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पॉक्सो एक्ट में पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा
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रायबरेली। पॉक्सो कोर्ट ने गदागंज थाना क्षेत्र में छह साल पहले एक बालिका से हुए छेड़छाड़ मामले में अभियुक्त को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीन हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। यह फैसला पॉक्सो कोर्ट द्वितीय के अपर सत्र न्यायाधीश उदयवीर सिंह ने मंगलवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बब्बन कुमार त्रिपाठी के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना गदागंज में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी की 13 वर्षीय बेटी 11 सितंबर 2015 की शाम गोबर फेंकने गई थी।
इसी दौरान रिश्तेदारी में गांव आया मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के मायापुरी थाना क्षेत्र के पायरा निवासी प्रभु आदिवासी ने बेटी से मारपीट कर दुष्कर्म की कोशिश की।
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पुलिस ने विवेचना के बाद प्रभु आदिवासी के खिलाफ दुष्कर्म की कोशिश, मारपीट व पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को छेड़छाड़, मारपीट व पॉक्सो एक्ट के तहत कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बब्बन कुमार त्रिपाठी के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना गदागंज में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी की 13 वर्षीय बेटी 11 सितंबर 2015 की शाम गोबर फेंकने गई थी।
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इसी दौरान रिश्तेदारी में गांव आया मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के मायापुरी थाना क्षेत्र के पायरा निवासी प्रभु आदिवासी ने बेटी से मारपीट कर दुष्कर्म की कोशिश की।
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पुलिस ने विवेचना के बाद प्रभु आदिवासी के खिलाफ दुष्कर्म की कोशिश, मारपीट व पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को छेड़छाड़, मारपीट व पॉक्सो एक्ट के तहत कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई।