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किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने काला फीता बांध किया प्रदर्शन
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रायबरेली। दिल्ली बार्डर पर नवंबर से शुरू हुए किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर बुधवार को अखिल भारतीय किसान महासभा ने काला दिवस मनाया।
इस दौरान जिलेभर में काला फीता बांध कर कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लहराए। अपनी मांगों के संबंध में पोस्टर दिखाए। जिला मुख्यालय पर भी काली पट्टी लगाकर एकजुटता दिखाई। जिला प्रशासन को मांगों के संबंध में मांगपत्र सौंपा गया।
किसान महासभा के जिलाध्यक्ष फूलचंद्र मौर्य ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के बावजूद धरने पर बैठे किसानों की केंद्र सरकार को बिल्कुल चिंता नहीं है। न तो वह किसानों से वार्ता कर रही है, न ही उनकी मांगें मान रही है।
जिला उपाध्यक्ष मो. अंसार ने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार की पूरी कोशिश आंदोलनकारी किसानों को हराने-थकाने और उन्हें कमजोर करने की है। अन्नदाताओं और देश का पेट भरने वाले किसानों की लगातार उपेक्षा भारी पड़ेगी।
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माले नेता टीपू सुलतान ने कहा कि छह महीनों से दिल्ली बार्डर पर डटे रहकर किसानों ने अपने इरादे बता दिए हैं कि कृषि कानूनों की वापसी बिना घर वापसी संभव नहीं है।
जिलेभर में हुए काला दिवस कार्यक्रमों की अगुवाई उदय चौधरी, पिंटू पासी, रामधनी, सुरेश शर्मा, डॉ. हलीम महमूद, मो. अहसन आदि ने की। कृषि कानूनों को वापस लेने, गरीब मजदूरों, रेहड़ी, पटरी दुकानदारों सहित समाज के कमजोर तबके के लोगों को 10 हजार रुपये लॉकडाउन भत्ता देने की मांग से संबंधित मांगपत्र अपर जिलाधिकारी को सौंपा गया।
जय किसान आंदोलन ने भी दिखाया काला झंडा
रायबरेली। जय किसान आंदोलन के पदाधिकारियों सहित गांव-गांव में बुधवार को किसानों ने दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन के छह माह पूर्ण होने पर काला झंडा दिखाकर काला दिवस मनाया। स्वराज अभियान के जिला मीडिया प्रभारी राम विलास यादव ने बताया कि जिलेभर में कई जगह पर अलग-अलग तरीके से लोगों ने सरकार का विरोध किया।
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इस दौरान जिलेभर में काला फीता बांध कर कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लहराए। अपनी मांगों के संबंध में पोस्टर दिखाए। जिला मुख्यालय पर भी काली पट्टी लगाकर एकजुटता दिखाई। जिला प्रशासन को मांगों के संबंध में मांगपत्र सौंपा गया।
किसान महासभा के जिलाध्यक्ष फूलचंद्र मौर्य ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के बावजूद धरने पर बैठे किसानों की केंद्र सरकार को बिल्कुल चिंता नहीं है। न तो वह किसानों से वार्ता कर रही है, न ही उनकी मांगें मान रही है।
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जिला उपाध्यक्ष मो. अंसार ने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार की पूरी कोशिश आंदोलनकारी किसानों को हराने-थकाने और उन्हें कमजोर करने की है। अन्नदाताओं और देश का पेट भरने वाले किसानों की लगातार उपेक्षा भारी पड़ेगी।
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माले नेता टीपू सुलतान ने कहा कि छह महीनों से दिल्ली बार्डर पर डटे रहकर किसानों ने अपने इरादे बता दिए हैं कि कृषि कानूनों की वापसी बिना घर वापसी संभव नहीं है।
जिलेभर में हुए काला दिवस कार्यक्रमों की अगुवाई उदय चौधरी, पिंटू पासी, रामधनी, सुरेश शर्मा, डॉ. हलीम महमूद, मो. अहसन आदि ने की। कृषि कानूनों को वापस लेने, गरीब मजदूरों, रेहड़ी, पटरी दुकानदारों सहित समाज के कमजोर तबके के लोगों को 10 हजार रुपये लॉकडाउन भत्ता देने की मांग से संबंधित मांगपत्र अपर जिलाधिकारी को सौंपा गया।
जय किसान आंदोलन ने भी दिखाया काला झंडा
रायबरेली। जय किसान आंदोलन के पदाधिकारियों सहित गांव-गांव में बुधवार को किसानों ने दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन के छह माह पूर्ण होने पर काला झंडा दिखाकर काला दिवस मनाया। स्वराज अभियान के जिला मीडिया प्रभारी राम विलास यादव ने बताया कि जिलेभर में कई जगह पर अलग-अलग तरीके से लोगों ने सरकार का विरोध किया।