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झुलसे युवक को नहीं मिला इलाज, मौत
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Tue, 28 Mar 2017 11:52 PM IST
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death
- फोटो : getty images
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सरेनी थाना क्षेत्र के तिवारीपुर कला गांव में मंगलवार को तड़के कमरे के अंदर सो रहा एक युवक आग की लपटों से गंभीर रूप से झुलस गया। ग्रामीणों ने आनन-फानन उसे सीएचसी पहुंचाया। जहां हालत चिंताजनक देख डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया और एंबुलेंस को फोन कर दिया।
डॉक्टर के फोन करने के बाद भी एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची और झुलसे ग्रामीण ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। कमरे के अंदर आग कैसी लगी, इसका कारण पता नहीं चल सका। लपटों से कमरे का सामान भी जलकर राख हो गया।
तिवारीपुर कला गांव निवासी हीरालाल (45) घर पर ही रहता था। मंगलवार तड़के कमरे के अंदर ही सो रहा था कि अचानक आग लग गई। आग की लपटें देख मौके पर पहुंचे ग्रामीण जब तक आग पर काबू पाते, तब तक हीरालाल गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन उसे सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉ. कुमार विमल ने उसका इलाज किया।
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हालत गंभीर होने पर हीरालाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए समय पर एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाई। डॉक्टर ने 108 पर फोन कर एंबुलेंस बुलाई, लेकिन गाड़ी एक घंटे बाद तब पहुंची, जब हीरालाल की मौत हो चुकी थी।
डॉक्टर का कहना है कि समय से यदि एंबुलेंस पहुंच जाती तो शायद उसे बचाया जा सकता था। मृतक के चाचा राम बहादुर ने बताया कि आग से कमरे के अंदर रखा सामान भी जल गया। करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
ग्रामीण की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मचा है। पत्नी रमदेई कहती है कि काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। सब कुछ ठीकठाक था। पता नहीं कैसे आग लग गई। थानेदार आरके सिंह का कहना है कि आग की चपेट में आकर हीरालाल की मौत हुई। कमरे के अंदर आग कैसे लगी, इसकी जांच कराई जा रही है।
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डॉक्टर के फोन करने के बाद भी एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची और झुलसे ग्रामीण ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। कमरे के अंदर आग कैसी लगी, इसका कारण पता नहीं चल सका। लपटों से कमरे का सामान भी जलकर राख हो गया।
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तिवारीपुर कला गांव निवासी हीरालाल (45) घर पर ही रहता था। मंगलवार तड़के कमरे के अंदर ही सो रहा था कि अचानक आग लग गई। आग की लपटें देख मौके पर पहुंचे ग्रामीण जब तक आग पर काबू पाते, तब तक हीरालाल गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन उसे सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉ. कुमार विमल ने उसका इलाज किया।
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हालत गंभीर होने पर हीरालाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए समय पर एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाई। डॉक्टर ने 108 पर फोन कर एंबुलेंस बुलाई, लेकिन गाड़ी एक घंटे बाद तब पहुंची, जब हीरालाल की मौत हो चुकी थी।
डॉक्टर का कहना है कि समय से यदि एंबुलेंस पहुंच जाती तो शायद उसे बचाया जा सकता था। मृतक के चाचा राम बहादुर ने बताया कि आग से कमरे के अंदर रखा सामान भी जल गया। करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
ग्रामीण की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मचा है। पत्नी रमदेई कहती है कि काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। सब कुछ ठीकठाक था। पता नहीं कैसे आग लग गई। थानेदार आरके सिंह का कहना है कि आग की चपेट में आकर हीरालाल की मौत हुई। कमरे के अंदर आग कैसे लगी, इसकी जांच कराई जा रही है।