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....पैसों की खातिर दोस्त ने ही किया था कत्ल

Mon, 18 Jan 2021 11:50 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jan 2021 11:50 PM IST
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The friend was killed for money
रायबरेली। करीब 26 दिन पहले घर से लापता हुए युवक के मामले की गुत्थी सुलझ गई। पैसों की खातिर दोस्त ने ही अपहरण करके उसका कत्ल किया था। पुलिस के अनुसार पहले डंडे से वार करके उसे मौत के घाट उतारा फिर शव शारदा नहर में फेंक दिया था। सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी और भदोखर थानेदार राम आशीष उपाध्याय की जांच पूरी होने का बाद सोमवार को ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश हुआ तो हर कोई दंग रह गया। पूछताछ के बाद हत्या आरोपी दोस्त को सलाखों के पीछे भेज दिया गया।
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पुलिस कार्यालय स्थित किरण हाल में प्रेस कान्फ्रेंस आयोजित करके अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने वारदात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सलोन कोतवाली क्षेत्र के पूरे मचल मजरे बराडीह निवासी रोहनलाल यादव ने 27 दिसंबर 2020 को भदोखर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसका बेटा जोगेंद्र कुमार उर्फ विकास यादव शटरिंग का कार्य करता है। शटरिंग के कार्य के लिए जिला मुख्यालय गया था लेकिन लौटकर नहीं आया।
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सीओ सदर और भदोखर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे जुगराज मजरे कंचौदा निवासी धर्मेश यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो धर्मेश ने अपने दोस्त विकास यादव का कत्ल किए जाने का जुर्म कुबूल कर लिया।
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एएसपी के मुताबिक पूछताछ में आरोपी दोस्त ने बताया कि वे दोनों शटरिंग का कार्य करते थे। विकास उसका शटरिंग का कार्य नहीं होने देता था। जहां कार्य चलता था, वहां जाकर विवाद करता था। इसके कारण उसका कार्य बाधित होता था। साथ ही उसे नुकसान भी उठाना पड़ता था। विकास ने 75 हजार रुपये में शटरिंग का सामान आरोपी धर्मेश यादव के हाथों बेच दिया था। 20 हजार रुपये उसने विकास को दे दिया था। बाकी पैसा बाद में देने की बात कही थी। पैसा न देने पर विकास दोस्त धर्मेश को धमकाने लगा। इससे आरोपी तंग चुका था। इस पर उसने विकास को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
23 दिसंबर को आरोपी ने इस भरोसे के साथ मृतक को अपने पास बुलाया कि मां के जेवरात बेचकर वह उसे उसके बकाया पैसे को दे देगा। बावजूद इसके उसने पैसा नहीं दिया। इसके बाद आरोपी बाइक पर बैठाकर विकास को भांव स्थित शारदा नहर के पास ले गया। वहां पर आरोपी धर्मेश ने पीछे से विकास पर डंडे से वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया और शव को नहर में फेंक दिया। इसके बाद आरोपी धर्मेश फरार हो गया। एएसपी ने बताया कि बाइक के साथ ही दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। उसे जेल भेज दिया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कुबूलते हुए विकास की हत्या करके शव को शारदा नहर में फेंकने की बात कही है। बाइक और मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद कर लिया गया है। हालांकि अभी तक शव नहीं मिला है। शारदा नहर में शव की खोजबीन कराई जा रही है।
एएसपी के मुताबिक आरोपी की एक महिला मित्र है, जिसने घटना के खुलासे में पुलिस की बड़ी मदद की। आरोपी महिला मित्र को अपनी सारी जानकारी साझा कर देता था। आरोपी ने घटना के बाद महिला मित्र से मदद भी मांगी थी कि वह पुलिस से कैसे बचे।

जांच के दौरान पुलिस को इसकी जानकारी लगी तो वह महिला मित्र के पास पहुंच गई। पुलिस की सख्ती की वजह से महिला मित्र ने अपने ही आरोपी दोस्त की मदद के बजाय पुलिस की मदद की। नतीजतन 26 दिन में ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश हो गया।
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