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धाेखे से हस्ताक्षर कराने वाले अधिवक्ता और पुत्र के खिलाफ दर्ज करें केस
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:04 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : getty images
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सीजेएम कोर्ट ने अधिवक्ता और पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक को दिया है। यह आदेश एक अन्य अधिवक्ता की ओर से 156(3) सीआरपीसी के तहत दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद सीजेएम ने दिया।
दीवानी कचहरी के अधिवक्ता शकील अहमद खान ने कोर्ट में 22 सितंबर 2016 को एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया है कि अधिवक्ता धर्मेंद्र प्रताप ने एक युवती के धोखे से हस्ताक्षर करवाकर कोर्ट में अधिवक्ता शकील अहमद खान व उसकी पत्नी के खिलाफ धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल कराया।
कोर्ट में पति-पत्नी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। विवेचक ने मामले में अधिवक्ता व उसकी पत्नी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में दिए गए बयान में युवती ने कोई घटना होने व प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने से ही इंकार कर दिया। इस पर पीड़ित अधिवक्ता ने धर्मेंद्र प्रताप व उनके पिता इंद्र बहादुर (दोनों अधिवक्ता) के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया। सीजेएम ने सुनवाई के बाद दोनों वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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दीवानी कचहरी के अधिवक्ता शकील अहमद खान ने कोर्ट में 22 सितंबर 2016 को एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया है कि अधिवक्ता धर्मेंद्र प्रताप ने एक युवती के धोखे से हस्ताक्षर करवाकर कोर्ट में अधिवक्ता शकील अहमद खान व उसकी पत्नी के खिलाफ धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल कराया।
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कोर्ट में पति-पत्नी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। विवेचक ने मामले में अधिवक्ता व उसकी पत्नी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में दिए गए बयान में युवती ने कोई घटना होने व प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने से ही इंकार कर दिया। इस पर पीड़ित अधिवक्ता ने धर्मेंद्र प्रताप व उनके पिता इंद्र बहादुर (दोनों अधिवक्ता) के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया। सीजेएम ने सुनवाई के बाद दोनों वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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