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तीन राइस मिलों ने लाखों का चावल किया गबन
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रायबरेली। वर्ष 2020-21 में सरकारी क्रय केंद्रों से धान लेने के बाद भी लाखों का चावल गबन कर लिया गया। मांगने के बाद भी राइस मालिकों की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया कि चावल कहां चला गया। डीएम की संस्तुति पर एक साल बाद राइस मिल मालिकों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
सोमवार को पीसीएफ के जिला प्रबंधक सौरभ यादव की तरफ से अलग-अलग तीन तहरीर सदर कोतवाली में राइस मिल मालिकों के खिलाफ दी गई। हालांकि कोतवाली पुलिस ने मिल क्षेत्र से संबंधित थानों में तहरीर देने की बात कही।
जिला प्रबंधक की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक तीन राइस मिल मालिकों ने अलग-अलग कीमत का चावल गबन किया है। जिला प्रबंधक ने मे. भारत एग्रो फूड्स सेमरी की मालकिन विनीता साहू पर 3823099 रुपये का 1223.56 क्विंटल चावल का गबन करने का आरोप लगाया है।
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इसी तरह आरएसएस राइस मिल के मालिक राजकुमार सिंह पर 124982 रुपये का 40 क्विंटल चावल गबन करने का आरोप लगाया गया। इसके अलावा मे. नव दुर्गे राइस मिल घुरवारा के मालिक जय प्रकाश सिंह पर 3237055 रुपये का 1036 क्विंटल चावल गबन करने का आरोप लगाया गया।
डीएम के निर्देश पर जिला प्रबंधक ने सदर कोतवाल राघवन कुमार सिंह से मुलाकात की और पूरे प्रकरण की जानकारी दी। कोतवाल का कहना है कि राइस मिल मालिकों के खिलाफ चावल गबन करने की तहरीर दी गई थी लेकिन बाद में राइस मिलों के दूसरे क्षेत्र में होने के कारण उस क्षेत्र से संबंधित थानों में तहरीर देने की बात कही गई। जिला प्रबंधक का कहना है कि खीरों, जगतपुर और डलमऊ कोतवाली में राइस मिल मालिकों के खिलाफ चावल गबन करने की तहरीर दी गई है।
जिला प्रबंधक का कहना है कि सरकारी धान खरीद में तीन राइस मिलों को पीसीएफ से संबद्ध किया गया था। मिलों की तरफ से चावल बनाने के लिए पीसीएफ के क्रय केंद्रों से धान उठाया गया था। बावजूद इसके चावल वापस नहीं किया गया और उसका गबन कर लिया गया। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद पहले ही तीनों राइस मिलों को सीज कर दिया गया था। अब एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
जिला प्रबंधक सौरभ यादव का कहना है कि अमेठी व प्रतापगढ़ समेत कई अन्य जिलों में भी इसी तरह चावल का गबन राइस मिल मालिकों की ओर से किया गया है। जांच में रायबरेली में ही राइस मिल मालिकों का चावल गबन करने का खेल पकड़ा गया है।
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सोमवार को पीसीएफ के जिला प्रबंधक सौरभ यादव की तरफ से अलग-अलग तीन तहरीर सदर कोतवाली में राइस मिल मालिकों के खिलाफ दी गई। हालांकि कोतवाली पुलिस ने मिल क्षेत्र से संबंधित थानों में तहरीर देने की बात कही।
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जिला प्रबंधक की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक तीन राइस मिल मालिकों ने अलग-अलग कीमत का चावल गबन किया है। जिला प्रबंधक ने मे. भारत एग्रो फूड्स सेमरी की मालकिन विनीता साहू पर 3823099 रुपये का 1223.56 क्विंटल चावल का गबन करने का आरोप लगाया है।
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इसी तरह आरएसएस राइस मिल के मालिक राजकुमार सिंह पर 124982 रुपये का 40 क्विंटल चावल गबन करने का आरोप लगाया गया। इसके अलावा मे. नव दुर्गे राइस मिल घुरवारा के मालिक जय प्रकाश सिंह पर 3237055 रुपये का 1036 क्विंटल चावल गबन करने का आरोप लगाया गया।
डीएम के निर्देश पर जिला प्रबंधक ने सदर कोतवाल राघवन कुमार सिंह से मुलाकात की और पूरे प्रकरण की जानकारी दी। कोतवाल का कहना है कि राइस मिल मालिकों के खिलाफ चावल गबन करने की तहरीर दी गई थी लेकिन बाद में राइस मिलों के दूसरे क्षेत्र में होने के कारण उस क्षेत्र से संबंधित थानों में तहरीर देने की बात कही गई। जिला प्रबंधक का कहना है कि खीरों, जगतपुर और डलमऊ कोतवाली में राइस मिल मालिकों के खिलाफ चावल गबन करने की तहरीर दी गई है।
जिला प्रबंधक का कहना है कि सरकारी धान खरीद में तीन राइस मिलों को पीसीएफ से संबद्ध किया गया था। मिलों की तरफ से चावल बनाने के लिए पीसीएफ के क्रय केंद्रों से धान उठाया गया था। बावजूद इसके चावल वापस नहीं किया गया और उसका गबन कर लिया गया। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद पहले ही तीनों राइस मिलों को सीज कर दिया गया था। अब एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
जिला प्रबंधक सौरभ यादव का कहना है कि अमेठी व प्रतापगढ़ समेत कई अन्य जिलों में भी इसी तरह चावल का गबन राइस मिल मालिकों की ओर से किया गया है। जांच में रायबरेली में ही राइस मिल मालिकों का चावल गबन करने का खेल पकड़ा गया है।