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महिला व दो बेटियों की डूबकर मौत
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:40 PM IST
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रायबरेली में मंगलवार को सलोन कोतवाली क्षेत्र में सई नदी में मां और दो बेटियों की डूबने से हुई मौत के बाद लगा ग्रामीणों का मजमा।
- फोटो : अमर उजाला
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सलोन कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार को सई नदी में डूबकर महिला और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब तीनों नदी किनारे कपड़े धोने गईं थीं। घटना की जानकारी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों के शव को बाहर निकाला जा सका।
सीओ और कोतवाल ने मामले की जांच की। पुलिस ने लिखापढ़ी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सलोन कोतवाली क्षेत्र के पूरे इच्छनगोड़ा मजरे सिरसिरा गांव निवासी गंगादीन मजदूरी करता है। गांव से होकर ही सई नदी निकली है।
गंगादीन की पत्नी नीलम (35) व बेटियां राजकुमारी (10), शिव कुमारी (12) सई नदी में कपड़ा धुलने गई थी। बताते हैं कि नीलम कपड़ा धो रही थी, वहीं पर उसकी दोनों बेटियां बैठी थी। इसी दौरान छोटी राजकुमारी नदी में नहाने चली गई। कुछ देर बाद बेटी नहीं आई तो नीलम उसकी खोजबीन के लिए नदी में छलांग लगा दी।
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नीलम भी कुछ देर बाद नहीं लौटी तो बड़ी बेटी शिव कुमारी भी नदी में कूद गई। इस तरह नीलम और उसकी दोनों बेटियां नदी में डूब गई। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उनके होश फाख्ता हो गए। पुलिस के साथ भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए।
एक घंटे की मशक्कत के बाद नीलम और उसकी दोनों बेटियों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। सीओ अवधेश पांडेय और कोतवाल अमर सिंह रघुवंशी ने घटना की जांच की। सीओ का कहना है कि महिला और उसकी दोनों बेटियां कपड़ा धोने गईं थीं। इसी दौरान एक-एक करके नदी में डूब गई और उनकी मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
वहीं एक साथ तीन मौतों से हंसते खेलते परिवार की खुशियां गम में तब्दील हो गई। हर तरफ चीखें गूंजने लगी। परिवारीजन ही नहीं, बल्कि वहां पर मौजूद हर व्यक्ति की इस दर्दनाक हादसे से आंखें भर आई। किसी को एहसास भी नहीं हो रहा था कि उनके गांव में ऐसी घटना हो जाएगी। एक साथ तीन मौतों का मंजर देखा तो गमगीन हो गए।
पूरे इच्छनगोड़ा मजरे सिरसिरा गांव निवासी गंगादीन की पत्नी और दो बेटियों की मौत के बाद अब सबसे छोटी बेटी सुनीता बची है, जो महज एक साल की है। घर कच्चा बना है। बारिश होती है तो टपकने लगता है। गंगादीन की मानें तो गांव से होकर निकली सई नदी पर अक्सर पत्नी और बेटियां कपड़े धोने जाती थीं। हर बार सकुशल लौट आती थी।
कभी एक पल भी नहीं लगा था कि नदी में डूबने से पत्नी और बेटियों की मौत हो जाएगी। पत्नी और बेटियों की मौत से पति गंगादीन के आंसू नहीं थम रहे हैं। घटना की सूचना पर नाते-रिश्तेदारों का जमावड़ा घर पर लग गया है। कोई पहुंचता है तो तेजी से चीखें गूंजने लगती हैं।
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सीओ और कोतवाल ने मामले की जांच की। पुलिस ने लिखापढ़ी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सलोन कोतवाली क्षेत्र के पूरे इच्छनगोड़ा मजरे सिरसिरा गांव निवासी गंगादीन मजदूरी करता है। गांव से होकर ही सई नदी निकली है।
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गंगादीन की पत्नी नीलम (35) व बेटियां राजकुमारी (10), शिव कुमारी (12) सई नदी में कपड़ा धुलने गई थी। बताते हैं कि नीलम कपड़ा धो रही थी, वहीं पर उसकी दोनों बेटियां बैठी थी। इसी दौरान छोटी राजकुमारी नदी में नहाने चली गई। कुछ देर बाद बेटी नहीं आई तो नीलम उसकी खोजबीन के लिए नदी में छलांग लगा दी।
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नीलम भी कुछ देर बाद नहीं लौटी तो बड़ी बेटी शिव कुमारी भी नदी में कूद गई। इस तरह नीलम और उसकी दोनों बेटियां नदी में डूब गई। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उनके होश फाख्ता हो गए। पुलिस के साथ भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए।
एक घंटे की मशक्कत के बाद नीलम और उसकी दोनों बेटियों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। सीओ अवधेश पांडेय और कोतवाल अमर सिंह रघुवंशी ने घटना की जांच की। सीओ का कहना है कि महिला और उसकी दोनों बेटियां कपड़ा धोने गईं थीं। इसी दौरान एक-एक करके नदी में डूब गई और उनकी मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
वहीं एक साथ तीन मौतों से हंसते खेलते परिवार की खुशियां गम में तब्दील हो गई। हर तरफ चीखें गूंजने लगी। परिवारीजन ही नहीं, बल्कि वहां पर मौजूद हर व्यक्ति की इस दर्दनाक हादसे से आंखें भर आई। किसी को एहसास भी नहीं हो रहा था कि उनके गांव में ऐसी घटना हो जाएगी। एक साथ तीन मौतों का मंजर देखा तो गमगीन हो गए।
पूरे इच्छनगोड़ा मजरे सिरसिरा गांव निवासी गंगादीन की पत्नी और दो बेटियों की मौत के बाद अब सबसे छोटी बेटी सुनीता बची है, जो महज एक साल की है। घर कच्चा बना है। बारिश होती है तो टपकने लगता है। गंगादीन की मानें तो गांव से होकर निकली सई नदी पर अक्सर पत्नी और बेटियां कपड़े धोने जाती थीं। हर बार सकुशल लौट आती थी।
कभी एक पल भी नहीं लगा था कि नदी में डूबने से पत्नी और बेटियों की मौत हो जाएगी। पत्नी और बेटियों की मौत से पति गंगादीन के आंसू नहीं थम रहे हैं। घटना की सूचना पर नाते-रिश्तेदारों का जमावड़ा घर पर लग गया है। कोई पहुंचता है तो तेजी से चीखें गूंजने लगती हैं।