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आठ हजार छात्रों का छात्रवृत्ति डॉटा संदिग्ध, निदेशालय से जांच के आदेश

Fri, 17 Jan 2020 12:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jan 2020 12:48 AM IST
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Scholarship data of eight thousand students suspected, inquiry order from directorate
रायबरेली। डिग्री कॉलेजों व अन्य शैक्षिक संस्थानों में अध्ययनरत छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के आठ हजार से अधिक छात्रों को डाटा संदिग्ध पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है।
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समाज कल्याण निदेशालय के स्तर पर जांच में मामला पकड़ में आने के बाद समाज कल्याण विभाग ने सभी कॉलेजों से पत्रावली तलब की है। कॉलेजों को तीन दिन का समय दिया गया है।
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संदिग्ध छात्रों के डाटा उपलब्ध न कराए जाने पर आवेदनों को निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। जिले के डिग्री कॉलेज व विभिन्न संस्थाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।
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जिले में अनुसूचित जाति-जनजाति और सामान्य वर्ग के करीब 21 हजार छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। ऑनलाइन आवेदन के बाद निदेशालय स्तर पर जांच की गई। इसमें 7921 से अधिक छात्र-छात्राओं के डाटा संदिग्ध पाए गए हैं।
हाईस्कूल के रिकॉर्ड के साथ ही आय और जाति प्रमाणपत्र सहित अन्य अभिलेखों में गड़बड़ियां पकड़ में आई है। नियमानुसार सामान्य वर्ग के परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख व एससी परिवार की आय दो लाख होने पर छात्राओं की फीस की भरपाई की जाती है।
ऑनलाइन आवेदनों की जांच में नाम, आय, पिछले शैक्षिक रिकॉर्ड, बैंक खाता आदि में गड़बड़ियां पकड़ में आ रही हैं। निदेशालय स्तर पर मामला पकड़ में आने के बाद निदेशक ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को संदिग्ध डाटा की जांच कराकर सत्यापन करने के आदेश दिए हैं।
जिससे छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ छात्र-छात्राओं को दिया जा सके। निदेशालय का पत्र मिलने के बाद डिग्री कॉलेजों व संस्थाओं के संचालकों को तीन दिन में पूरा डाटा उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। इससे संचालकों में हड़कंप मच गया है।
समाज कल्याण विभाग के पटल सहायक आशीष कुमार पांडेय का कहना है कि डिग्री कॉलेज स्तर के 21 हजार आवेदनों में 7921 आवेदनों के संदेह मिलने के बाद शेष आवेदन ओके हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि संदिग्ध डाटा के मामले में कॉलेजों से तीन दिन में रिपोर्ट न आने पर आवेदनों को निरस्त कर दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन की होगी।

इंटरमीडिएट के सामान्य वर्ग में 4771 और एससी में 8533 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। इसमें से 654 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है।
जिले में शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के 7921 छात्रों का डाटा संदिग्ध मिला है। मामले में कॉलेजों से पूरा डाटा मांगा गया है। तीन दिन में स्कूलों से रिपोर्ट आने के बाद आवेदनों को सत्यापन किया जाएगा। जिन छात्रों का डाटा उपलब्ध नहीं होगा, उनके आवेदनों को निरस्त कर दिया जाएगा।- रामचंद्र दुबे, जिला समाज कल्या अधिकारी
जिले में संदिग्ध मिले छात्र-छात्राओं के डाटा
जाति जमा आवेदन संदिग्ध डाटा
अनुसूचित जाति 11098 3774
जनजाति 41 16
सामान्य जाति 10258 4131
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