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घाघरा में पानी का संकट, शारदा सहायक नहर बंद
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jan 2016 11:51 PM IST
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जिले से होकर गुजरी शारदा सहायक नहर को पानी की कमी के कारण बंद कर दिया गया है। इसकी वजह घाघरा नदी में पानी का कम होना बताया जा रहा है। नहर के बंद होने से 25 हजार हेक्टेयर में सिंचाई का संकट गहरा गया है।
इससे तकरीबन एक लाख अन्नदाता सिंचाई के लिए पानी न मिलने से परेशान हैं। लखीमपुर में शारदा नदी से निकली शारदा सहायक नहर जिले में होने वाली खेती के सबसे बड़े हिस्से को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराती है।
इससे जुड़ी लगभग 175 माइनरों के माध्यम से विभिन्न इलाकों में पानी पहुंचाया जाता है। घाघरा में पानी कम होने के चलते 7 जनवरी से नहर को बंद किया गया है।
इससे हरचंदपुर, बछरावां, महराजगंज, राही, अमावां, जगतपुर, सलोन, रोहनिया, ऊंचाहार में सिंचाई का संकट गहरा गया है। रजबहे और माइनरें सूखी पड़ी हैं। किसानों को गेहूं व अन्य फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है।
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नहर के बंद होने से राजामऊ, शोरा, बाला, बछरावां, लालपुर रजबहा, हरदासपुर, बरवारीपुर, जगतपुर, न्यू भांव, सलोन समेत 175 से अधिक माइनरें और रजबहे सूखे पड़े हैं।
हाल ही में हल्की बारिश हुई थी, लेकिन वह गेहूं की फसल के लिए नाकाफी रही। पानी न आने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे फसलों के रोग लगने का डर बना हुआ है। इसे लेकर भी किसान परेशान हैं।
वैसे तो शारदा सहायक नहर लखीमपुर जिले से निकली है, लेकिन लखनऊ आने पर यह दो हिस्सों में बट जाती है। एक हैदरगढ़ और दूसरी नहर रायबरेली होते हुए निकलती है।
रायबरेली से होकर गुजरी करीब 160 किलोमीटर लंबी शारदा सहायक नहर से इलाहाबाद और प्रतापगढ़ जिले के किसानों को भी पानी उपलब्ध कराया जाता है। नहर के बंद होने से इन दोनों जिलों में भी सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
कैलाशपुर के रामलखन लोधी, सारीपुर के विजय कुमार श्रीवास्तव, पश्चिमगांव के रामलोटन, मझिगवां के सुरेश कुमार, जगतपुर के आनंद बहादुर आदि किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को सिंचाई की बहुत आवश्यकता है।
लेकिन नहरों में पानी नहीं हैं। निजी नलकूपों से सिंचाई के लिए भी मारामारी मची है। जल्द ही शारदा सहायक नहर में पानी न आया तो फसलें सूख जाएंगी।
सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी के एक्सईएन/नोडल अफसर सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि शारदा नदी से शारदा सहायक नहर निकली हैं। शारदा नदी में पानी की कमी को पूरा करने के लिए घाघरा से उसमें पानी छोड़ा जाता था।
लेकिन इस बार घाघरा नदी में भी पानी की कमी है। इसके चलते रोस्टिंग के तहत 7 जनवरी से नहर बंद कर दी गई है। नहर को फिर से चलाने के लिए पत्र लिखा गया है। शीघ्र ही पानी आने लगेगा।
जिलाकृषि अधिकारी एसके पांडेय ने बताया कि मौजूदा समय में गेहूं और आलू की फसल को सिंचाई की सबसे ज्यादा जरूरत है। हाल ही में बारिश होने से अन्य फसलों में सिंचाई की आवश्यकता नहीं है।
लेकिन नहरों में पानी न आने से गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन से मिलकर नहर में पानी छुड़वाने के लिए कहा जाएगा।
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इससे तकरीबन एक लाख अन्नदाता सिंचाई के लिए पानी न मिलने से परेशान हैं। लखीमपुर में शारदा नदी से निकली शारदा सहायक नहर जिले में होने वाली खेती के सबसे बड़े हिस्से को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराती है।
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इससे जुड़ी लगभग 175 माइनरों के माध्यम से विभिन्न इलाकों में पानी पहुंचाया जाता है। घाघरा में पानी कम होने के चलते 7 जनवरी से नहर को बंद किया गया है।
इससे हरचंदपुर, बछरावां, महराजगंज, राही, अमावां, जगतपुर, सलोन, रोहनिया, ऊंचाहार में सिंचाई का संकट गहरा गया है। रजबहे और माइनरें सूखी पड़ी हैं। किसानों को गेहूं व अन्य फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है।
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नहर के बंद होने से राजामऊ, शोरा, बाला, बछरावां, लालपुर रजबहा, हरदासपुर, बरवारीपुर, जगतपुर, न्यू भांव, सलोन समेत 175 से अधिक माइनरें और रजबहे सूखे पड़े हैं।
हाल ही में हल्की बारिश हुई थी, लेकिन वह गेहूं की फसल के लिए नाकाफी रही। पानी न आने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे फसलों के रोग लगने का डर बना हुआ है। इसे लेकर भी किसान परेशान हैं।
वैसे तो शारदा सहायक नहर लखीमपुर जिले से निकली है, लेकिन लखनऊ आने पर यह दो हिस्सों में बट जाती है। एक हैदरगढ़ और दूसरी नहर रायबरेली होते हुए निकलती है।
रायबरेली से होकर गुजरी करीब 160 किलोमीटर लंबी शारदा सहायक नहर से इलाहाबाद और प्रतापगढ़ जिले के किसानों को भी पानी उपलब्ध कराया जाता है। नहर के बंद होने से इन दोनों जिलों में भी सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
कैलाशपुर के रामलखन लोधी, सारीपुर के विजय कुमार श्रीवास्तव, पश्चिमगांव के रामलोटन, मझिगवां के सुरेश कुमार, जगतपुर के आनंद बहादुर आदि किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को सिंचाई की बहुत आवश्यकता है।
लेकिन नहरों में पानी नहीं हैं। निजी नलकूपों से सिंचाई के लिए भी मारामारी मची है। जल्द ही शारदा सहायक नहर में पानी न आया तो फसलें सूख जाएंगी।
सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी के एक्सईएन/नोडल अफसर सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि शारदा नदी से शारदा सहायक नहर निकली हैं। शारदा नदी में पानी की कमी को पूरा करने के लिए घाघरा से उसमें पानी छोड़ा जाता था।
लेकिन इस बार घाघरा नदी में भी पानी की कमी है। इसके चलते रोस्टिंग के तहत 7 जनवरी से नहर बंद कर दी गई है। नहर को फिर से चलाने के लिए पत्र लिखा गया है। शीघ्र ही पानी आने लगेगा।
जिलाकृषि अधिकारी एसके पांडेय ने बताया कि मौजूदा समय में गेहूं और आलू की फसल को सिंचाई की सबसे ज्यादा जरूरत है। हाल ही में बारिश होने से अन्य फसलों में सिंचाई की आवश्यकता नहीं है।
लेकिन नहरों में पानी न आने से गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन से मिलकर नहर में पानी छुड़वाने के लिए कहा जाएगा।