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सौतेली मां-भाई ने ही मिलकर सरिता को उतारा था मौत के घाट

Sat, 05 Oct 2019 12:39 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Oct 2019 12:39 AM IST
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The step mother and brother together killed Sarita
रायबरेली। चार दिन पहले हुई विवाहिता की हत्या के मामले का शुक्रवार को पर्दाफाश हो गया। छह बीघा जमीन और मकान हथियाने के लिए सौतेली मां व भाई ने ही सरिता को मौत के घाट उतारा था।
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पुलिस ने दोनों आरोपी मां-बेटे को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। एएसपी शशिशेखर सिंह ने बताया कि शिवगढ़ थाना क्षेत्र के अमानखेड़ा मजरे रानीखेड़ा गांव की रहने वाली सरिता की एक अक्तूबर की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी।
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अज्ञात में केस दर्ज करके पड़ताल शुरू की गई थी। सीओ महराजगंज विनीत सिंह की अगुवाई में थानेदार आशीष कुमार विद्यार्थी ने पुलिस टीम के साथ इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश किया। इस मामले विद्यावती और उसके बेटे दिलीप को गिरफ्तार किया गया।
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यह दोनों मृतका सरिता की सौतेली मां व भाई हैं। एएसपी ने बताया कि एक मकान और छह बीघा जमीन हथियाने के चक्कर में सरिता का कत्ल किया गया। वारदात वाले दिन सरिता घर पर चाय बना रही थी।
इसी दौरान पीछे से दिलीप पहुंच गया और दुपट्टे से गला दबाकर बहन को मार दिया। मां ने भी वारदात में सहयोग किया। हत्या के बाद दोनों ने सरिता के शव को भी ठिकाने लगाने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाए।
एएसपी ने बताया कि दोनों को जेल भेज दिया गया है। सीओ विनीत सिंह ने बताया कि पकड़ा गया सौतेला भाई दिलीप परिवार में अकेला था। फिर भी उसने अपने हाथ खून से लाल कर लिए। रामसूरत तीन भाई थे।
उसकी पहली पत्नी की मौत होने पर उसने दूसरी शादी विद्यावती से की थी। दिलीप विद्यावती के पहले पति का बेटा था। रामसूरत के अन्य दोनों भाइयों के कोई औलाद नहीं था।
उसके छोटे भाई रामभवन ने रामसूरत की पहली पत्नी से हुई बेटी सरिता की को गोद लिया था। उसने उसकी शादी लखनऊ जिले के नगराम निवासी सर्वेश के साथ की थी। पर इन सौतेली मां-भाई ने सोचा कि कहीं संपत्ति सरिता को न दे दी जाए।

इस पर उसने यह कत्ल कर दिया। शिवगढ़ थानेदार अजीत कुमार विद्यार्थी ने बताया कि नागपंचमी पर सरिता लखनऊ से गांव अमानखेड़ा आई थी। वारदात वाले दिन घर पर कोई नहीं था।
सरिता को पाल पोष करके बड़ा करने और फिर उसकी शादी करने वाला चताचा रामभवन खेत गया था। इसी का फायदा उठाकर दोनों ने मिलकर सरिता को मौत के घाट उतार दिया।
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