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जब एसआई ने एसडीएम से पूछा कौन हैं आप?
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Sun, 15 May 2016 11:30 PM IST
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सलोन कोतवाली का निरीक्षण करते एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
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एसडीएम मोतीलाल यादव ने गुरुवार को सलोन कोतवाली का निरीक्षण किया। यहां उपनिरीक्षक ने एसडीएम को अर्दब में लेते हुए कहा आप कौन, क्या काम है। एसडीएम के परिचय देने पर कोतवाली में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कोतवाली में एक बंदूक गायब मिलने पर एसडीएम ने नाराजगी जताई।
एसडीएम मोतीलाल यादव गुरुवार सुबह सबसे पहले सलोन कोतवाली पहुंचे। उनका सामना उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार से हुआ। उपनिरीक्षक ने उन्हें अर्दब में लेते हुए कहा आप कौन, क्या काम है। एसडीएम ने जब अपना परिचय दिया तो वो सकते में आ गया।
इसके बाद एसडीएम ने कोतवाली के दस्तावेज चेक किए। असलहा रजिस्टर में क्रम संख्या 1392 व 160 में वाइटनर (सफेदा) लगा मिला। साथ ही क्रम संख्या 160 की बंदूक मालखाने से गायब मिली। डीह और नसीराबाद में भी खामियां मिली, जिस पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए।
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बंदूक न मिलने के बाबत कोतवाली प्रभारी ने बताया कि बंदूक 1973 की हैं। उसका नंबर स्पष्ट न होने के कारण ठीक से मिलान नहीं हो सका। बंदूक गायब नहीं हुई है। नंबर का मिलान कराया जाएगा।
एसडीएम एस सुधाकरन ने गुरुवार को कोतवाली का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि फरियादियों के शिकायती पत्रों का त्वरित निस्तारण किया जाए। जिससे क्षेत्र की जनता को न्याय मिल सके। एसडीएम ने शस्त्रागार, ग्राम सभा, व्यवहार, एनसीआर व हिस्ट्रीशीटर रजिस्टरों समेत आदि अभिलेखों की जांच की।
एसडीएम ने प्रभारी कोतवाल अरविंद सरोज को लंबित मामलों के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इस मौके पर एसआई महेंद्र यादव, नत्थूलाल, सुखदेव सिंह, राजकुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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एसडीएम मोतीलाल यादव गुरुवार सुबह सबसे पहले सलोन कोतवाली पहुंचे। उनका सामना उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार से हुआ। उपनिरीक्षक ने उन्हें अर्दब में लेते हुए कहा आप कौन, क्या काम है। एसडीएम ने जब अपना परिचय दिया तो वो सकते में आ गया।
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इसके बाद एसडीएम ने कोतवाली के दस्तावेज चेक किए। असलहा रजिस्टर में क्रम संख्या 1392 व 160 में वाइटनर (सफेदा) लगा मिला। साथ ही क्रम संख्या 160 की बंदूक मालखाने से गायब मिली। डीह और नसीराबाद में भी खामियां मिली, जिस पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए।
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बंदूक न मिलने के बाबत कोतवाली प्रभारी ने बताया कि बंदूक 1973 की हैं। उसका नंबर स्पष्ट न होने के कारण ठीक से मिलान नहीं हो सका। बंदूक गायब नहीं हुई है। नंबर का मिलान कराया जाएगा।
एसडीएम एस सुधाकरन ने गुरुवार को कोतवाली का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि फरियादियों के शिकायती पत्रों का त्वरित निस्तारण किया जाए। जिससे क्षेत्र की जनता को न्याय मिल सके। एसडीएम ने शस्त्रागार, ग्राम सभा, व्यवहार, एनसीआर व हिस्ट्रीशीटर रजिस्टरों समेत आदि अभिलेखों की जांच की।
एसडीएम ने प्रभारी कोतवाल अरविंद सरोज को लंबित मामलों के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इस मौके पर एसआई महेंद्र यादव, नत्थूलाल, सुखदेव सिंह, राजकुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।