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नवजात की मौत से गुस्साए परिवारीजनों का सीएचसी में प्रदर्शन
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खीरों (रायबरेली)। सीएचसी में प्रसव के कुछ ही देर बाद ही नवजात की मौत हो गई। इससे परिवारीजन भड़क गए। सीएचसी में ही प्रदर्शन करके प्रसव में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। नाराज लोगों ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मेड़ौली गांव निवासिनी पूजा के पति देवीशंकर ने बताया कि गुरुवार सुबह पांच बजे पत्नी ने सीएचसी खीरों में नवजात को जन्म दिया। इस दौरान अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने रुपये की मांग करते हुए बच्चे का ढंग से इलाज नहीं किया।
कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद परिवारीजनों ने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही इलाज में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की मांग की।
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सीएचसी के डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि बच्चे का वजन 1.935 ग्राम था। वजन बहुत कम होने के कारण उसे रायबरेली ले जाने को कहा गया था, लेकिन परिवारीजन उसे नहीं ले गए।
इस दौरान शाम को बच्चे को लिटाकर बाहर का दूध पिला दिया गया। इससे वह फेफड़ों में जाकर फंस गया। जब तक उसे मेरे पास लाते उसकी मौत हो गई। अस्पताल में रुपये मांगने की बात मुझे नहीं मालूम है। यदि किसी ने रुपये मांगे हैं तो सीएचसी अधीक्षक के माध्यम से जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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मेड़ौली गांव निवासिनी पूजा के पति देवीशंकर ने बताया कि गुरुवार सुबह पांच बजे पत्नी ने सीएचसी खीरों में नवजात को जन्म दिया। इस दौरान अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने रुपये की मांग करते हुए बच्चे का ढंग से इलाज नहीं किया।
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कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद परिवारीजनों ने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही इलाज में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की मांग की।
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सीएचसी के डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि बच्चे का वजन 1.935 ग्राम था। वजन बहुत कम होने के कारण उसे रायबरेली ले जाने को कहा गया था, लेकिन परिवारीजन उसे नहीं ले गए।
इस दौरान शाम को बच्चे को लिटाकर बाहर का दूध पिला दिया गया। इससे वह फेफड़ों में जाकर फंस गया। जब तक उसे मेरे पास लाते उसकी मौत हो गई। अस्पताल में रुपये मांगने की बात मुझे नहीं मालूम है। यदि किसी ने रुपये मांगे हैं तो सीएचसी अधीक्षक के माध्यम से जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।