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पटरी पर लौटा ट्रेनों का संचालन, अब बिछेगा आगे का नया ट्रैक
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रायबरेली। लखनऊ-रायबरेली रेलखंड पर श्रीराज नगर से कुंदनगंज स्टेशनों के बीच दोहरीकरण कार्य के चलते नान-इंटरलाकिंग की वजह से प्रभावित हुआ ट्रेनों का संचालन शनिवार को पटरी पर लौटने लगा। डायवर्ट की गई सभी महत्वपूर्ण ट्रेनें चलने लगीं लेकिन कोहरे की वजह से निरस्त हुई पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। दूसरी तरफ इस रेलखंड पर अगले चरण के लिए दोहरीकरण का कार्य पूरा करने की जोरआजमाइश शुरू कर दी गई है।
श्रीराज नगर से कुंदनगंज के बीच दोहरीकरण कार्य को अंतिम रूप देने के लिए 17 से 24 जनवरी तक नान-इंटरलाकिंग की अनुमति ली गई थी जिससे आठ ट्रेनें निरस्त कर दी गई थीं जबकि सात महत्वपूर्ण ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा था।
लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी को रायबरेली तक ही चला रहे थे जो कि पहले की तरह अब लखनऊ तक चलने लगी है। करीब एक हफ्ते तक डायवर्ट रही पंजाब मेले के दोनों फेरे रायबरेली से होकर चले तो यात्रियों ने राहत की सांस ली। इसके अलावा अर्चना एक्सप्रेस एवं नीलांचल एक्सप्रेस के दोनों फेरे तथा आगरा कैंट एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित दिवसों में रायबरेली से होकर चलाई जाएंगी।
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निरस्त की गई ट्रेनों में जनता एक्सप्रेस, वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर, प्रतापगढ़-लखनऊ पैसेंजर, लखनऊ-प्रयाग पैसेंजर के दोनों फेरे शामिल थे जिन्हें अभी शुरू नहीं कराया जा सका है। ये सभी गाड़ियां पहले भी कोहरे की वजह से निरस्त की गई थीं जिन्हें अभी भी निरस्त रखा गया है। उम्मीद है कि फरवरी में इन ट्रेनों का संचालन शुरू होगा।
शुक्रवार को सीसीआरएस एसके पाठक ने श्रीराज नगर से कुंदनगंज तक दोहरीकरण कार्य का निरीक्षण कर लिया है। अब कुंदनगंज से गंगागंज तक डबल ट्रैक बिछाया जाएगा। इसके लिए काम चल रहा है। लखनऊ-रायबरेली रेलखंड पर पहले चरण में उतरेटिया से श्रीराज नगर तक 29 किमी. का दूसरा ट्रैक बिछाकर सीसीआरएस की हरी झंडी ले ली गई थी।
दूसरे चरण में श्रीराज नगर से कुंदनगंज तक 16 किमी. का दूसरा ट्रैक बिछा तो उसके लिए भी सीसीआरएस का निरीक्षण करा लिया गया। अब तीसरे चरण में कुंदनगंज से गंगागंज तक करीब 12 किमी. का दूसरा ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है। लखनऊ-रायबरेली रेलखंड पर 65 किमी. दोहरीकरण का कार्य 2011-12 में स्वीकृत हुआ था।
दूसरी तरफ गौरीगंज से अमेठी के बीच भी दोहरीकरण कराया जा रहा है जिसके अगले दो महीने में पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके बाद ही कुंदनगंज से गंगागंज तक का ट्रैक भी कंप्लीट कर लिया जाएगा। इस रेलखंड पर प्रतिदिन 34 जोड़ी यात्री गाड़ी और मालगाड़ी दौड़ती हैं।
स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि श्रीराज नगर से कुंदनगंज के बीच नान-इंटरलाकिंग कार्य के चलते प्रभावित हुई ज्यादातर ट्रेनें पहले की तरह संचालित होने लगी हैं। कुछ ट्रेनें कोहरे की वजह से निरस्त चल रही हैं जो उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही फिर से शुरू हो सकेंगी। कुंदनगंज तक दोहरीकरण का काम पूरा हो चुका है। आगे के हिस्से पर दूसरा नया ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है।
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श्रीराज नगर से कुंदनगंज के बीच दोहरीकरण कार्य को अंतिम रूप देने के लिए 17 से 24 जनवरी तक नान-इंटरलाकिंग की अनुमति ली गई थी जिससे आठ ट्रेनें निरस्त कर दी गई थीं जबकि सात महत्वपूर्ण ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा था।
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लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी को रायबरेली तक ही चला रहे थे जो कि पहले की तरह अब लखनऊ तक चलने लगी है। करीब एक हफ्ते तक डायवर्ट रही पंजाब मेले के दोनों फेरे रायबरेली से होकर चले तो यात्रियों ने राहत की सांस ली। इसके अलावा अर्चना एक्सप्रेस एवं नीलांचल एक्सप्रेस के दोनों फेरे तथा आगरा कैंट एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित दिवसों में रायबरेली से होकर चलाई जाएंगी।
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निरस्त की गई ट्रेनों में जनता एक्सप्रेस, वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर, प्रतापगढ़-लखनऊ पैसेंजर, लखनऊ-प्रयाग पैसेंजर के दोनों फेरे शामिल थे जिन्हें अभी शुरू नहीं कराया जा सका है। ये सभी गाड़ियां पहले भी कोहरे की वजह से निरस्त की गई थीं जिन्हें अभी भी निरस्त रखा गया है। उम्मीद है कि फरवरी में इन ट्रेनों का संचालन शुरू होगा।
शुक्रवार को सीसीआरएस एसके पाठक ने श्रीराज नगर से कुंदनगंज तक दोहरीकरण कार्य का निरीक्षण कर लिया है। अब कुंदनगंज से गंगागंज तक डबल ट्रैक बिछाया जाएगा। इसके लिए काम चल रहा है। लखनऊ-रायबरेली रेलखंड पर पहले चरण में उतरेटिया से श्रीराज नगर तक 29 किमी. का दूसरा ट्रैक बिछाकर सीसीआरएस की हरी झंडी ले ली गई थी।
दूसरे चरण में श्रीराज नगर से कुंदनगंज तक 16 किमी. का दूसरा ट्रैक बिछा तो उसके लिए भी सीसीआरएस का निरीक्षण करा लिया गया। अब तीसरे चरण में कुंदनगंज से गंगागंज तक करीब 12 किमी. का दूसरा ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है। लखनऊ-रायबरेली रेलखंड पर 65 किमी. दोहरीकरण का कार्य 2011-12 में स्वीकृत हुआ था।
दूसरी तरफ गौरीगंज से अमेठी के बीच भी दोहरीकरण कराया जा रहा है जिसके अगले दो महीने में पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके बाद ही कुंदनगंज से गंगागंज तक का ट्रैक भी कंप्लीट कर लिया जाएगा। इस रेलखंड पर प्रतिदिन 34 जोड़ी यात्री गाड़ी और मालगाड़ी दौड़ती हैं।
स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि श्रीराज नगर से कुंदनगंज के बीच नान-इंटरलाकिंग कार्य के चलते प्रभावित हुई ज्यादातर ट्रेनें पहले की तरह संचालित होने लगी हैं। कुछ ट्रेनें कोहरे की वजह से निरस्त चल रही हैं जो उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही फिर से शुरू हो सकेंगी। कुंदनगंज तक दोहरीकरण का काम पूरा हो चुका है। आगे के हिस्से पर दूसरा नया ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है।