{"_id":"61116e1c8ebc3e7c3b30df03","slug":"vaccine-finished-in-two-hours-people-returned-disappointed-raibaraily-news-lko590646382","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो घंटे में वैक्सीन खत्म, मायूस लौटे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो घंटे में वैक्सीन खत्म, मायूस लौटे लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचने के लिए टीका ही एक सहारा है लेकिन जिले में वैक्सीन का संकट बरकरार है। लक्ष्य के सापेक्ष टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। हर महीने पांच लाख लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है लेकिन पांच लाख टीके लगने में सात महीने लग गए।
वैक्सीन की किल्लत के चलते लोगों को सेंटरों से मायूस हो लौटना पड़ रहा है। सोमवार को शहर में दो घंटे में ही वैक्सीन खत्म हो गई जिससे लोगों को मायूस लौटना पड़ा।
जिले में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण शुरू हुआ था। स्वास्थ्यकर्मियों, कोरोना योद्धाओं में टीकाकरण के बाद आम लोगों को कोरोना से बचाने का प्रयास शुरू किया गया। शुरू में तो लोग टीका लगवाने से बच रहे थे लेकिन जागरूकता आने के बाद लोग बढ़-चढ़कर टीका लगवाने के लिए सेंटरों पर पहुंच रहे हैं। अब लोगों में जागरूकता आने के बाद सरकार जिले को वैक्सीन नहीं उपलब्ध करा पा रही है।
विज्ञापन
हर महीने पांच लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन डेढ़ महीने में मात्र दो लाख डोज वैक्सीन ही जिले को मिली है। सप्ताह में तीन से चार दिन ही टीका लग पा रहा है जबकि हर रोज 10 से 15 हजार लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
सोमवार को भी जिले में वैक्सीन की कमी के कारण लोगों को टीका लगवाने के लिए भटकना पड़ा। शहर में तो दो घंटे में ही वैक्सीन खत्म हो गई। ऐसे में लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
एनएचएम के जिला शहरी समन्वयक विनय पांडेय ने बताया कि शहर के लिए दो हजार डोज वैक्सीन मिली थी। सोमवार दोपहर दो बजे तक पूरी वैक्सीन खत्म हो गई। कुष्ठ सेवा आश्रम में सोमवार से टीकाकरण शुरू कराया गया।
यहां 50 लोगों को टीके लगाए गए। इसके अलावा जिला अस्पताल में 666, आईएमए में 453, देवानंदपुर में 350, गोराबाजार में 250, मोहद्दीनपुर में 130, बरवारीपुर में 150 व सुपर मार्केट में 151 लोगों को टीके लगाए गए।
टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. खालिद रिजवान ने बताया कि वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रही है। जो वैक्सीन मिलती है, उसे तुरंत जिले के सभी सेंटरों पर पहुंचवाकर टीकाकरण कराया जाता है। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन मिल जाए तो टीकाकरण का लक्ष्य समय से पूरा हो जाए। टीका लगवाने को लेकर लोगों में जागरूकता है।
विज्ञापन
वैक्सीन की किल्लत के चलते लोगों को सेंटरों से मायूस हो लौटना पड़ रहा है। सोमवार को शहर में दो घंटे में ही वैक्सीन खत्म हो गई जिससे लोगों को मायूस लौटना पड़ा।
विज्ञापन
जिले में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण शुरू हुआ था। स्वास्थ्यकर्मियों, कोरोना योद्धाओं में टीकाकरण के बाद आम लोगों को कोरोना से बचाने का प्रयास शुरू किया गया। शुरू में तो लोग टीका लगवाने से बच रहे थे लेकिन जागरूकता आने के बाद लोग बढ़-चढ़कर टीका लगवाने के लिए सेंटरों पर पहुंच रहे हैं। अब लोगों में जागरूकता आने के बाद सरकार जिले को वैक्सीन नहीं उपलब्ध करा पा रही है।
विज्ञापन
हर महीने पांच लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन डेढ़ महीने में मात्र दो लाख डोज वैक्सीन ही जिले को मिली है। सप्ताह में तीन से चार दिन ही टीका लग पा रहा है जबकि हर रोज 10 से 15 हजार लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
सोमवार को भी जिले में वैक्सीन की कमी के कारण लोगों को टीका लगवाने के लिए भटकना पड़ा। शहर में तो दो घंटे में ही वैक्सीन खत्म हो गई। ऐसे में लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
एनएचएम के जिला शहरी समन्वयक विनय पांडेय ने बताया कि शहर के लिए दो हजार डोज वैक्सीन मिली थी। सोमवार दोपहर दो बजे तक पूरी वैक्सीन खत्म हो गई। कुष्ठ सेवा आश्रम में सोमवार से टीकाकरण शुरू कराया गया।
यहां 50 लोगों को टीके लगाए गए। इसके अलावा जिला अस्पताल में 666, आईएमए में 453, देवानंदपुर में 350, गोराबाजार में 250, मोहद्दीनपुर में 130, बरवारीपुर में 150 व सुपर मार्केट में 151 लोगों को टीके लगाए गए।
टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. खालिद रिजवान ने बताया कि वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रही है। जो वैक्सीन मिलती है, उसे तुरंत जिले के सभी सेंटरों पर पहुंचवाकर टीकाकरण कराया जाता है। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन मिल जाए तो टीकाकरण का लक्ष्य समय से पूरा हो जाए। टीका लगवाने को लेकर लोगों में जागरूकता है।