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Raebareli News: गर्मी से छूट रहा पसीना, बुझ नहीं पा रही प्यास
Sun, 17 May 2026 01:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 17 May 2026 01:05 AM IST
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गदागंज क्षेत्र में इस तरह टूटा पोल और जमीन पर पड़ा ट्रांसफार्मर।
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रायबरेली। चार दिन पहले आई आंधी से ध्वस्त हुई बिजली व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौट पाई है। बड़ी संख्या में टूटे खंभे और तारों को दुरुस्त करने में कर्मचारियों का पसीना छूट रहा है। बिजली नहीं आने से उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं।
गर्मी और उमस के बीच लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। किराये पर जनरेटर लाकर लोग सबमर्सिबल चला रहे हैं। पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी दिन-रात मरम्मत कार्य में लगे हैं। विद्युत उपकेंद्र उतरपारा, गदागंज, जगतपुर, खीरों, ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज से जुड़े 500 गांवों की बिजली बहाल नहीं हो पाई है।
बीते बुधवार को आंधी ने जमकर तबाही मचाई। बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से दो हजार से ज्यादा बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगह ट्रांसफार्मर धराशायी हो गए। पावर कॉर्पोरेशन के सामने मरम्मत कार्य एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बड़ी संख्या में खंभे और तार टूटने से काम की गति धीमी है। कर्मचारियों की कमी और संसाधनों का अभाव भी इसमें बाधा बन रहा है।
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उपभोक्ता रामसुमेर, आशीष तिवारी, बसंत यादव ने बताया कि बिजली न होने से लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। पीने के पानी की किल्लत भी बढ़ गई है। दुकानदार और व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, उनका व्यापार ठप है। दुकानों में फ्रिज और अन्य उपकरण बंद हैं। किसानों को भी सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
कस्बे की बहाल, गांवों की गुल बिजली
गदागंज। आंधी के बाद से गांवाें की बिजली गुल है। कस्बे की बिजली तो किसी तरह बहाल करा दी गई है, लेकिन गांव में टूटे खंभे, क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को ठीक नहीं किया गया है। जमुनीपुर, चरुहार गांव के पास ट्रांसफार्मर जमीन पर पड़े हैं। गोंडा गांव में टूटे छह खंभे अब तक नहीं बदले गए हैं। ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करना भी दुश्वार हो गया है। अवर अभियंता नितीश दुबे ने बताया कि लगातार मरम्मत का काम चल रहा है। गांवों की बिजली भी जल्द बहाल कराई जाएगी।
शाम होते अंधेरे में डूब जाते गांव
रोहनियां। चार दिन से बिजली नहीं आने से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शाम होते ही गांव अंधेरे में डूब जाते हैं। रसूलपुर उपकेंद्र से जुड़े गांव पूरे चितउ का पुरवा, ननकु का पुरवा, सरेनी, पूरे चौधरी, बदई, लोहरानी, गौरा, गंगेहरा गुलालगंज लबेदवा, पटेरवा, हजारीबाग, मरियानी, पिपरी, झालाबाग समेत 30 गांवों की बिजली अब तक बहाल नहीं हो पाई है।
रमेश कुमार, अतुल प्रजापति, मदन यादव, राजकुमार सिंह, रामभिलाष यादव ने बताया कि मोमबत्ती के उजाले में घर में खाना तैयार किया जाता है। बच्चों को पढ़ाई करने में दिक्कत होती है। उपखंड अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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गर्मी और उमस के बीच लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। किराये पर जनरेटर लाकर लोग सबमर्सिबल चला रहे हैं। पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी दिन-रात मरम्मत कार्य में लगे हैं। विद्युत उपकेंद्र उतरपारा, गदागंज, जगतपुर, खीरों, ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज से जुड़े 500 गांवों की बिजली बहाल नहीं हो पाई है।
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बीते बुधवार को आंधी ने जमकर तबाही मचाई। बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से दो हजार से ज्यादा बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगह ट्रांसफार्मर धराशायी हो गए। पावर कॉर्पोरेशन के सामने मरम्मत कार्य एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बड़ी संख्या में खंभे और तार टूटने से काम की गति धीमी है। कर्मचारियों की कमी और संसाधनों का अभाव भी इसमें बाधा बन रहा है।
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उपभोक्ता रामसुमेर, आशीष तिवारी, बसंत यादव ने बताया कि बिजली न होने से लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। पीने के पानी की किल्लत भी बढ़ गई है। दुकानदार और व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, उनका व्यापार ठप है। दुकानों में फ्रिज और अन्य उपकरण बंद हैं। किसानों को भी सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
कस्बे की बहाल, गांवों की गुल बिजली
गदागंज। आंधी के बाद से गांवाें की बिजली गुल है। कस्बे की बिजली तो किसी तरह बहाल करा दी गई है, लेकिन गांव में टूटे खंभे, क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को ठीक नहीं किया गया है। जमुनीपुर, चरुहार गांव के पास ट्रांसफार्मर जमीन पर पड़े हैं। गोंडा गांव में टूटे छह खंभे अब तक नहीं बदले गए हैं। ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करना भी दुश्वार हो गया है। अवर अभियंता नितीश दुबे ने बताया कि लगातार मरम्मत का काम चल रहा है। गांवों की बिजली भी जल्द बहाल कराई जाएगी।
शाम होते अंधेरे में डूब जाते गांव
रोहनियां। चार दिन से बिजली नहीं आने से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शाम होते ही गांव अंधेरे में डूब जाते हैं। रसूलपुर उपकेंद्र से जुड़े गांव पूरे चितउ का पुरवा, ननकु का पुरवा, सरेनी, पूरे चौधरी, बदई, लोहरानी, गौरा, गंगेहरा गुलालगंज लबेदवा, पटेरवा, हजारीबाग, मरियानी, पिपरी, झालाबाग समेत 30 गांवों की बिजली अब तक बहाल नहीं हो पाई है।
रमेश कुमार, अतुल प्रजापति, मदन यादव, राजकुमार सिंह, रामभिलाष यादव ने बताया कि मोमबत्ती के उजाले में घर में खाना तैयार किया जाता है। बच्चों को पढ़ाई करने में दिक्कत होती है। उपखंड अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।