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सफाई के ठेके के लिए तीन फर्मों ने डाला टेंडर
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रायबरेली। शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना लागू कराने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। सफाई का ठेका पाने के लिए तीन फार्मों ने टेंडर डाला है। जल्द टेंडर खोलकर नई फर्म को काम करने का मौका दिया जाएगा। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना का संचालन नगर पालिका रायबरेली में पहले से ही शुरू करा दिया गया था। लखनऊ की जिस संस्था को इस योजना की जिम्मेदारी दी गई थी, वह ठीक तरीके से काम नहीं करा पा रही थी।
साफ-सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। यही वजह है कि ईओ डॉ. आशीष कुुमार सिंह ने लखनऊ की फर्म का ठेका निरस्त कर दिया था। इससे अब शहर की सफाई का काम पालिका में तैनात कर्मचारियों की ओर से कराया जा रहा है। अब नए सिरे से डोर टू डोर कूूड़ा कलेक्शन योजना शुरू कराने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसके लिए कानपुर की दो, जबकि औरैया जिले की एक फर्म ने टेंडर डाला है। अब टेंडर खोला जाना है। अब देखना ये है कि इस बार किस फर्म को सफाई की जिम्मेदारी मिल पाती है। वैसे इस बार अधिकारियों का मानना है कि उसी फर्म को काम दिया जाएगा, जो बेहतर साफ-सफाई कर सके।
इस बार नंबर वन बनने का सपना
स्वच्छता के मामले में अपना रायबरेली शहर और साफ सुथरा हुआ है। इस बार स्वच्छता सर्वेेक्षण रिपोर्ट में प्रदेश में छठा, जबकि देश में रायबरेली शहर को 323वां स्थान मिला है। कुछ कमियां रहने के कारण प्रदेश में शहर पहले स्थान पर नहीं आ पाया था। खासकर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना फेल होने पर सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। इस लिहाज से अब डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना का नए सिरे से संचालन कराने का प्रयास तेजी के साथ किया जा रहा है, ताकि अगले साल जारी होने वाली स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में रायबरेली शहर की रैंकिंग नंबर वन हो सके।
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रायबरेली शहर को साफ सुथरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना का फिर से संचालन कराया जाएगा। इसके लिए कानपुर नगर और औरैया जिले की तीन फर्मों ने टेंडर डाला है। जल्द टेंडर खोला जाएगा। इस बार उसी फर्म को मौका दिया जाएगा, जो साफ-सफाई व्यवस्था की कसौटी पर खरी उतर सके। -गिरीश बहादुर सिंह, कार्यवाहक ईओ
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साफ-सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। यही वजह है कि ईओ डॉ. आशीष कुुमार सिंह ने लखनऊ की फर्म का ठेका निरस्त कर दिया था। इससे अब शहर की सफाई का काम पालिका में तैनात कर्मचारियों की ओर से कराया जा रहा है। अब नए सिरे से डोर टू डोर कूूड़ा कलेक्शन योजना शुरू कराने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसके लिए कानपुर की दो, जबकि औरैया जिले की एक फर्म ने टेंडर डाला है। अब टेंडर खोला जाना है। अब देखना ये है कि इस बार किस फर्म को सफाई की जिम्मेदारी मिल पाती है। वैसे इस बार अधिकारियों का मानना है कि उसी फर्म को काम दिया जाएगा, जो बेहतर साफ-सफाई कर सके।
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स्वच्छता के मामले में अपना रायबरेली शहर और साफ सुथरा हुआ है। इस बार स्वच्छता सर्वेेक्षण रिपोर्ट में प्रदेश में छठा, जबकि देश में रायबरेली शहर को 323वां स्थान मिला है। कुछ कमियां रहने के कारण प्रदेश में शहर पहले स्थान पर नहीं आ पाया था। खासकर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना फेल होने पर सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। इस लिहाज से अब डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना का नए सिरे से संचालन कराने का प्रयास तेजी के साथ किया जा रहा है, ताकि अगले साल जारी होने वाली स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में रायबरेली शहर की रैंकिंग नंबर वन हो सके।
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रायबरेली शहर को साफ सुथरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना का फिर से संचालन कराया जाएगा। इसके लिए कानपुर नगर और औरैया जिले की तीन फर्मों ने टेंडर डाला है। जल्द टेंडर खोला जाएगा। इस बार उसी फर्म को मौका दिया जाएगा, जो साफ-सफाई व्यवस्था की कसौटी पर खरी उतर सके। -गिरीश बहादुर सिंह, कार्यवाहक ईओ