{"_id":"68069b6542aa3eeb7907f62a","slug":"the-insurance-company-will-give-55-thousand-to-the-victim-raebareli-news-c-101-1-slko1033-131505-2025-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: इंश्योरेंस कंपनी पीड़ित को देगी 55 हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: इंश्योरेंस कंपनी पीड़ित को देगी 55 हजार
Tue, 22 Apr 2025 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 22 Apr 2025 12:54 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने द ओरियंटल इंश्योरेंस बीमा कंपनी का 55 हजार रुपये का बीमा क्लेम देने का आदेश दिया है। कंपनी ने भैंस के क्लेम को खारिज कर दिया था। आयोग ने कंपनी के निर्णय को गलत ठहराया है।
आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी को वादी को क्लेम देना ही होगा। दो हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और एक हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी देने के आदेश दिए गए हैं। डलमऊ क्षेत्र के बरगदहा गांव निवासी वादी जीवनलाल वर्मा ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर करके आरोप लगाया कि उनकी मां इशराजा ने पशुधन बीमा योजना के तहत पशु चिकित्सालय कठघर से भैंस का बीमा तीन साल के लिए कराया था।
बीमा 18 फरवरी 2021 तक प्रभावी था। 26 जुलाई 2018 को भैंस मर गई थी। सारी औपचारिकताएं पूरी करा कर बीमा कंपनी से क्लेम मांगा। सर्वेयर की जांच के बाद भी 17 जुलाई 2019 को बीमा क्लेम निरस्त कर दिया गया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मदन लाल वर्मा, सदस्य प्रतिमा सिंह व सुनीता मिश्रा ने बीमा कंपनी को 55 हजार रुपये भुगतान के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी को वादी को क्लेम देना ही होगा। दो हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और एक हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी देने के आदेश दिए गए हैं। डलमऊ क्षेत्र के बरगदहा गांव निवासी वादी जीवनलाल वर्मा ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर करके आरोप लगाया कि उनकी मां इशराजा ने पशुधन बीमा योजना के तहत पशु चिकित्सालय कठघर से भैंस का बीमा तीन साल के लिए कराया था।
विज्ञापन
बीमा 18 फरवरी 2021 तक प्रभावी था। 26 जुलाई 2018 को भैंस मर गई थी। सारी औपचारिकताएं पूरी करा कर बीमा कंपनी से क्लेम मांगा। सर्वेयर की जांच के बाद भी 17 जुलाई 2019 को बीमा क्लेम निरस्त कर दिया गया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मदन लाल वर्मा, सदस्य प्रतिमा सिंह व सुनीता मिश्रा ने बीमा कंपनी को 55 हजार रुपये भुगतान के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन