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जिला अस्पताल में तीन डॉक्टर की टीम तैनात
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Nov 2015 11:41 PM IST
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दवाओं का इंतजाम कर दिया गया है। पटाखा विस्फोट की घटना होने पर घायलों के इलाज की व्यवस्था भी जिला अस्पताल
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में की गई है, ताकि घटना के वक्त कोई दिक्कत न हो।
डॉक्टर का कहना है कि लोगों को चाहिए कि इस खुशी के मौके पर सावधान रहें। इसलिए जरूरी है कि कम आवाज वाले पटाखों का प्रयोग किया जाए। भीड़भाड़ वाले इलाके में पटाखा न दगाएं।
जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल के मुताबिक पटाखों का शोर गर्भवती महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। गर्भपात का खतरा रहता है। इसलिए वह तेज आवाज वाले पटाखों से दूर रहें। यही नहीं तेज आवाज वाले पटाखा फटने की वजह से कान पर भी असर पड़ सकता है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि दीपावली पर्व पर किसी अनहोनी घटना से निपटने के लिए बर्नवार्ड में इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
सीएमओ डॉ. राकेश यादव ने कहा कि दीपावली पर किसी अनहोनी से निपटने के लिए जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी-पीएचसी में इलाज की व्यवस्था कर ली गई है। डॉक्टरों और अन्य स्टाफ से मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेद्र सिंह का कहना है कि पटाखा दगाते समय सावधानी बरतना जरूरी होता है। अधिक आवाज वाले पटाखे दगाने से कान की बीमारी होने का खतरा रह सकता है।
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कहा कि पटाखों को खुली जगह में जलाएं। पटाखों से उचित दूरी रखें। सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें। बच्चों को हमेशा निगरानी में रखकर पटाखा जलाने दें। पटाखे का प्रयोग चश्मा पहनकर करें।
हादसा होने पर आंखों को कतई न रगड़ें।आंखें खुलवाकर साफ पानी से धीमे प्रवाह में धोयें। कोई भी दवा बिना नेत्र सर्जन की सलाह के न डालें। आंख लाल होने पर, दर्द होने पर नेत्र विशेषज्ञ की सलाह पर लें।
इमरजेंसी में इन नंबरों पर करिए फोन
जिला अस्पताल 8005192796
फायर बिग्रेड 9454418353
सीएमओ 9415912246
पावर कॉर्पोरेशन 9415901226
डॉक्टर का कहना है कि लोगों को चाहिए कि इस खुशी के मौके पर सावधान रहें। इसलिए जरूरी है कि कम आवाज वाले पटाखों का प्रयोग किया जाए। भीड़भाड़ वाले इलाके में पटाखा न दगाएं।
जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल के मुताबिक पटाखों का शोर गर्भवती महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। गर्भपात का खतरा रहता है। इसलिए वह तेज आवाज वाले पटाखों से दूर रहें। यही नहीं तेज आवाज वाले पटाखा फटने की वजह से कान पर भी असर पड़ सकता है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि दीपावली पर्व पर किसी अनहोनी घटना से निपटने के लिए बर्नवार्ड में इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
सीएमओ डॉ. राकेश यादव ने कहा कि दीपावली पर किसी अनहोनी से निपटने के लिए जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी-पीएचसी में इलाज की व्यवस्था कर ली गई है। डॉक्टरों और अन्य स्टाफ से मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
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जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेद्र सिंह का कहना है कि पटाखा दगाते समय सावधानी बरतना जरूरी होता है। अधिक आवाज वाले पटाखे दगाने से कान की बीमारी होने का खतरा रह सकता है।
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कहा कि पटाखों को खुली जगह में जलाएं। पटाखों से उचित दूरी रखें। सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें। बच्चों को हमेशा निगरानी में रखकर पटाखा जलाने दें। पटाखे का प्रयोग चश्मा पहनकर करें।
हादसा होने पर आंखों को कतई न रगड़ें।आंखें खुलवाकर साफ पानी से धीमे प्रवाह में धोयें। कोई भी दवा बिना नेत्र सर्जन की सलाह के न डालें। आंख लाल होने पर, दर्द होने पर नेत्र विशेषज्ञ की सलाह पर लें।
इमरजेंसी में इन नंबरों पर करिए फोन
जिला अस्पताल 8005192796
फायर बिग्रेड 9454418353
सीएमओ 9415912246
पावर कॉर्पोरेशन 9415901226