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325 अपात्रों का मुफ्त राशन से तौबा, राशन कार्ड किया सरेंडर
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रायबरेली। शासन के गंभीर होने के बाद लंबे समय से गरीबों का मुफ्त राशन डकार रहे अपात्र लखपतियों में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई और रिकवरी के डर से 325 अपात्र राशन कार्डधारकों ने मुफ्त राशन लेने से तौबा कर ली है।
कार्डधारकों ने राशन कार्ड जमा करके निरस्त कराने की मांग की है। जल्द ही जांच टीम गांवों में पहुंचकर एक-एक राशन कार्डधारक की पात्रता की जांच करेंगी। जांच में अपात्र पाए जाने पर विधिक कार्रवाई के साथ ही राशन की रिकवरी भी की जा सकती है।
जिले में अंत्योदय के 1,01,913 व पात्र गृहस्थी के 4,58,929 राशनकार्ड हैं। सभी राशन कार्डों की यूनिटों पर हर महीने मुफ्त राशन दिया जा रहा है। शासन के संज्ञान में आया कि आयकरदाता के साथ ही अन्य लखपति लोग भी मनमाने तरीके से राशन कार्ड बनवाकर मुफ्त राशन डकार रहे हैं।
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शासन की मंशा पर आपूर्ति विभाग ने जिले में मुफ्त राशन ले रहे अपात्र राशन कार्डधारकों पर शिकंजा कसा है। अपात्रों को एक सप्ताह के अंदर कार्ड निरस्त कराने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर विधिक कार्रवाई के साथ ही वसूली की चेतावनी दी गई है।
शिकंजा कसने के बाद अब तक 325 अपात्र राशन कार्डधारकों ने मुफ्त राशन लेने से तौबा कर ली है। इन लोगों ने तहसीलों के आपूर्ति कार्यालयों में पहुंचकर अंत्योदय व पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड सरेंडर कर दिया है।
कार्रवाई से बचने के लिए अपात्र लोग कोटे की दुकानों पर राशन लेने के लिए कम आ रहे हैं। हालांकि विभाग के गंभीर होने के बाद अपात्रों में हड़कंप मच गया है।
ये लोग माने जाएंगे अपात्र
सरेंडर करें अंत्योदय पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड
आयकरदाता के साथ ही जिनके पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हॉर्वेस्टर, एसी, जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक जमीन है, वे लोग अंत्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड के लिए अपात्र हैं।
पात्रता के लिए ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख और नगरीय क्षेत्र में तीन लाख से अधिक परिवार की आय भी नहीं होनी चाहिए। शहरी क्षेत्र में आवासीय व व्यावसायिक प्लाट लेने वाले भी अपात्र घोषित किए गए हैं। विभाग ने मानकों को पूरा न करने वाले राशन कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया में जुट गया है।
जिले में 325 अपात्र लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर कर दिया है। जल्द ही गांवों में घर-घर टीमें पहुंचकर राशन कार्ड के लिए पात्रता की जांच करेंगी। अपात्रों के राशन कार्डों को निरस्त करने के साथ ही जरूरत पड़ने पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। राशन की रिकवरी भी होगी।
विमल कुमार शुक्ला, डीएसओ
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कार्डधारकों ने राशन कार्ड जमा करके निरस्त कराने की मांग की है। जल्द ही जांच टीम गांवों में पहुंचकर एक-एक राशन कार्डधारक की पात्रता की जांच करेंगी। जांच में अपात्र पाए जाने पर विधिक कार्रवाई के साथ ही राशन की रिकवरी भी की जा सकती है।
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जिले में अंत्योदय के 1,01,913 व पात्र गृहस्थी के 4,58,929 राशनकार्ड हैं। सभी राशन कार्डों की यूनिटों पर हर महीने मुफ्त राशन दिया जा रहा है। शासन के संज्ञान में आया कि आयकरदाता के साथ ही अन्य लखपति लोग भी मनमाने तरीके से राशन कार्ड बनवाकर मुफ्त राशन डकार रहे हैं।
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शासन की मंशा पर आपूर्ति विभाग ने जिले में मुफ्त राशन ले रहे अपात्र राशन कार्डधारकों पर शिकंजा कसा है। अपात्रों को एक सप्ताह के अंदर कार्ड निरस्त कराने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर विधिक कार्रवाई के साथ ही वसूली की चेतावनी दी गई है।
शिकंजा कसने के बाद अब तक 325 अपात्र राशन कार्डधारकों ने मुफ्त राशन लेने से तौबा कर ली है। इन लोगों ने तहसीलों के आपूर्ति कार्यालयों में पहुंचकर अंत्योदय व पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड सरेंडर कर दिया है।
कार्रवाई से बचने के लिए अपात्र लोग कोटे की दुकानों पर राशन लेने के लिए कम आ रहे हैं। हालांकि विभाग के गंभीर होने के बाद अपात्रों में हड़कंप मच गया है।
ये लोग माने जाएंगे अपात्र
सरेंडर करें अंत्योदय पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड
आयकरदाता के साथ ही जिनके पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हॉर्वेस्टर, एसी, जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक जमीन है, वे लोग अंत्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड के लिए अपात्र हैं।
पात्रता के लिए ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख और नगरीय क्षेत्र में तीन लाख से अधिक परिवार की आय भी नहीं होनी चाहिए। शहरी क्षेत्र में आवासीय व व्यावसायिक प्लाट लेने वाले भी अपात्र घोषित किए गए हैं। विभाग ने मानकों को पूरा न करने वाले राशन कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया में जुट गया है।
जिले में 325 अपात्र लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर कर दिया है। जल्द ही गांवों में घर-घर टीमें पहुंचकर राशन कार्ड के लिए पात्रता की जांच करेंगी। अपात्रों के राशन कार्डों को निरस्त करने के साथ ही जरूरत पड़ने पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। राशन की रिकवरी भी होगी।
विमल कुमार शुक्ला, डीएसओ