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पुल के नीचे पानी भरने पर भड़के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Dec 2016 11:37 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बरारा बुजुर्ग हाल्ट के पास बने भूमिगत पुल के निर्माण में जमकर मनमानी की गई। हालत यह है कि निर्माण होने के बाद तक पुल के नीचे सीपेज की समस्या दूर नहीं हो सकी है। उसके नीचे से एक दिन भी आवागमन नहीं हो सका।
इन सब समस्याओं को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संतोष यादव, स्वामी महेशानंद, मातादीन, रामनिवास, रामबहादुर, संगमलाल आदि भूमिगत पुल के पास एकत्रित हुए।
सभी लोग धरने पर बैठे। उन्होंने बताया कि बरारा बुजुर्ग गांव के निकट चार साल पहले रेलवे लाइन के नीचे भूमिगत पुल का निर्माण हुआ था। निर्माण के बाद पुल के ऊपर न तो कोई छत डाली गई न ही कोई टीन शेड लगवाया गया है।
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इससे बारिश का पानी पुल पर भर जाता है। इतना ही नहीं पुल का निर्माण में भी मनमानी की गई है। दोनों ओर की दीवारों में दरारें पड़ गईं हैं। सीपेज होने के कारण दीवारों से पानी निकलता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत तहसील के अधिकारियों और रेलवे के अफसरों से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इन सब समस्याओं को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संतोष यादव, स्वामी महेशानंद, मातादीन, रामनिवास, रामबहादुर, संगमलाल आदि भूमिगत पुल के पास एकत्रित हुए।
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सभी लोग धरने पर बैठे। उन्होंने बताया कि बरारा बुजुर्ग गांव के निकट चार साल पहले रेलवे लाइन के नीचे भूमिगत पुल का निर्माण हुआ था। निर्माण के बाद पुल के ऊपर न तो कोई छत डाली गई न ही कोई टीन शेड लगवाया गया है।
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इससे बारिश का पानी पुल पर भर जाता है। इतना ही नहीं पुल का निर्माण में भी मनमानी की गई है। दोनों ओर की दीवारों में दरारें पड़ गईं हैं। सीपेज होने के कारण दीवारों से पानी निकलता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत तहसील के अधिकारियों और रेलवे के अफसरों से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।