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शराब की दुकान बंद करो, तब स्कूल जाएंगे बच्चे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sun, 09 Apr 2017 12:34 AM IST
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शराब के ठेके को लेकर विरोध प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
- फोटो : Amar Ujala
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हरचंदपुर थाना क्षेत्र के शमशेरगंज में शराब की दुकानें खोलने के विरोध में शनिवार को गांव की महिलाओं ने प्राथमिक स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। साथ ही बच्चों को स्कूल जाने से रोक दिया। इससे पठन-पाठन का कार्य नहीं हो सका। पुलिस ने उन्हें शांत कराया और अफसरों से बात करके दुकान हटाने की बात कही।
शमशेरगंज गांव में शराब की दुकान खोली गई है। अभी दो दिन पहले ही इस दुकान को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुआ था। शनिवार को शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में करीब 60 महिलाएं प्राथमिक स्कूल पहुंच गई। स्कूल में जाकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
साथ ही अपने बच्चों को स्कूल जाने से रोक दिया। यहां पर मौजूदा समय में 130 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। विरोध-प्रदर्शन की वजह से बच्चों की पढ़ाई का कार्य ठप रहा। हालांकि शिक्षक स्कूल पहुंचे और महिलाओं के विरोध की वजह से मूकदर्शक बने रहे।
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आरती, अनीता, शिवकली, मनोरमा आदि का कहना है कि गांव में शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। इससे शाम होते ही दुकान पर पियक्कड़ों का मजमा लग जाता है। वे महिलाओं के साथ छींटाकशी करते हैं। गांव के लोगों पर इसका असर प्रभाव पड़ रहा है।
महिलाओं का कहना कि पहले यहां पर शराब की दुकान नहीं थी। सूचना पर थानेदार जेपी यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिलाओं से बात की और उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। थानेदार का कहना है कि महिलाओं को शांत करा दिया गया है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों से बात करके नियमानुसार दुकान हटाने पर बात की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी आरके कश्यप का कहना है कि प्राथमिक स्कूल शमशेरगंज में महिलाओं के प्रदर्शन से बच्चों की पढ़ाई का कार्य बाधित हुआ। महिलाओं से बच्चों को स्कूल भेजने की बात कही गई है। जल्द सबकुछ ठीक हो जाएगा।
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शमशेरगंज गांव में शराब की दुकान खोली गई है। अभी दो दिन पहले ही इस दुकान को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुआ था। शनिवार को शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में करीब 60 महिलाएं प्राथमिक स्कूल पहुंच गई। स्कूल में जाकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
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साथ ही अपने बच्चों को स्कूल जाने से रोक दिया। यहां पर मौजूदा समय में 130 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। विरोध-प्रदर्शन की वजह से बच्चों की पढ़ाई का कार्य ठप रहा। हालांकि शिक्षक स्कूल पहुंचे और महिलाओं के विरोध की वजह से मूकदर्शक बने रहे।
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आरती, अनीता, शिवकली, मनोरमा आदि का कहना है कि गांव में शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। इससे शाम होते ही दुकान पर पियक्कड़ों का मजमा लग जाता है। वे महिलाओं के साथ छींटाकशी करते हैं। गांव के लोगों पर इसका असर प्रभाव पड़ रहा है।
महिलाओं का कहना कि पहले यहां पर शराब की दुकान नहीं थी। सूचना पर थानेदार जेपी यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिलाओं से बात की और उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। थानेदार का कहना है कि महिलाओं को शांत करा दिया गया है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों से बात करके नियमानुसार दुकान हटाने पर बात की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी आरके कश्यप का कहना है कि प्राथमिक स्कूल शमशेरगंज में महिलाओं के प्रदर्शन से बच्चों की पढ़ाई का कार्य बाधित हुआ। महिलाओं से बच्चों को स्कूल भेजने की बात कही गई है। जल्द सबकुछ ठीक हो जाएगा।