Raebareli Ground Report: किसानों को फायदा और युवाओं को रोजगार, कितनी बदली जिंदगी? देखें ग्राउंड रिपोर्ट
Raebareli Ground Report: सक्ष्म यूपी कार्यक्रम के तहत अमर उजाला की टीम ने रायबरेली में विकास कार्यों का जायजा लिया। यहां सरकारी योजनाओं और विकास के मॉडल की पड़ताल की। लोगों के बीच पहुंचकर बातचीत की। जहां जमीनी हकीकत को जाना।
विस्तार
यूपी का पहला ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर कैसा है?
आइडीटीआर की वाइस प्रिंसिपल अनामिका शुक्ला ने बताया कि ये यूपी का पहला आईडीटीआर है। ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर है। यहां पर बच्चों के लिए 11 प्रकार के कोर्सेज हैं, जो हमारे यहां बच्चों को सिखाए जाते हैं। हैवी मोटर व्हीकल के लिए लाइट व्हीकल रिफ्रेशर, ऐसे ही 11 प्रकार के कोर्सेज हमारे यहां हैं। उनकी थ्योरी क्लासेस भी दी जाती है। उसके बाद उनको सेमुलेटर क्लासेस दी जाती है। फिर उसके बाद ट्रैक पर क्लासेस दी जाती हैं। आइडीटीआर के इंस्ट्रक्टर नीरज गुप्ता ने बताया कि आईडीटीआर जो है एक इंस्टट्यूट ऑफ ड्राइंग ट्रेनिंग है। आपने देखा होगा कि हर जगह इंजीनियरिंग के इंस्टीट्यूट हैं, मेडिकल इंस्टीट्यूट है। ये पहला उत्तर प्रदेश में एक ड्राइवर का इंस्टीट्यूट बनाया गया है। जहां ड्राइवरों को ट्रेनिंग दी जाए। इनकी ऐसी फैसिलिटीज पूरे यूपी में कहीं पर भी नहीं है।
यहां देखें पूरी बातचीत-
उद्यान निरीक्षक नयन प्रताप ने बताया कि ये हमारा सेंटर जो बना हुआ है। वो भारत सरकार एवं राज्य सरकार ने मिलकर बनाया। यहां किसानों की आय को दोगुना करना है। इसमें किसान समय से पहले एक महीना बीज ले सकते हैं। एक रुपये का शुल्क और अगर यहां से पौधा लेते तो 2 रुपये में ले सकते हैं। अगर किसान अगेती फसल बोएंगे तो मार्केट में जो किसान पहले सब्जी ले जाएगा। उसका दोगुना रेट मिलता है। इसी को हम कहते हैं लागत का फायदा। यानी जो दोगुना होता है। यहां दूसरी और चीजें भी हैं। हमारे यहां आंधी-तूफान-जाड़ा-पाला से किसान बरी हो जाता है। हम इससे कोई नुकसान यहां नहीं होगा। हम किसान के लिए यहां हाइब्रिड बीज लाते हैं। किसान घनश्याम मौर्या ने बताया कि हम को टाइम से पहले पेड़ मिल जाते हैं। ले जाकर खेत में लगा देते हैं। वैसे हमको लाभ ज़्यादा मिल जाता है। बिल्कुल फर्क तो नहीं पड़ता। जब हम टाइम से पहले लगाएंगे तो हम को पैसा अच्छा मिलेगा। अब टमाटर बिक रहा है जो 350 रुपये। जब हमारा टमाटर बिक रहा था तो 1800 कैरेट का जा रहा था।
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डिड़ौली के ग्राम प्रधान राजकुमार सिंह ने बताया कि मेरा अपना मानना है कि प्रदेश की अग्रिम ग्राम पंचायतों में से एक है। जहां के हर रास्ते-नाली विकसित है। कहीं पर कोई जलभराव नहीं है। किसी को आवागमन की कोई असुविधा नहीं है। खेलने के लिए प्रदेश स्तर का पार्क है। स्कूल की अगर हम बात करेंगे प्राथमिक शिक्षा की तो मुझे नहीं लगता कि पूरे प्रदेश में कहीं भी ऐसा स्कूल है, जहां प्राइमरी स्कूल में बच्चे एयर कंडीशन में पढ़ते हैं। ग्रामीण चंद्रपाल ने बताया कि गांव में तो सुविधा ही सुविधा है। एसी लग गई स्कूल में। सड़क भी अच्छी हो गई है। नाली बन गई हैं। योगी सरकार में गांव का ज्यादा विकास हो रहा है। गांव में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। अब बच्चे भी स्कूल जा रहे हैं।
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एक किसान ने बातचीत के दौरान बताया कि यहां हम लोगों को अब टाइम से पहले पेड़ मिल जाते हैं। जिसे खेत में लगा देते हैं। वैसे हम लोगों को लाभ ज्यादा मिल रहा है जब से एडवांस खेती हो रही है। मार्केट में अच्छी आय हो रही है। जब हम टाइम से पहले लगाएंगे तो हम को पैसा अच्छा मिलेगा। बहुत बड़ा फर्क है। आय को लेकर किसान ने कहा कि जब हम समय से पेड़ लगाएंगे तो पैसा अच्छा मिलेगा। पहले 1700 से 1800 कैरेट जा रहा था। अब बीज यहां सस्ता मिल रहा है तो पौधे ले जाते हैं। यहां बीज की व्यवस्था अच्छी है। यहां से दो रुपये में पौधा मिल जाता है। पहले यहां कुछ नहीं था। लेकिन अब यहां अच्छी व्यवस्था है। यहां हर समय पौधे और खाद मिल रही है। यहां पहले उद्यान था लेकिन सुविधाएं नहीं थी। आज यह स्थिति है कि जब आओ तब पेड़ और खाद मिल जा रहा है। वो भी सस्ता मिल रहा है।
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