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विकास भवन सील, सैनिटाइजेशन शुरू, कर्मचारी लौटाए गए

Thu, 16 Jul 2020 12:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2020 12:15 AM IST
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Vikas Bhavan seal, sanitization started, staff returned
रायबरेली। डीआरडीए कर्मचारी के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद बुधवार को सैनिटाइजेशन व सुरक्षा के अन्य बंदोबस्त के लिए विकास भवन को सील किया गया। सुबह समय से पहुंचे कर्मचारियों को गेट से ही वापस कर दिया गया।
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विभाग भवन में करीब 15 विभाग संचालित हैं। सुबह से ही पूरे परिसर के सैनिटाइजेशन का काम भी शुरू करा दिया गया है। कोरोना को लेकर कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
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डीआरडीए में तैनात कर्मचारी ने जुकाम बुखार होने पर आशंका के तौर पर कोरोना जांच के लिए सैंपल दिया था।एसजीपीजीआई लखनऊ से मंगलवार को आई रिपोर्ट में डीआरडीए कर्मचारी संक्रमित मिला।
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कर्मचारी को रॉयन स्कूल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीडी डीआरडीए प्रेमचंद्र पटेल का कहना है कि सैनिटाइजेशन व सुरक्षा के अन्य बंदोबस्त होने के बाद सीडीओ के निर्देश पर दफ्तरों को खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी।
जगतपुर क्षेत्र के पूरे चिरौंजी केवलपुर बरेथा गांव में अधेड़ के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद उसके घर की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील करके आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया गया है।
हालांकि गाइडलाइन के हिसाब से गांव के अन्य रास्तों को लोगों के आने-जाने के लिए बंद नहीं कराया गया है। उसके परिवार के चार लोगों भी क्वारंटीन सेंटर में भर्ती करा दिया गया है। लगाए गए बैरियरों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
कोतवाल हरिशंकर प्रजापति ने बुधवार को भी गांव का भ्रमण करके लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित के घर को जाने वाले सभी रास्तों को बंद कराकर आवागमन पूरी तरह से बंद करवा दिया गया है।
साथी कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद बुधवार को डीआरडीए के सभी कर्मचारी कोरोना की जांच कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए। कर्मचारियों ने जांच करवाने के लिए परचा भी बनवा लिया, लेकिन बाद में अस्पताल के स्टाफ न किट न होने के कारण जांच करने से मना कर दिया।
इससे नाराज कर्मचारी अस्पताल में ही जमीन पर बैठ गए और अपने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। बाद में सीडीओ के निर्देश पर सीएमएस ने सभी कर्मचारियों को बुलाकर सैपलिंग कराई।
डीआरडीए का एक कर्मचारी मंगलवार को कोरोना संक्रमित पाया गया था। संक्रमण से बचने के लिए बुधवार को डीआरडीए के सभी कर्मचारी जांच कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए।
सभी ने परचा भी बनवा लिया, लेकिन जब जांच की बात आई तो स्टाफ ने किट न होने पर बहाना करके बाद में आने की बात कह दी। इससे नाराज कर्मचारी अस्पताल में ही जमीन पर बैठ गए।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विधायक व सांसद निधि से कई करोड़ रुपये कोरोना से जंग के लिए डीआरडीए की ओर से स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराया गया, लेकिन डीआरडीए के स्टाफ की ही जांच नहीं की जा रही है।

जानकारी होने पर सीडीओ ने सीएमएस को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद आनन-फानन डीआरडीए के सभी 10 कर्मचारियों की कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग की गई।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि सैंपल लेने की प्रक्रिया पूरी कराने में कुछ समय लगता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी डीआरडीए कर्मचारियों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
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