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ग्रामीणों ने एंबुलेंस चालक को बनाया बंधक

Sun, 11 Jun 2017 12:10 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Sun, 11 Jun 2017 12:10 AM IST
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Villagers made the ambulance driver hostage
एंबुलेंस - फोटो : demo
डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन रुपयों से ज्यादा उनके लिए कुछ भी मायने नहीं रखता। कुछ ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें मौत के बाद भी इलाज के नाम पर तीमारदार से 56 हजार रुपये मांगे जा रहे थे। रुपया न देने पर शव ले जाने से रोक दिया गया।
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काफी दबाव के बाद जब शव लेकर एंबुलेंस गांव पहुंची तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एंबुलेंस को लखनऊ जाने से रोक दिया और चालक को बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।  
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पुलिस ने एंबुलेंस चालक को छुड़वाया और अस्पताल संचालक को थाने में तलब किया है। पुलिस मामले में कार्रवाई करने की बात कह रही है। अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे भगवान मजरे घुरा डीह निवासी रामेश ने अपने बीमार पिता राम औतार (70) को 5 जून को लखनऊ में आम पल्ली निकट रेलवे लाइन रायबरेली रोड के राजधानी अस्पताल में भर्ती कराया था।
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बेटे रमेश कुमार ने बताया कि पिता की मौत शुक्रवार रात लगभग 10 बजे हो गई थी, जिसकी सूचना रात में ही डॉ. भारती को दी गई। लेकिन मेरी एक न सुनी और मनचाहे तरीके से स्टाफ इंजेक्शन लगता रहा। सुबह पांच बजे मरने की सूचना दी र्गई और 56 हजार रुपये काउंटर पर जमा करके पिता की लाश ले जाने को कहा गया।

रमेश ने 16 हजार रुपये जमा कर दिए। बाकी पैसे नहीं होने की बात कही और कहा कि रात में पिता की मौत हो गई थी तो इलाज क्यों किया गया। काफी दबाव और घर से रुपया लाकर देने का वादा करके पिता की लाश लेकर जैसे ही गांव पहुंचा तो पूरी बात ग्रामीणों को बताई।

ग्रामीण और परिवारीजन इस उगाही को लेकर भड़क उठे और एंबुलेंस समेत ड्राइवर को कब्जे में लेकर विरोध करना शुरू कर दिया। सूचना पर मोहनगंज थाने की पुलिस ने पहुंचकर ड्राइवर और एंबुलेंस को ग्रामीणों से मुक्त कराया।

ग्रामीण मनीराम, नंदलाल, रमजान, शिव कुमार सिंह आदि का कहना है कि मामले में अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा न होने पर धरना शुरू कर दिया जाएगा। एसओ रामराघव सिंह ने बताया कि किसी भी कीमत पर गरीब के साथ मनमानी नहीं होने दी जाएगी।


अस्पताल संचालक को मोहनगंज में तलब किया गया है। उसके नहीं आने पर पुलिस भेजी जाएगी। वहीं अस्पताल संचालक का कहना है कि इलाज में काेर्ई लापरवाही नहीं की गर्इ। 
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