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वेतन देने का शासन से आदेश आते ही 2202 शिक्षामित्रों के घर में खुशी

Thu, 24 Dec 2015 12:02 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 24 Dec 2015 12:02 AM IST
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किसी का कहना है कि माता-पिता के इलाज में कोई दिक्कत नहीं आएगी। तो कोई बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च में खासी राहत मिलने की बात कर रहा है।
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शासन से आदेश आने के बाद बुधवार को बीएसए ने भी बीईओ को पत्र जारी करके तत्काल वेतन बिल पेश करने के आदेश दिए हैं। 

शासन का आदेश आने के बाद बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बुधवार को ही सभी बीईओ को आदेश जारी करके सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों का वेतन बिल पेश करने का आदेश दे दिया।

इस आदेश के बाद आदर्श शिक्षामित्र एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, महामंत्री पुष्पेंद्र त्रिवेदी, लक्ष्मी प्रताप सिंह आदि ने खुशी जताई।

बीएसए ने शिक्षामित्रों को पत्र देकर ब्लॉकों से जल्द से जल्द वेतन बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बिल आते भी वेतन का भुगतान हो जाएगा।


प्राथमिक स्कूल शिवगढ़ द्वितीय में शिक्षिका बनी शिवदेवी के सिर भी घर का पूरा जिम्मा है। पिता हरिश्चंद्र के इलाज के साथ आशीष, आकाश व खुशबू की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी उसके सिर है।
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वेतन न मिलने और नौकरी जाने के बाद परिवार चलाने का संकट आ गया था। इसके बाद भी वेतन मिलने की आस में शिवदेवी रोज स्कूल जाती थी और शिक्षण कार्य करती थी।

कहती है कि अब वेतन मिलने का आदेश के बाद समस्याओं से निजात मिल जाएगी। प्राथमिक स्कूल मनऊमऊ में शिक्षामित्र के बाद सहायक अध्यापक बनी शिक्षामित्र अनुपम अवस्थी के पति प्रदीप की मौत के बाद वह विधवा मां मिथलेश के बुढ़ापे का सहारा बन गईं।
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लेकिन नौकरी जाने के बाद उनकी खुशियां काफूर हो गई थी। बेटी साक्षी, समृद्धि, भाई प्रियांक, रंजन व प्रियांशु की पढ़ाई का जिम्मा भी उन्हीं के सिर है।

अब वेतन मिलने का आदेश आने पर घर में खुशी का माहौल है। अनुपम का कहना है कि अब वह अपने कर्तव्यों का पालन कर सकेंगी।

सरेनी ब्लॉक की उम्मे कुलसुम के सामने भी नौकरी जाने के बाद भविष्य की चिंता बढ़ गई थी। पति के साथ न रहकर वह मायके में रहती है।

बेटी तहजीब खान के इलाज में हर महीने एक हजार रुपये लगते हैं, लेकिन वेतन न मिलने के कारण बेटी का इलाज प्रभावित हो गया था। बेटी उजला खान की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई थी।

कुलसुम का कहना है कि अब वह परिवार के सभी सपनों को साकार कर सकेंगी।
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