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Raebareli News: आवास का पैसा दूसरे के खाते में भेजने की होगी जांच
Fri, 31 Oct 2025 01:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 31 Oct 2025 01:51 AM IST
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रायबरेली। प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त लाभार्थी को न देकर दूसरी महिला के खाते में भेजने के मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। मामले में सीडीओ ने तीन अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर 10 दिन में जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
सलोन के बगहा निवासी अनारकली पत्नी रामकिशुन को वर्ष 2020-21 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। आवास की पहली किस्त की धनराशि लाभार्थी को न देकर देशरानी पत्नी संतोष कुमार के खाते में भेज दी गई थी। ऐसी स्थिति में महिला के आवास का निर्माण नहीं हो सका। पूर्व में जांच के बाद रिपोर्ट बीडीओ सलोन और ऊंचाहार ने दी थी, जिसके बाद सलोन ब्लॉक के तत्कालीन पटल सहायक आनंद कुमार श्रीवास्तव को हटा दिया गया था।
मामले में पटल सहायक को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया। पटल सहायक के जवाब और जांच में अंतर होने पर सीडीओ ने जांच के आदेश दिए हैं। शासकीय धन के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए मामले की जांच के लिए उपायुक्त स्वत: रोजगार की अध्यक्षता में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी की जांच कमेटी गठित की है। जांच कमेटी को जांच करके 10 दिन में जवाब देने के आदेश दिए गए हैं। सीडीओ अंजूलता का कहना है कि रिपोर्ट आने के मामले में निर्णय लिया जाएगा।
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सलोन के बगहा निवासी अनारकली पत्नी रामकिशुन को वर्ष 2020-21 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। आवास की पहली किस्त की धनराशि लाभार्थी को न देकर देशरानी पत्नी संतोष कुमार के खाते में भेज दी गई थी। ऐसी स्थिति में महिला के आवास का निर्माण नहीं हो सका। पूर्व में जांच के बाद रिपोर्ट बीडीओ सलोन और ऊंचाहार ने दी थी, जिसके बाद सलोन ब्लॉक के तत्कालीन पटल सहायक आनंद कुमार श्रीवास्तव को हटा दिया गया था।
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मामले में पटल सहायक को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया। पटल सहायक के जवाब और जांच में अंतर होने पर सीडीओ ने जांच के आदेश दिए हैं। शासकीय धन के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए मामले की जांच के लिए उपायुक्त स्वत: रोजगार की अध्यक्षता में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी की जांच कमेटी गठित की है। जांच कमेटी को जांच करके 10 दिन में जवाब देने के आदेश दिए गए हैं। सीडीओ अंजूलता का कहना है कि रिपोर्ट आने के मामले में निर्णय लिया जाएगा।
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