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सीबीआई ने की एनआरएचएम घोटाले की जांच
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:36 AM IST
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की दो सदस्यीय टीम सोमवार को सीएचसी लालगंज पहुंची।
टीम ने एनआरएचएम के तहत कराए सभी कार्यों के अभिलेख देखे। सीबीआई इंस्पेक्टर शबीना खातून सिद्दिकी व प्रेमनारायण सीएचसी सोमवार सुबह पहुंचे।
दो अधिकारियों ने एनआरएचएम के तहत जननी सुरक्षा योजना, नसबंदी के अलावा अन्य कार्यों के अभिलेखों को बारीकी से देखा।
टीम ने वर्ष 2007 से 2011 तक के अभिलेखों की जांच की। टीम मीडिया को कुछ बताने और उससे मिलने से कतराती रही।
अस्पताल की ओर से आशा बहुओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभ पा चुकी प्रसूताओं को लाने के निर्देश दिए गए थे।
जिसके कारण सुबह नौ बजे से ही प्रसूताएं अस्पताल पहुंच गई थी। शाम तक प्रसूताएं अस्पताल में बैठी रहीं और जांच होने का इंतजार करती रही।
जिससे प्रसूताओं और उनके साथ आए लोगों में आक्रोश था। टीम आशा बहुओं के साथ आई प्रसूताओं से पूछताछ की। जननी सुरक्षा योजना की जांच के बाद टीम ने नसबंदी की जांच की।
जांच के दौरान अधीक्षक डॉ. रजत कुमार चौरसिया भी मौजूद रहे।
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टीम ने एनआरएचएम के तहत कराए सभी कार्यों के अभिलेख देखे। सीबीआई इंस्पेक्टर शबीना खातून सिद्दिकी व प्रेमनारायण सीएचसी सोमवार सुबह पहुंचे।
दो अधिकारियों ने एनआरएचएम के तहत जननी सुरक्षा योजना, नसबंदी के अलावा अन्य कार्यों के अभिलेखों को बारीकी से देखा।
टीम ने वर्ष 2007 से 2011 तक के अभिलेखों की जांच की। टीम मीडिया को कुछ बताने और उससे मिलने से कतराती रही।
अस्पताल की ओर से आशा बहुओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभ पा चुकी प्रसूताओं को लाने के निर्देश दिए गए थे।
जिसके कारण सुबह नौ बजे से ही प्रसूताएं अस्पताल पहुंच गई थी। शाम तक प्रसूताएं अस्पताल में बैठी रहीं और जांच होने का इंतजार करती रही।
जिससे प्रसूताओं और उनके साथ आए लोगों में आक्रोश था। टीम आशा बहुओं के साथ आई प्रसूताओं से पूछताछ की। जननी सुरक्षा योजना की जांच के बाद टीम ने नसबंदी की जांच की।
जांच के दौरान अधीक्षक डॉ. रजत कुमार चौरसिया भी मौजूद रहे।