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दहशत के माहौल में शुभी ने बंकर में बिताए दो दिन

Tue, 01 Mar 2022 10:59 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2022 10:59 PM IST
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Shubhi spent two days in the bunker in an atmosphere of panic
खीरों (रायबरेली)। यूक्रेन में एमबीबीएस का कोर्स कर रही महरानीगंज की छात्रा शुभि वाजपेयी सोमवार देर रात अपने घर लौटीं तो परिवारीजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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घर लौटने की खबर मिलते ही पिता सेमरी चौराहे पर रात में उसके स्वागत के लिए पहुंच गए थे। जैसे ही शुभि आई, उसे लेकर घर पहुंचे तो सभी ने उसे गले से लगा लिया।
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महरानीगंज निवासी शुभि बाजपेयी पुत्री अशोक कुमार यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। वह इवानो शहर में रहती थी। शुभि ने बताया कि यूक्रेन में हमले के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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जब हमला हुआ तो 23 फरवरी को छात्रावास के नीचे ही बने बंकर में उसने दूसरे भारतीय छात्रों के साथ आश्रय लिया। बंकर में करीब 600 छात्र थे। यहां से छात्रों को रोमानिया बॉर्डर ले जाया गया।
भारत सरकार की मदद से 25 फरवरी को इवानो शहर से ले जाया गया था। रूसी सेना के हमले के कारण जगह-जगह वाहन पलटे पड़े थे। इससे रास्ते में जाम लग गया। मजबूरी में हम लोगों को बस से उतरना पड़ा।
इसके बाद 15 किमी. पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर पहुंचीं। रोमानिया में तापमान माइनस 10 डिग्री था। पूरी रात रोमानिया बॉर्डर पर ही बीती। साथ में दूसरे देशों के बच्चे भी थे।
बॉर्डर पर तैनात रोमानिया सरकार के सेना के जवान हर किसी के बारे में पूछताछ कर रहे थे। इस वजह से काफी देर लग गई। शुभि ने बताया कि रोमानिया में प्रवेश के बाद छह घंटे तक लाइन में लगकर इंतजार किया।
फिर बस से रोमानिया एयरपोर्ट पहुंची तो 27 फरवरी को रात 9 बजे फ्लाइट पर बैठाया गया और सोमवार सुबह 6 बजे दिल्ली पहुंची। कार से यूपी भवन पहुंचाया, फिर घर की ओर रवाना किया गया।

खीरों क्षेत्र के सेमरी चौराहा पहुंची तो पिता अशोक कुमार बाजपेयी के साथ नायब तहसीलदार वेद प्रकाश, लेखपाल हरिओम त्रिपाठी वहां मौजूद रहे। घर पहुंचते ही दादा करुणा शंकर बाजपेयी, मां मंजू वाजपेयी, बहन दीपिका बाजपेयी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
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