{"_id":"60ad16cc8ebc3e00b0307f6f","slug":"protest-raibaraily-news-lko579540482","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासनादेश की प्रतियां जलाकर किया विरोध प्रदर्शन, कोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासनादेश की प्रतियां जलाकर किया विरोध प्रदर्शन, कोसा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर कर्मचारियों ने मंगलवार को जिला अस्पताल और बस स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन करके सरकार को जमकर कोसा।
छह मई को जारी शासनादेश की प्रतियों को जलाकर नए सिरे से प्रोत्साहन राशि का आदेश जारी किए जाने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि जान जोखिम में डालकर काम करने वाले सभी कर्मचारियों को सामान प्रोत्साहन राशि दी जाए। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
धरना प्रदर्शन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष राजेश सिंह व मंत्री राजकुमार ने कहा कि संक्रमित कर्मचारियों को बीमा देने के लिए शासनादेश जारी हुआ था, लेकिन एक साल पहले जान गवां चुके कर्मचारियों को बीमा राशि नहीं मिली है।
नान कोविड अस्पतालों में कार्य कर रहे कर्मचारियों को बगैर कोविड प्रोटोकॉल के ही मरीजों का इलाज करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में ज्यादा कर्मचारी संक्रमित हो रहे है।
विज्ञापन
कोविड चिकित्सालय में कार्य करने वाले कर्मचारियों के सापेक्ष, नॉन कोविड चिकित्सालय में कार्य कर रहे कर्मचारियों को संक्रमित होने का जोखिम ज्यादा रहता है।
नान कोविड हॉस्पिटल में कार्य करने वाले चिकित्सा कर्मचारी व अन्य कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि व बीमा राशि से वंचित करके उनके मनोबल को गिराने का काम किया गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि समस्त चिकित्सा कर्मियों व अन्य कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि, मृत्यु होने पर बीमा राशि, आपदा अनुग्रह राशि दिया जाए। बीती छह मई को जारी किए गए शासनादेश को संशोधित कर नया शासनादेश जारी किया जाए।
ऐसा न करने पर संगठन को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। धरने में शशिबाला सिंह, रजनी त्रिपाठी, सुमन सिंह, विजय लक्ष्मी, रंजना यादव, अहिल्या सिंह, पूनम यादव, संगीता श्रीवस्तव, नीरज मौर्या, सुरेश चौधरी, अतुल यादव, अमित त्रिपाठी, राजकुमार सिंह, राम अकबाल बहादुर सिंह, जावेद अहमद, रामकिशुन, शिवकांत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
छह मई को जारी शासनादेश की प्रतियों को जलाकर नए सिरे से प्रोत्साहन राशि का आदेश जारी किए जाने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि जान जोखिम में डालकर काम करने वाले सभी कर्मचारियों को सामान प्रोत्साहन राशि दी जाए। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
धरना प्रदर्शन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष राजेश सिंह व मंत्री राजकुमार ने कहा कि संक्रमित कर्मचारियों को बीमा देने के लिए शासनादेश जारी हुआ था, लेकिन एक साल पहले जान गवां चुके कर्मचारियों को बीमा राशि नहीं मिली है।
विज्ञापन
नान कोविड अस्पतालों में कार्य कर रहे कर्मचारियों को बगैर कोविड प्रोटोकॉल के ही मरीजों का इलाज करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में ज्यादा कर्मचारी संक्रमित हो रहे है।
विज्ञापन
कोविड चिकित्सालय में कार्य करने वाले कर्मचारियों के सापेक्ष, नॉन कोविड चिकित्सालय में कार्य कर रहे कर्मचारियों को संक्रमित होने का जोखिम ज्यादा रहता है।
नान कोविड हॉस्पिटल में कार्य करने वाले चिकित्सा कर्मचारी व अन्य कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि व बीमा राशि से वंचित करके उनके मनोबल को गिराने का काम किया गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि समस्त चिकित्सा कर्मियों व अन्य कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि, मृत्यु होने पर बीमा राशि, आपदा अनुग्रह राशि दिया जाए। बीती छह मई को जारी किए गए शासनादेश को संशोधित कर नया शासनादेश जारी किया जाए।
ऐसा न करने पर संगठन को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। धरने में शशिबाला सिंह, रजनी त्रिपाठी, सुमन सिंह, विजय लक्ष्मी, रंजना यादव, अहिल्या सिंह, पूनम यादव, संगीता श्रीवस्तव, नीरज मौर्या, सुरेश चौधरी, अतुल यादव, अमित त्रिपाठी, राजकुमार सिंह, राम अकबाल बहादुर सिंह, जावेद अहमद, रामकिशुन, शिवकांत आदि मौजूद रहे।