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Raebareli News: कपड़े धोते-धोते साफ हो गए नौकरी के तीन साल
Sat, 29 Nov 2025 01:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 29 Nov 2025 01:16 AM IST
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रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में कुछ भी हो सकता है। चार साल अधिक नौकरी करने वाले पूर्व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दशरथ यादव का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि विभाग में धोबी के पद पर कार्यरत गयादीन की नौकरी तीन साल घट गई। सत्यापन में मामला पकड़ में आने के बाद कर्मचारी का वेतन रोक दिया गया। वेतन रुकते ही कर्मचारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने 12 दिसंबर तक स्वास्थ्य विभाग से काउंटर शपथपत्र मांगा है।
स्वास्थ्य विभाग में धोबी के पद पर गयादीन की तैनाती है। पूर्व में महराजगंज सीएचसी में नौकरी करने बाद गयादीन वर्तमान समय में मुख्यालय पर सेवा दे रहे हैं। मार्कशीट व अन्य अभिलेखों में कर्मचारी की उम्र जुलाई 1968 है, लेकिन मानक संपदा पोर्टल पर उसकी उम्र दिसंबर 1965 अंकित की गई है। ऐसी स्थिति में दिसंबर में ही कर्मचारी को रिटायर्ड कर दिया जाएगा।
अभिलेखों और पोर्टल पर जन्मतिथि में अंतर पकड़ में आने के बाद कर्मचारी का वेतन रोक दिया गया। वेतन बहाल न किए जाने पर कर्मचारी ने हाईकाेर्ट में मुकदमा कर दिया। कर्मचारी ने मानव संपदा पोर्टल पर सही जन्मतिथि को अंकित कराकर नियमानुसार लाभ दिलाने की मांग की है। पोर्टल में कर्मचारी की जन्मतिथि को संशोधित करने के लिए सीएमओ स्तर से शासन को पत्र लिखा गया है।
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पोर्टल में संशोधन नहीं कर पा रहे अफसर
स्वास्थ्य विभाग में मानव संपदा पोर्टल पर अंकित जानकारी के अनुसार ही अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले और रिटायरमेंट होते हैं। गयादीन की जन्मतिथि 1968 से बढ़ाकर 1965 किए जाने के बाद अब पोर्टल में संशोधन विभागीय अधिकारी नहीं कर पा रहे हैं। कोर्ट से निर्णय आने के बाद ही कर्मचारी को लाभ मिल सकेगा। यदि कोर्ट से उसके पक्ष में निर्णय नहीं आया तो दिसंबर में कर्मचारी को रिटायर्ड ही होना पडे़गा। विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा गयादीन को भोगना पड़ रहा है।
एसीएमओ के मामले में दिसंबर में आ सकता है कोर्ट का निर्णय
जौनपुर जिले में तैनाती के दौरान जन्मतिथि में हेराफेरी करके चार साल अधिक नौकरी करने वाले पूर्व एसीएमओ डॉ. दशरथ यादव में मामले में दिसंबर में हाईकोर्ट का निर्णय आ सकता है। मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जवाब कोर्ट में दाखिल किया जा चुका है। हाईकोर्ट में 15 दिसंबर को अगली तारीख लगी है।
इस मामले में सीएमओ ने शहर कोतवाली में पूर्व एसीएमओ के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है। पूर्व एसीएमओ ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि वे चार साल तक लिए गए वेतन को जमा करने के लिए तैयार हैं। उन्हें नियमानुसार रिटायर्ड करके सभी देयकों का भुगतान दिया जाए।
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स्वास्थ्य विभाग में धोबी के पद पर गयादीन की तैनाती है। पूर्व में महराजगंज सीएचसी में नौकरी करने बाद गयादीन वर्तमान समय में मुख्यालय पर सेवा दे रहे हैं। मार्कशीट व अन्य अभिलेखों में कर्मचारी की उम्र जुलाई 1968 है, लेकिन मानक संपदा पोर्टल पर उसकी उम्र दिसंबर 1965 अंकित की गई है। ऐसी स्थिति में दिसंबर में ही कर्मचारी को रिटायर्ड कर दिया जाएगा।
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अभिलेखों और पोर्टल पर जन्मतिथि में अंतर पकड़ में आने के बाद कर्मचारी का वेतन रोक दिया गया। वेतन बहाल न किए जाने पर कर्मचारी ने हाईकाेर्ट में मुकदमा कर दिया। कर्मचारी ने मानव संपदा पोर्टल पर सही जन्मतिथि को अंकित कराकर नियमानुसार लाभ दिलाने की मांग की है। पोर्टल में कर्मचारी की जन्मतिथि को संशोधित करने के लिए सीएमओ स्तर से शासन को पत्र लिखा गया है।
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पोर्टल में संशोधन नहीं कर पा रहे अफसर
स्वास्थ्य विभाग में मानव संपदा पोर्टल पर अंकित जानकारी के अनुसार ही अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले और रिटायरमेंट होते हैं। गयादीन की जन्मतिथि 1968 से बढ़ाकर 1965 किए जाने के बाद अब पोर्टल में संशोधन विभागीय अधिकारी नहीं कर पा रहे हैं। कोर्ट से निर्णय आने के बाद ही कर्मचारी को लाभ मिल सकेगा। यदि कोर्ट से उसके पक्ष में निर्णय नहीं आया तो दिसंबर में कर्मचारी को रिटायर्ड ही होना पडे़गा। विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा गयादीन को भोगना पड़ रहा है।
एसीएमओ के मामले में दिसंबर में आ सकता है कोर्ट का निर्णय
जौनपुर जिले में तैनाती के दौरान जन्मतिथि में हेराफेरी करके चार साल अधिक नौकरी करने वाले पूर्व एसीएमओ डॉ. दशरथ यादव में मामले में दिसंबर में हाईकोर्ट का निर्णय आ सकता है। मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जवाब कोर्ट में दाखिल किया जा चुका है। हाईकोर्ट में 15 दिसंबर को अगली तारीख लगी है।
इस मामले में सीएमओ ने शहर कोतवाली में पूर्व एसीएमओ के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है। पूर्व एसीएमओ ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि वे चार साल तक लिए गए वेतन को जमा करने के लिए तैयार हैं। उन्हें नियमानुसार रिटायर्ड करके सभी देयकों का भुगतान दिया जाए।