{"_id":"5f3183788ebc3e3ced200751","slug":"supervisor-took-job-in-the-dependent-of-the-deceased-by-hiding-evidence-sacked-raibaraily-news-lko534590923","type":"story","status":"publish","title_hn":"साक्ष्यों को छुपा मृतक आश्रित में नियुक्ति पाने वाली सुपरवाइजर बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साक्ष्यों को छुपा मृतक आश्रित में नियुक्ति पाने वाली सुपरवाइजर बर्खास्त
विज्ञापन
रायबरेली। साक्ष्यों को छुपाकर मृतक आश्रित में समाज कल्याण विभाग में सुपरवाइजर के पद पर नियुक्ति पाने वाली महिला को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में पुष्टि होने के बाद निदेशक ने उसे सेवा से मुक्त किया है। मृतक की पत्नी ने स्वयं के शासकीय सेवा में होने की बात को छुपाकर बेटी की नियुक्ति करवा ली थी। मामले में अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
समाज कल्याण विभाग में सहायक विकास अधिकारी के पद पर तैनात रहे इंद्र बहादुर सिंह की मौत नौकरी में रहते हुए 03 दिसंबर 2014 को हो गई थी। मामले में अमेठी जिले के मुंशीगंज क्षेत्र के पश्चिम दुआर निवासी मृतक की पत्नी मालती सिंह के अनुरोध पर उसकी पुत्री प्रतिमा सिंह की समाज कल्याण अधिकारी अमेठी कार्यालय में सुपरवाइजर के पद पर नियुक्ति हो गई थी। बाद में प्रतिमा रायबरेली आ गई थी।
गांव के ही गयाबख्श सिंह ने शासन स्तर पर शिकायत करके साक्ष्यों को छुपाकर मृतक आश्रित में नौकरी पाने का आरोप लगाया। बताया कि पत्नी-पत्नी के शासकीय सेवा में होने के दौरान एक की मौत होने पर मृतक आश्रित में नौकरी नहीं दी जा सकती है। शिकायत में मामले की जांच संयुक्त निदेशक को दी गई। जांच में पाया गया कि सहायक विकास अधिकारी इंद्र बहादुर सिंह की मौत के दौरान उसकी पत्नी मालती सिंह पूर्व माध्यमिक स्कूल पश्चिम दुआर, मुंशीगंज अमेठी में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात थी।
विज्ञापन
जांच में पाया गया कि मालती सिंह ने खुद के शासकीय सेवा में रहने की बात को छुपाकर बेटी की मृतक आश्रित में नियुक्ति करवा ली। जांच रिपोर्ट आने के बाद समाज कल्याण निदेशक ने सुपरवाइजर प्रतिमा सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। समाज कल्याण अधिकारी सुनीता सिंह ने बताया कि प्रतिमा की नियुक्ति साक्ष्यों को छुपाकर शासनादेश के विपरीत करवाई गई थी। जांच के बाद निदेशक ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
विज्ञापन
समाज कल्याण विभाग में सहायक विकास अधिकारी के पद पर तैनात रहे इंद्र बहादुर सिंह की मौत नौकरी में रहते हुए 03 दिसंबर 2014 को हो गई थी। मामले में अमेठी जिले के मुंशीगंज क्षेत्र के पश्चिम दुआर निवासी मृतक की पत्नी मालती सिंह के अनुरोध पर उसकी पुत्री प्रतिमा सिंह की समाज कल्याण अधिकारी अमेठी कार्यालय में सुपरवाइजर के पद पर नियुक्ति हो गई थी। बाद में प्रतिमा रायबरेली आ गई थी।
विज्ञापन
गांव के ही गयाबख्श सिंह ने शासन स्तर पर शिकायत करके साक्ष्यों को छुपाकर मृतक आश्रित में नौकरी पाने का आरोप लगाया। बताया कि पत्नी-पत्नी के शासकीय सेवा में होने के दौरान एक की मौत होने पर मृतक आश्रित में नौकरी नहीं दी जा सकती है। शिकायत में मामले की जांच संयुक्त निदेशक को दी गई। जांच में पाया गया कि सहायक विकास अधिकारी इंद्र बहादुर सिंह की मौत के दौरान उसकी पत्नी मालती सिंह पूर्व माध्यमिक स्कूल पश्चिम दुआर, मुंशीगंज अमेठी में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात थी।
विज्ञापन
जांच में पाया गया कि मालती सिंह ने खुद के शासकीय सेवा में रहने की बात को छुपाकर बेटी की मृतक आश्रित में नियुक्ति करवा ली। जांच रिपोर्ट आने के बाद समाज कल्याण निदेशक ने सुपरवाइजर प्रतिमा सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। समाज कल्याण अधिकारी सुनीता सिंह ने बताया कि प्रतिमा की नियुक्ति साक्ष्यों को छुपाकर शासनादेश के विपरीत करवाई गई थी। जांच के बाद निदेशक ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।