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मजाक बनी परीक्षा, समय से नहीं खुले स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:08 AM IST
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रायबरेली में मंगलवार को परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा में एक साथ बैठे बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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परिषदीय परीक्षा में मंगलवार को दूसरे दिन भी अव्यवस्थाओं का अंबार रहा। खीरों ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल फिरोजाबाद में सुबह सवा नौ बजे तक स्कूल का ताला नहीं खुला।
बच्चे स्कूल आने के बाद गुरुजी का इंतजार करते रहे। डलमऊ क्षेत्र के स्कूलों में झुंड बनाकर बच्चे बैठे और परीक्षा दी। नकल को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। कई स्कूलों में ब्लैक बोर्ड पर सवालों के जवाब लिखे गए।
परिषदीय परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे होने का कार्यक्रम है, लेकिन स्कूल सुबह नौ बजे खुल जाने चाहिए। लेकिन मंगलवार सुबह सवा नौ बजे खीरों ब्लॉक का प्राथमिक स्कूल फिरोजाबाद बंद रहा।
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कुछ बच्चे आए, लेकिन बरामदे में बैठकर इंतजार करते रहे। इसकी शिकायत होने पर बीएसए ने खीरों के बीईओ को जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। खीरों ही नहीं सभी ब्लॉकों के स्कूलों में परीक्षा मजाक बनकर रह गई।
डलमऊ प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में बच्चे झुंड बनाकर बैठते हैं और परीक्षा देते हैं। टीचर भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिषदीय स्कूलों की परीक्षा में प्रश्नपत्रों की मनमानी मंगलवार को दूसरे दिन भी उजागर हुई।
पूर्व माध्यमिक स्कूलों में गणित विषय के प्रश्नपत्र में पूर्णांक से ज्यादा सवाल मिले। 50 अंक के पेपर में 58 अंक के सवाल मिले। सभी सवालों को हल करना था, लेकिन सवालों के अंक का जोड़ 50 की जगह 58 निकला।
इससे शिक्षक व बच्चे आश्चर्यचकित रहे। गत सोमवार को हिदी के पेपर में 50 अंक के पेपर में 38 अंक के ही सवाल थे। प्रश्नपत्रों में गड़बड़ियों से परीक्षा प्रभावित हो रही है।
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बच्चे स्कूल आने के बाद गुरुजी का इंतजार करते रहे। डलमऊ क्षेत्र के स्कूलों में झुंड बनाकर बच्चे बैठे और परीक्षा दी। नकल को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। कई स्कूलों में ब्लैक बोर्ड पर सवालों के जवाब लिखे गए।
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परिषदीय परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे होने का कार्यक्रम है, लेकिन स्कूल सुबह नौ बजे खुल जाने चाहिए। लेकिन मंगलवार सुबह सवा नौ बजे खीरों ब्लॉक का प्राथमिक स्कूल फिरोजाबाद बंद रहा।
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कुछ बच्चे आए, लेकिन बरामदे में बैठकर इंतजार करते रहे। इसकी शिकायत होने पर बीएसए ने खीरों के बीईओ को जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। खीरों ही नहीं सभी ब्लॉकों के स्कूलों में परीक्षा मजाक बनकर रह गई।
डलमऊ प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में बच्चे झुंड बनाकर बैठते हैं और परीक्षा देते हैं। टीचर भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिषदीय स्कूलों की परीक्षा में प्रश्नपत्रों की मनमानी मंगलवार को दूसरे दिन भी उजागर हुई।
पूर्व माध्यमिक स्कूलों में गणित विषय के प्रश्नपत्र में पूर्णांक से ज्यादा सवाल मिले। 50 अंक के पेपर में 58 अंक के सवाल मिले। सभी सवालों को हल करना था, लेकिन सवालों के अंक का जोड़ 50 की जगह 58 निकला।
इससे शिक्षक व बच्चे आश्चर्यचकित रहे। गत सोमवार को हिदी के पेपर में 50 अंक के पेपर में 38 अंक के ही सवाल थे। प्रश्नपत्रों में गड़बड़ियों से परीक्षा प्रभावित हो रही है।