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जांच शुरू, 661 कलियुगी गरीबों के राशन कार्ड निरस्त
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रायबरेली। सरकारी धान व गेहूं खरीद केंद्रों पर 32 करोड़ से अधिक का अनाज बेचने वाले 821 ‘कलियुगी गरीबों’ की जांच शुरू हो गई है। अब तक जांच में अपात्र मिले 661 लोगों के अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया।
शेष राशन कार्डों की जांच की जा रही है। जांच शुरू होने के बाद हर महीने गरीबों के हक पर डाका डालने वाले अपात्रों में हड़कंप मच गया है। इन कार्डधारकों से राशन की वसूली भी की जा सकती है।
पिछले एक साल में सरकारी खरीद केंद्रों पर बिचौलिये खूब हावी रहे। विभागीय अफसरों की मिलीभगत से बिचौलियों ने खूब अनाज की तौल कराई। आशंका होने पर शासन स्तर पर इसकी जांच की गई तो परत दर परत कलई खुल गई।
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अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों द्वारा सरकार को तीन-तीन लाख से अधिक का अनाज बेचने की सूची तैयार की गई तो जिले में ऐसे 921 कलियुगी गरीब मिल गए। शासन ने जिले को सूची देकर जांच के आदेश दिए।
‘अमर उजाला’ ने 22 सितंबर के अंक में कलियुगी गरीबों ने सरकार को बेचा 32 करोड़ का धान-गेहूं शीर्षक से खबर प्रकाशित की। डीएम के आदेश पर उपजिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जांच कराई तो 821 कार्डों में 661 कार्डधारक अपात्र पाए गए।
अपात्र मिलते ही संबंधित अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के कार्डों को निरस्त करवा दिया गया है। शेष कार्डों की जांच का काम जारी है। जल्द ही इन कार्डों पर भी निर्णय लिया जाएगा।
जांच में मिले कई करोड़पति तो एक पीडब्ल्यूडी का ठेकेदार
गरीबों के हक पर डाका डालने वालों में कई करोड़पति भी शामिल हैं। एक अंत्योदय कार्डधारक तो लोक निर्माण विभाग का पंजीकृत ठेकेदार बताया जा रहा है। हर साल वह करोड़ का काम करता है, लेकिन उसे हर महीने 35-35 किलो राशन कोटे की दुकान से मिल रहा है। कार, जीप, दो मंजिला भवन, एसी आदि वाले अंत्योदय व पात्र गृहस्थी का लाभ लेते पाए गए हैं।
अपात्रों को स्वयं अपना कार्ड निरस्त करवाने के आदेश
मनमानी पकड़ में आने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी विमल शुक्ला ने अपात्रों को अपना राशन कार्ड स्वयं निरस्त कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही जिले में सभी अंत्योदय और पात्र ग्रहस्थी के राशन कार्डों की जांच कराई जाएगी। यदि अपात्र योजना का लाभ लेते पाया गया तो उसके राशन कार्ड को निरस्त करने के साथ ही राशन की रिकवरी व अन्य कार्रवाई की जाएगी, इसलिए अपात्र लोग जल्द से जल्द राशन कार्ड निरस्त करवा लें।
जिले में जांच के बाद निरस्त किए गए राशन कार्ड
तहसील का नाम इन कार्डों की जांच निरस्त हुए कार्ड
सदर 191 181
लालगंज 37 30
डलमऊ 47 46
महराजगंज 204 161
ऊंचाहार 48 39
सलोन 283 194
नगर पालिका 11 10
कुल 821 661
सभी एसडीएम के निर्देशन में आपूर्ति निरीक्षक और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी 821 राशन कार्डों की जांच में जुट गए हैं। अब तक 661 कार्डों की जांच की गई, जिसमें सभी के अपात्र मिलने पर उनके राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया है। शेष कार्डों की भी जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी।
विमल शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी
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शेष राशन कार्डों की जांच की जा रही है। जांच शुरू होने के बाद हर महीने गरीबों के हक पर डाका डालने वाले अपात्रों में हड़कंप मच गया है। इन कार्डधारकों से राशन की वसूली भी की जा सकती है।
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पिछले एक साल में सरकारी खरीद केंद्रों पर बिचौलिये खूब हावी रहे। विभागीय अफसरों की मिलीभगत से बिचौलियों ने खूब अनाज की तौल कराई। आशंका होने पर शासन स्तर पर इसकी जांच की गई तो परत दर परत कलई खुल गई।
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अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों द्वारा सरकार को तीन-तीन लाख से अधिक का अनाज बेचने की सूची तैयार की गई तो जिले में ऐसे 921 कलियुगी गरीब मिल गए। शासन ने जिले को सूची देकर जांच के आदेश दिए।
‘अमर उजाला’ ने 22 सितंबर के अंक में कलियुगी गरीबों ने सरकार को बेचा 32 करोड़ का धान-गेहूं शीर्षक से खबर प्रकाशित की। डीएम के आदेश पर उपजिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जांच कराई तो 821 कार्डों में 661 कार्डधारक अपात्र पाए गए।
अपात्र मिलते ही संबंधित अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के कार्डों को निरस्त करवा दिया गया है। शेष कार्डों की जांच का काम जारी है। जल्द ही इन कार्डों पर भी निर्णय लिया जाएगा।
जांच में मिले कई करोड़पति तो एक पीडब्ल्यूडी का ठेकेदार
गरीबों के हक पर डाका डालने वालों में कई करोड़पति भी शामिल हैं। एक अंत्योदय कार्डधारक तो लोक निर्माण विभाग का पंजीकृत ठेकेदार बताया जा रहा है। हर साल वह करोड़ का काम करता है, लेकिन उसे हर महीने 35-35 किलो राशन कोटे की दुकान से मिल रहा है। कार, जीप, दो मंजिला भवन, एसी आदि वाले अंत्योदय व पात्र गृहस्थी का लाभ लेते पाए गए हैं।
अपात्रों को स्वयं अपना कार्ड निरस्त करवाने के आदेश
मनमानी पकड़ में आने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी विमल शुक्ला ने अपात्रों को अपना राशन कार्ड स्वयं निरस्त कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही जिले में सभी अंत्योदय और पात्र ग्रहस्थी के राशन कार्डों की जांच कराई जाएगी। यदि अपात्र योजना का लाभ लेते पाया गया तो उसके राशन कार्ड को निरस्त करने के साथ ही राशन की रिकवरी व अन्य कार्रवाई की जाएगी, इसलिए अपात्र लोग जल्द से जल्द राशन कार्ड निरस्त करवा लें।
जिले में जांच के बाद निरस्त किए गए राशन कार्ड
तहसील का नाम इन कार्डों की जांच निरस्त हुए कार्ड
सदर 191 181
लालगंज 37 30
डलमऊ 47 46
महराजगंज 204 161
ऊंचाहार 48 39
सलोन 283 194
नगर पालिका 11 10
कुल 821 661
सभी एसडीएम के निर्देशन में आपूर्ति निरीक्षक और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी 821 राशन कार्डों की जांच में जुट गए हैं। अब तक 661 कार्डों की जांच की गई, जिसमें सभी के अपात्र मिलने पर उनके राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया है। शेष कार्डों की भी जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी।
विमल शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी