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Raebareli News: जिला अस्पताल में कराहती मिलीं सुविधाएं

Sun, 26 Oct 2025 01:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Sun, 26 Oct 2025 01:36 AM IST
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The facilities found in the district hospital were groaning
जिला अस्पताल में शनिवार को निरीक्षण के दौरान पीडियाट्रिक आईसीयू में अ​भिलेखों को देखती लखनऊ से
रायबरेली। जिला अस्पताल में शनिवार को जांच करने पहुंची तीन सदस्यीय टीम मनमानी देखकर दंग रह गई। मरीजों के लिए लगे वाटर आरओ प्लांट, दिव्यांगजनों के लिए बने प्रसाधन में ताला लटका मिला।
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वृद्धजन वार्ड और पीडियाट्रिक आईसीयू के लिए स्थापित मिनी ऑक्सीजन प्लांट में भी ताला मिला। पीडियाट्रिक आईसीयू में लगे वेंटिलेटर बंद मिले। आईसीयू में वेंटिलेटरों को कबाड़ की तरह रखा गया था। टीम को डेंगू वार्ड में लगे कूलर में गंदा पानी मिला। टीम ने सीएमएस को अल्टीमेटम दिया है।
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जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर कई खबरें प्रकाशित की गईं। इन खबरों का संज्ञान लेते हुए अपर निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डॉ. जीपी गुप्ता ने मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. उमेश सचान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी को शनिवार को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा।
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टीम ने करीब ढाई घंटे तक अस्पताल का निरीक्षण किया। इमरजेंसी से लेकर वार्ड, पीडियाट्रिक आईसीयू, ऑक्सीजन प्लांट सहित अन्य स्थानों पर पहुंचकर कमियों को खंगाला। वार्ड दो और तीन के बगल में मरीजों को शुद्ध पानी पीने के लिए आरओ प्लांट लगाया गया है। बगल में ही दिव्यांगजनों के लिए प्रसाधन भी बनवाए गए हैं।

इस परिसर में ताला बंद मिला। टीम को पीडियाट्रिक आईसीयू के लिए स्थापित प्लांट से बच्चों को ऑक्सीजन न देकर कंसंट्रेटर से प्राणवायु देने का मामला पकड़ा। प्लांट का ताला भी आधा घंटे बाद खोला गया। निरीक्षण के बाद टीम के प्रभारी ने सीएमएस को अल्टीमेटम देकर सुधार लाने के निर्देश दिए।


बाजार की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश
जिला अस्पताल में मरीजों को बाजार से महंगी दवाएं लिखने के मामले की जांच भी टीम ने की। टीम को कई वीडियो और दवा की पर्चियां मिलीं, जिससे डॉक्टरों की मनमानी सामने आ गई। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी ने सीएमएस को बाजार की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।



सीएमएस ने जड़ा रुपये मांगने का आरोप
अस्पताल चलाने में नाकाम सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने मीडियाकर्मियों पर रुपये मांगने का आरोप लगा दिया। उन्होंने जांच टीम को बताया कि मीडिया वाले रुपये न देने पर गलत खबर छाप रहे हैं, लेकिन सीएमएस यह नहीं बता सके कि किस मीडियाकर्मी ने उनसे रुपये मांगे। अपर निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता का कहना है कि सीएमएस ने जांच टीम को मीडियाकर्मियों द्वारा रुपये मांगने का आरोप लगाया है। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में बहुत कमियां मिली हैं।
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