{"_id":"56fec55d4f1c1b7d45f00123","slug":"the-standard-of-fci-wheat-procurement-snag","type":"story","status":"publish","title_hn":"एफसीआई के मानक गेहूं खरीद में रोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एफसीआई के मानक गेहूं खरीद में रोड़ा
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:30 AM IST
विज्ञापन
गेहूं खरीद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गेहूं खरीद शुक्रवार से शुरू हो गई। एफसीआई इस बार भी गेहूं की खरीद करेगा। हर बार एफसीआई ही गेहूं व धान के भंडारण में रोड़े अटकाता रहता है। ऐसे में इस बार भी गेहूं पर पड़ी मौसम की मार के कारण उसके डैमेज होने की बात कहकर एफसीआई किसानों के गेहूं को लौटा सकता है।
इससे खरीद प्रभावित हो सकती है। गेहूं खरीद का पहला दिन होने के कारण शुक्रवार को जिले में क्रय केंद्र खुले तो जरूर रहे, लेकिन ज्यादातर स्थानों पर सन्नाटा पसरा रहा। शासन की ओर से खरीद लक्ष्य निर्धारित न किए जाने से अफसरों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शासन से आए निर्देश के बाद जिले में शुक्रवार से गेहूं खरीद शुरू कर दी गई। शहर से देहात क्षेत्रों में 71 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए। पिछली बार 1450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया था। वहीं इस बार बढ़ाकर 1525 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है।
विज्ञापन
सुबह से ही कर्मचारी क्रय केंद्रों को खोलकर बैठे रहे। इस दौरान किसान के आने का इंतजार करते रहे। केंद्रों पर गेहूं की तौल कराने के लिए कोई नहीं पहुंचा। वहीं शासन की ओर से अभी तक खरीद की कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। इससे विभागीय अधिकारी ऊहापोह की स्थिति में है।
गेहूं खरीद को लेकर केंद्र प्रभारी को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं अभी तक किसी को लक्ष्य नहीं दिया गया है। इसकी वजह शासन की ओर से कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं करना बताया जा रहा है। पिछली बार बारिश और ओलावृष्टि के कारण उत्पादन कम हुआ था।
इसके कारण लक्ष्य महज 35 हजार मीट्रिक टन रखा गया था। वहीं इस बार उत्पादन बढ़ने की संभावना है। विभागीय अफसरों की माने तो अबकी बार लक्ष्य बढ़ाया जा सकता है। इससे खरीद बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
डिप्टी आरएमओ अविनाश चंद्र सागरवाल ने बताया कि एक अप्रैल से जिले में गेहूं खरीद शुरू हो गयी है। 71 केंद्रों पर गेहूं खरीद किया जाएगा। शासन की ओर से अभी तक लक्ष्य नहीं मिला है। लक्ष्य मिलते ही केंद्रों को भी आवंटन कर दिया जाएगा। केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि गेहूं खरीद में कोई लापरवाही न बरती जाए।
विज्ञापन
इससे खरीद प्रभावित हो सकती है। गेहूं खरीद का पहला दिन होने के कारण शुक्रवार को जिले में क्रय केंद्र खुले तो जरूर रहे, लेकिन ज्यादातर स्थानों पर सन्नाटा पसरा रहा। शासन की ओर से खरीद लक्ष्य निर्धारित न किए जाने से अफसरों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन
शासन से आए निर्देश के बाद जिले में शुक्रवार से गेहूं खरीद शुरू कर दी गई। शहर से देहात क्षेत्रों में 71 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए। पिछली बार 1450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया था। वहीं इस बार बढ़ाकर 1525 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है।
विज्ञापन
सुबह से ही कर्मचारी क्रय केंद्रों को खोलकर बैठे रहे। इस दौरान किसान के आने का इंतजार करते रहे। केंद्रों पर गेहूं की तौल कराने के लिए कोई नहीं पहुंचा। वहीं शासन की ओर से अभी तक खरीद की कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। इससे विभागीय अधिकारी ऊहापोह की स्थिति में है।
गेहूं खरीद को लेकर केंद्र प्रभारी को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं अभी तक किसी को लक्ष्य नहीं दिया गया है। इसकी वजह शासन की ओर से कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं करना बताया जा रहा है। पिछली बार बारिश और ओलावृष्टि के कारण उत्पादन कम हुआ था।
इसके कारण लक्ष्य महज 35 हजार मीट्रिक टन रखा गया था। वहीं इस बार उत्पादन बढ़ने की संभावना है। विभागीय अफसरों की माने तो अबकी बार लक्ष्य बढ़ाया जा सकता है। इससे खरीद बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
डिप्टी आरएमओ अविनाश चंद्र सागरवाल ने बताया कि एक अप्रैल से जिले में गेहूं खरीद शुरू हो गयी है। 71 केंद्रों पर गेहूं खरीद किया जाएगा। शासन की ओर से अभी तक लक्ष्य नहीं मिला है। लक्ष्य मिलते ही केंद्रों को भी आवंटन कर दिया जाएगा। केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि गेहूं खरीद में कोई लापरवाही न बरती जाए।