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बारिश से दलहनी फसलों को हो सकता नुकसान
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रायबरेली। जिले में तीन दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश गेहूं के लिए संजीवनी का काम करेगी, वहीं दलहनी फसलों के लिए यह नुकसानदायक साबित हो सकती है। दलहनी फसलों में पानी रुका तो मटर, चना की फसल खराब हो जाएगी। दूसरी ओर अलाव नहीं जलने से लोग ठिठुर रहे हैं। कोई घरों में अलाव का सहारा ले रहा तो कहीं चाय की चुस्कियां लेकर लोगों ने सर्दी से राहत पाई। बारिश के चलते शहर में कई जगह जलभराव रहा। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
लगातार बिगड़े मौसम के बीच शनिवार की सुबह से बारिश होती रही। बारिश से लोग अपने घरों में में कैद रहे। कंपकंपाती सर्दी से लोगों के साथ ही जानवरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। रबी की फसलों को भी नुकसान हुआ है। ऊंचाहार क्षेत्र के किसान संजय सिंह, जगदीश मौर्य, दीपक निषाद, इंद्रसेन, बृजेश कुमार ने बताया कि लगातार रिमझिम बारिश से जहां सरसों, चना व आलू की फसल को नुकसान हुआ है।
बछरावां प्रतिनिधि के मुताबिक बेमौसम बारिश ने खेती पर निर्भर किसानों की कमर तोड़ दी है। लगातार बारिश से सरसों, चना, मटर की फसल को अत्यधिक नुकसान हुआ है। मदारखेड़ा निवासी किसान रणबहादुर सिंह ने बताया कि सोलह बीघे में गेहूं की फसल है। पांच दिन पहले सिंचाई भी कर चुके हैं। ऊपर से बारिश का पानी खेत में भर गया। यदि मौसम इसी तरह रहा तो गेहूं पीला पड़ जाएगा।
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शेषपुर समोधा निवासी शिवाशंकर शुक्ला, मंगलेश मिश्रा, सेहगों पश्चिम गांव के किसान विनोद चौधरी, ज्ञानू पांडे ने बारिश को नुकसानदायक बताया। सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक हसनापुर के किसान अयोध्या प्रसाद, अखिलेश तिवारी, चंद किशोर ने बताया कि यह बारिश आलू, चना, मटर, सरसों के लिए नुकसानदायक है। यदि मौसम साफ न हुआ तो गेहूं की फसल भी खराब होगी।
कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके कनौजिया ने बताया कि आलू की पिछैती फसल में झुलसा लगने की संभावना है। यदि झुलसा का प्रकोप हो तो शुरुआती दौर में ही साईमोकसलीन एवं मैंकोजेब का छिड़काव करें। सरसों की फसल में माहू कीट दिखाई देने पर इमिडाक्लोरोपारिड़ या नीम आयल का स्प्रे करें। चना, मटर के खेत में यदि जलभराव है तो उसे निकाल दें। इसी तरह सब्जियों की फसल को कीट से बचाने के लिए इमिडाक्लोरोपारिड़ का छिड़काव करें।
बारिश से ठप रही बिजली आपूर्ति
तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से शहर समेत ग्रामीण अंचलों की बिजली आपूर्ति गुल रही। इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर क्षेत्र में दिन भर बिजली आने-जाने का सिलसिला लगा रहा। इस वजह से उपभोक्ता बेहाल रहे। ग्रामीण अंचलों में कठगर, सूची, गदागंज विद्युत उपकेंद्र में कहीं तार टूटने तो कहीं पर अन्य तकनीकी खराबी के चलते बिजली आपूर्ति ठप रही। देर शाम सभी जगह की बिजली आपूर्ति बहाल गई।
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लगातार बिगड़े मौसम के बीच शनिवार की सुबह से बारिश होती रही। बारिश से लोग अपने घरों में में कैद रहे। कंपकंपाती सर्दी से लोगों के साथ ही जानवरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। रबी की फसलों को भी नुकसान हुआ है। ऊंचाहार क्षेत्र के किसान संजय सिंह, जगदीश मौर्य, दीपक निषाद, इंद्रसेन, बृजेश कुमार ने बताया कि लगातार रिमझिम बारिश से जहां सरसों, चना व आलू की फसल को नुकसान हुआ है।
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बछरावां प्रतिनिधि के मुताबिक बेमौसम बारिश ने खेती पर निर्भर किसानों की कमर तोड़ दी है। लगातार बारिश से सरसों, चना, मटर की फसल को अत्यधिक नुकसान हुआ है। मदारखेड़ा निवासी किसान रणबहादुर सिंह ने बताया कि सोलह बीघे में गेहूं की फसल है। पांच दिन पहले सिंचाई भी कर चुके हैं। ऊपर से बारिश का पानी खेत में भर गया। यदि मौसम इसी तरह रहा तो गेहूं पीला पड़ जाएगा।
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शेषपुर समोधा निवासी शिवाशंकर शुक्ला, मंगलेश मिश्रा, सेहगों पश्चिम गांव के किसान विनोद चौधरी, ज्ञानू पांडे ने बारिश को नुकसानदायक बताया। सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक हसनापुर के किसान अयोध्या प्रसाद, अखिलेश तिवारी, चंद किशोर ने बताया कि यह बारिश आलू, चना, मटर, सरसों के लिए नुकसानदायक है। यदि मौसम साफ न हुआ तो गेहूं की फसल भी खराब होगी।
कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके कनौजिया ने बताया कि आलू की पिछैती फसल में झुलसा लगने की संभावना है। यदि झुलसा का प्रकोप हो तो शुरुआती दौर में ही साईमोकसलीन एवं मैंकोजेब का छिड़काव करें। सरसों की फसल में माहू कीट दिखाई देने पर इमिडाक्लोरोपारिड़ या नीम आयल का स्प्रे करें। चना, मटर के खेत में यदि जलभराव है तो उसे निकाल दें। इसी तरह सब्जियों की फसल को कीट से बचाने के लिए इमिडाक्लोरोपारिड़ का छिड़काव करें।
बारिश से ठप रही बिजली आपूर्ति
तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से शहर समेत ग्रामीण अंचलों की बिजली आपूर्ति गुल रही। इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर क्षेत्र में दिन भर बिजली आने-जाने का सिलसिला लगा रहा। इस वजह से उपभोक्ता बेहाल रहे। ग्रामीण अंचलों में कठगर, सूची, गदागंज विद्युत उपकेंद्र में कहीं तार टूटने तो कहीं पर अन्य तकनीकी खराबी के चलते बिजली आपूर्ति ठप रही। देर शाम सभी जगह की बिजली आपूर्ति बहाल गई।