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Raebareli News: मोटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट तैयार, मंत्रालय से मिली ट्रेनिंग की मंजूरी

Wed, 14 Dec 2022 11:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Dec 2022 11:36 PM IST
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Traffic Research Institute ready, training approved from ministry
रायबरेली। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इंस्टीट्यूट फॉर ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च (आईडीटीआर) का भवन बनकर तैयार हो गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने व्यवसायिक और निजी वाहन चालकों को ट्रेनिंग देने के लिए मंजूरी भी दे दी है। जल्द ही रिसर्च सेंटर का शुभारंभ कराने की तैयारी है। आईडीटीआर के आरंभ होने से मोटर ट्रेनिंग का प्रशिक्षण लेने के लिए लोगों को इधर-उधर भागना नहीं पड़ेगा।
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सांसद सोनिया गांधी के प्रयास से वर्ष 2014 में जिले के हरचंदपुर क्षेत्र के दतौली गांव के पास आईडीटीआर की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कराई गई थी। करीब 12 एकड़ जमीन मिलने के बाद शिलान्यास किया गया था।
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यूपी सिडको को निर्माण एजेंसी नामित किया गया था। करीब 20 करोड़ की लागत से इस भवन का निर्माण वर्ष 2020 में ही पूरा हो जाना था, लेकिन कोरोना व अन्य कारणों से काम पूरा नहीं हो पाया था। यह प्रदेश का पहला मोटर ट्रेनिंग और ट्रैफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट है। अब रिसर्च सेंटर का भवन बनकर तैयार हो गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से व्यवसायिक और निजी वाहन चालकों को ट्रेनिंग देने के लिए मंजूरी भी मिल गई है।
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उम्मीद है कि नए साल से आईडीटीआर शुरू हो जाएगा। अब तक मोटर ट्रेनिंग के लिए लोगों को परेशान होना पड़ता था। प्राइवेट मोटर ट्रेनिंग सेंटरों से प्रशिक्षण लेना पड़ रहा था, लेकिन सेंटर के आरंभ होने के बाद जिले के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को भी फायदा होगा। आईडीटीआर में मोटर ट्रेनिंग से संबंधित कई कोर्सं संचालित किए जाएंगे।
जिले में आईडीटीआर को शुरू होने में देरी का फायदा जिले के निजी मोटर ट्रेनिंग स्कूलों के संचालक उठा रहे हैं। 15 से 20 हजार रुपये की वसूली करके लोगों को मोटर ट्रेनिंग करने का प्रमाणपत्र दे रहे हैं।

खासकर व्यवसायिक वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए यह प्रमाणपत्र जरूरी है। मनमाने तरीकेे से संचालित मोटर ट्रेनिंग सेंटरों में कागजी खानापूरी करके रुपये लेकर प्रमाणपत्र दे रहे हैं। रिसर्च सेंटर के आरंभ होने के बाद जिले के लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी और प्रशिक्षण के नाम पर वसूले जा रहे रुपये भी बच सकेंगे।
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