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Satta Ka Sangram: रायबरेली के युवाओं के क्या हैं मुद्दे, आखिर किस आधार पर करेगा वोटिंग... खुलकर रखी अपनी बात

Wed, 01 May 2024 02:35 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला टीम, रायबरेली
अमर उजाला टीम, रायबरेली Published by: ishwar ashish Updated Wed, 01 May 2024 02:35 PM IST
सार

सत्ता का संग्राम अभियान के तहत अमर उजाला टीम ने रायबरेली में युवाओं से बात की और उनके मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान युवाओं ने भी खुलकर अपना पक्ष रखा।

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Satta Ka Sangram: Youth of Raebareli talk about his issue.
रायबरेली में युवाओं से वार्ता की गई। - फोटो : amar ujala

विस्तार

देश की एक चर्चित लोकसभा सीट रायबरेली में युवा किन मुद्दों पर वोट करेंगे और जब मतदान के लिए जाएंगे तो क्या सोचकर मतदान करेंगे। इस पर अमर उजाला की टीम ने सत्ता का संग्राम अभियान के तहत युवाओं से बात की। जहां युवाओं ने खुलकर अपनी बात रखी। युवाओं का कहना है कि रोजगार एक बड़ा मुद्दा है। बेरोजगारी बड़ी समस्या है सरकार को इसके निदान के लिए काम करना चाहिए। भर्तियां आती हैं और पेपर लीक हो जाता है।

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एक युवा विला सिद्दीकी का कहना है कि सरकार को शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। देश में अभी भी अशिक्षा है। इस पर काम किया जाना चाहिए। आदित्य अग्निहोत्री का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता भ्रष्टाचार को खत्म करने की होनी चाहिए। इस समय बहुत भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार से देश का विकास प्रभावित होता है।
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विवेक मिश्रा ने भी पेपर लीक और नौकरियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि युवा तैयारी करता है। दिन रात मेहनत करता है और जब पेपर देने जाता है तो पेपर लीक हो जाता है। इस मुद्दे पर सरकार को काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आपस में चर्चा करते हुए युवाओं ने वोट न देने पर भी चर्चा की और कहा कि अगर वोट करेंगे तो नोटा पर करेंगे। जिले में खराब सड़कों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि जिले की सड़कें खराब हैं। हाइवे बनाकर टोल टैक्स वसूला जा रहा है लेकिन जिले में सड़कें खराब है जिससे लोगों को मुश्किल होती है। 
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विवेक पांडेय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवा और रोजगार हैं ही नहीं। सरकार युवाओं से वोट तो चाहती है लेकिन उन्हें अपनी योजनाओं के केंद्र में रखना नहीं चाहती है। मैंने लेखपाल की परीक्षा पास की तहसील भी आवंटित हो गई लेकिन फिर मामला कोर्ट में चला गया और मुझे घर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि रोजगार हमारे लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। पूरे रायबरेली में एक ही केंद्रीय विद्यालय है। बाकी प्राइवेट स्कूलों में लोगों से मनमानी फीस वसूली जा रही है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।

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