जिले में कितनी धान की फसल जमीन में गिरी है, इसका आंकलन कराया जाएगा।
सड़कों पर हुआ जलभराव
जगतपुर। लगातार हुई बारिश के चलते कस्बा व उसके आसपास जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जगतपुर-डलमऊ मार्ग पर तालाब से निकलने वाला पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। ग्रामीणों को निकलने में आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा है।
जगतपुर डलमऊ मार्ग से निकलने वाले बिचारी दास के कुटी संपर्क मार्ग पर लगभग 12 घरों के सामने दो फीट सड़क के ऊपर पानी बह रहा है। इससे ग्रामीणों को आने जाने के लिए एक किमी का सफर अतिरिक्त तय करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय लोग रमेश, राम कृष्ण, गुरु प्रसाद, जीतेंद्र, रामबरन, भारत, अयोध्या प्रसाद, अवधेश, राजेश राकेश का कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था न होने के चलते सड़कों से होकर पानी बह रहा है। इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है।