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थर्मल पावर फीडर चैनल में उफनाने से कटान
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रायबरेली में मंगलवार को ऊंचाहार क्षेत्र के मिर्जापुर ऐहारी गांव के निकट नहर कटने से खेत में भरे प
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। एनटीपीसी को जाने वाली थर्मल पावर फीडर चैनल में उफान के चलते कटान हो गई। इससे आसपास के करीब 100 बीघा खेतों में कटी पड़ी धान की फसल में पानी में डूब गई। किसान मंगलवार सुबह जब खेत गए तो पानी भरा मिला। यह देख किसान आक्रोशित हो गए। सिंचाई विभाग के अफसरों का दावा है कि एनटीपीसी में कोई तकनीकी खराबी आने के चलते परियोजना में पानी नहीं जा पा रहा था। इस वजह से कटान हुई है।
एनटीपीसी परियोजना को शारदा सहायक नहर के अलावा डलमऊ पंप कैनाल से भी पानी जाता है। शारदा सहायक नहर बंद होने के कारण एनटीपीसी को डलमऊ पंप कैनाल से पानी पहुंचाया जा रहा है। बताते हैं कि डलमऊ पंप कैनाल रामगढ़ गांव से समाप्त हो जाती है। उसके आगे 13 किलोमीटर थर्मल पावर फीडर चैनल नाम से छोटी माइनर बनाई गई। इससे परियोजना को पानी जाता है। किसान सिंचाई नहीं कर सकते हैं।
सोमवार रात एनटीपीसी परियोजना के पंप में तकनीकी खराबी आने के कारण थर्मल पावर फीडर से पानी की उठान बंद हो गई। इससे पूरे प्रताप मजरे मिर्जापुर ऐहारी गांव के पास अवैध तरीके से किसानों द्वारा बनाए गए कुलाबे में कटान हो गई। इससे आसपास के खेतों में पानी भर गया। किसान जगन्नाथ शुक्ला, अशोक गिरी, रामबली, आशुतोष, कल्लू, जय प्रताप, श्रवण कुमार, निहोर व बृजेश कुमार आदि ने बताया कि एनटीपीसी में जलापूर्ति के लिए बनाई गई नहर की पटरियां जर्जर हैं।
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काफी अरसे से मरम्मत नहीं की गई है। इसी लापरवाही की वजह से नहर की दाईं पटरी कट गई। पूरे प्रतयाप, जगदीशपुर और मिर्जापुर ऐहारी गांव के किसानों की फसल में पानी भरा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि नहर में अवैध तरीके से कुलाबा बनाना गलत है। मामले की जानकारी हुई है। कुलाबा बनाने वाले किसानों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
नहर कटने के बाद मंगलवार सुबह जब श्रमिक कटान को बांधने गए तो खफा किसानों ने श्रमिकों को दौड़ा दिया। इतना ही नहीं एक श्रमिक पर फावड़े से हमला करके घायल कर दिया। उसने मामले की तहरीर कोतवाली में दी है। पारी निवासी दुर्गा प्रसाद ने बताया कि कटान होने की जानकारी पर विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर वो श्रमिकों के साथ कटान बांधने गया था, लेकिन किसानों ने फावड़ा लेकर दौड़ा लिया।
अन्य श्रमिकों तो भाग गए, लेकिन उसकी पिटाई कर दी। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के बाद जांच शुरू कर दी है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता आरबी पांडेय रामगढ़ के आगे 13 किलोमीटर पक्की नहर से केवल एनटीपीसी को पानी पहुंचाया जाता है, लेकिन पूरे प्रताप मजरे मिर्जापुर ऐहारी गांव के पास किसानों ने अवैध तरीके से पटरी तोड़कर कुलाबा बना लिया है।
यही से सिंचाई करते हैं। इस समय पानी की जरूरत नहीं होने पर किसानों ने बोरियां आदि रखकर कुलाबा बंद कर दिया था, लेकिन रात में एनटीपसी के पंप में तकनीकी खराबी के चलते पानी की उठान न हो पाने के कारण पानी का दबाव बढ़ने लगा। रात में ही डलमऊ में पंप बंद कराकर रास्ते का पानी अन्य माइनरों और रजबहों में डायवर्ट किया, लेकिन दबाव बढ़ने के कारण पूरे प्रताप मजरे मिर्जापुर ऐहारी गांव के पास बनाए गए अवैध कुलाबा टूट गया।
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एनटीपीसी परियोजना को शारदा सहायक नहर के अलावा डलमऊ पंप कैनाल से भी पानी जाता है। शारदा सहायक नहर बंद होने के कारण एनटीपीसी को डलमऊ पंप कैनाल से पानी पहुंचाया जा रहा है। बताते हैं कि डलमऊ पंप कैनाल रामगढ़ गांव से समाप्त हो जाती है। उसके आगे 13 किलोमीटर थर्मल पावर फीडर चैनल नाम से छोटी माइनर बनाई गई। इससे परियोजना को पानी जाता है। किसान सिंचाई नहीं कर सकते हैं।
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सोमवार रात एनटीपीसी परियोजना के पंप में तकनीकी खराबी आने के कारण थर्मल पावर फीडर से पानी की उठान बंद हो गई। इससे पूरे प्रताप मजरे मिर्जापुर ऐहारी गांव के पास अवैध तरीके से किसानों द्वारा बनाए गए कुलाबे में कटान हो गई। इससे आसपास के खेतों में पानी भर गया। किसान जगन्नाथ शुक्ला, अशोक गिरी, रामबली, आशुतोष, कल्लू, जय प्रताप, श्रवण कुमार, निहोर व बृजेश कुमार आदि ने बताया कि एनटीपीसी में जलापूर्ति के लिए बनाई गई नहर की पटरियां जर्जर हैं।
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काफी अरसे से मरम्मत नहीं की गई है। इसी लापरवाही की वजह से नहर की दाईं पटरी कट गई। पूरे प्रतयाप, जगदीशपुर और मिर्जापुर ऐहारी गांव के किसानों की फसल में पानी भरा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि नहर में अवैध तरीके से कुलाबा बनाना गलत है। मामले की जानकारी हुई है। कुलाबा बनाने वाले किसानों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
नहर कटने के बाद मंगलवार सुबह जब श्रमिक कटान को बांधने गए तो खफा किसानों ने श्रमिकों को दौड़ा दिया। इतना ही नहीं एक श्रमिक पर फावड़े से हमला करके घायल कर दिया। उसने मामले की तहरीर कोतवाली में दी है। पारी निवासी दुर्गा प्रसाद ने बताया कि कटान होने की जानकारी पर विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर वो श्रमिकों के साथ कटान बांधने गया था, लेकिन किसानों ने फावड़ा लेकर दौड़ा लिया।
अन्य श्रमिकों तो भाग गए, लेकिन उसकी पिटाई कर दी। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के बाद जांच शुरू कर दी है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता आरबी पांडेय रामगढ़ के आगे 13 किलोमीटर पक्की नहर से केवल एनटीपीसी को पानी पहुंचाया जाता है, लेकिन पूरे प्रताप मजरे मिर्जापुर ऐहारी गांव के पास किसानों ने अवैध तरीके से पटरी तोड़कर कुलाबा बना लिया है।
यही से सिंचाई करते हैं। इस समय पानी की जरूरत नहीं होने पर किसानों ने बोरियां आदि रखकर कुलाबा बंद कर दिया था, लेकिन रात में एनटीपसी के पंप में तकनीकी खराबी के चलते पानी की उठान न हो पाने के कारण पानी का दबाव बढ़ने लगा। रात में ही डलमऊ में पंप बंद कराकर रास्ते का पानी अन्य माइनरों और रजबहों में डायवर्ट किया, लेकिन दबाव बढ़ने के कारण पूरे प्रताप मजरे मिर्जापुर ऐहारी गांव के पास बनाए गए अवैध कुलाबा टूट गया।