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Raebareli News: दंपतियों ने साथ रहने के लिए भरी हामी

Sun, 13 Sep 2026 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Sun, 13 Sep 2026 01:12 AM IST
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The couples agreed to live together
दीवानी कचहरी में आयोजित लोक अदालत में मामलों की सुनवाई करते अ​धिकारी। 
रायबरेली। दीवानी कचहरी में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। परिवार न्यायालय में दहेज उत्पीड़न और पारिवारिक कलह के कारण अलग रह रहे दंपतियों के बीच सुलह कराई गई। 35 वैवाहिक जोड़ों ने आपसी मतभेद भुलाकर फिर साथ रहने की हामी भरी। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय भूपेंद्र राय और जिला जज अमित पाल सिंह ने दंपतियों को आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ रहने की सलाह दी। राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निस्तारण के लिए शहर से लेकर देहात क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में लोग कचहरी पहुंचे।
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न दहेज मांगेंगे, न मारपीट करेंगे
पतउवा मजरे आशापुर निवासी संतोष और उनकी पत्नी निशा के बीच दहेज उत्पीड़न को लेकर विवाद चल रहा था। मामला परिवार न्यायालय में विचाराधीन था। निशा का आरोप था कि दहेज की खातिर उनके साथ मारपीट की जाती है। सुलह की पहल के बाद दोनों के बीच दूरियां कम हुईं। संतोष ने भरोसा दिया कि अब वह न तो दहेज की मांग करेंगे और न ही निशा के साथ मारपीट करेंगे। इसके बाद दोनों को हंसी-खुशी साथ घर भेज दिया गया।
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दंपती में हुई सुलह
राही निवासी प्रवीण कुमार की शादी महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के थुलेंडी निवासी शांति गुप्ता उर्फ पूर्णिमा के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद पारिवारिक कलह के चलते दोनों अलग हो गए। मामला कोर्ट पहुंचा तो दंपती के बीच सुलह कराने की कोशिश की गई। आखिरकार दोनों ने फिर एक साथ रहने पर सहमति जताई। सरेनी निवासी अनूप तिवारी और पिंकी के बीच भी मतभेद चल रहा था। परिवार न्यायालय में दोनों के बीच सुलह करा दी गई।
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लोन चुकता किया, मिली राहत
माया का पुरवा मजरे रसूलपुर निवासी मथुरा प्रसाद ने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये पंजाब नेशनल बैंक से करीब 31 हजार रुपये का लोन लिया था। उन्होंने बीच में एक-दो किस्त जमा कीं लेकिन बाद में लोन की किस्तें नहीं चुका पा रहे थे। राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचकर मथुरा ने 11 हजार रुपये जमा कर पूरा लोन चुकता कर दिया। उन्होंने बताया कि लोन खत्म होने के बाद अब राहत मिली है।
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