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Raebareli News: वसूली नोटिस निरस्त, देनी होगी क्षतिपूर्ति
Thu, 07 Aug 2025 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 07 Aug 2025 12:31 AM IST
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रायबरेली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए वसूली नोटिस को निरस्त कर दिया। निजी फाइनेंस कंपनी को क्षतिपूर्ति व वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये 45 दिन के अंदर अदा करने के आदेश दिए। समय से क्षतिपूर्ति अदा न करने पर कंपनी को सात प्रतिशत साधारण ब्याज भी देना होगा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बड़ा कुंआ निवासी पवन कुमार ने होम क्रेडिट इंडिया फाइनेंस लिमिटेड के एजेंट के माध्यम से आसान किस्तों पर मोबाइल खरीदा था। कंपनी के एजेंट से 20 अक्तूबर 2022 को 11500 रुपये का मोबाइल खरीदा था। पीडि़त को 2530 रुपये की पांच किस्तों में ऋण को जमा करना था। पीडि़त ने समय से पूरी किस्त जमा कर दी।
30 जुलाई 2023 को कंपनी से 3234 रुपये का बकाया दिखाकर वसूली नोटिस थमा दिया। फाइनेंस कंपनी ने यह धनराशि वसूलने का प्रयास किया। पीडि़त जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में कंपनी के खिलाफ परिवाद दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष मदन लाल निगम, सदस्यसुनीता मिश्रा व प्रतिमा सिंह ने फाइनेंस कंपनी के 3234 रुपये की वसूली नोटिस को निरस्त कर दिया।
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आयोग ने कहा कि जब सारी किस्तें जमा हो गई तो और धनराशि की वसूली नहीं की जा सकती है। आयोग ने कंपनी को एक हजार रुपये क्षतिपूर्ति व एक हजार रुपये परिवाद व्यय अदा करने का आदेश दिया।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के बड़ा कुंआ निवासी पवन कुमार ने होम क्रेडिट इंडिया फाइनेंस लिमिटेड के एजेंट के माध्यम से आसान किस्तों पर मोबाइल खरीदा था। कंपनी के एजेंट से 20 अक्तूबर 2022 को 11500 रुपये का मोबाइल खरीदा था। पीडि़त को 2530 रुपये की पांच किस्तों में ऋण को जमा करना था। पीडि़त ने समय से पूरी किस्त जमा कर दी।
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30 जुलाई 2023 को कंपनी से 3234 रुपये का बकाया दिखाकर वसूली नोटिस थमा दिया। फाइनेंस कंपनी ने यह धनराशि वसूलने का प्रयास किया। पीडि़त जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में कंपनी के खिलाफ परिवाद दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष मदन लाल निगम, सदस्यसुनीता मिश्रा व प्रतिमा सिंह ने फाइनेंस कंपनी के 3234 रुपये की वसूली नोटिस को निरस्त कर दिया।
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आयोग ने कहा कि जब सारी किस्तें जमा हो गई तो और धनराशि की वसूली नहीं की जा सकती है। आयोग ने कंपनी को एक हजार रुपये क्षतिपूर्ति व एक हजार रुपये परिवाद व्यय अदा करने का आदेश दिया।