{"_id":"603a8cb78ebc3ee90413e579","slug":"protest-raibaraily-news-lko5670700174","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूख रही फसलों को बचाने के लिए अन्नदाता अनशन पर बैठकर बुलंद की आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूख रही फसलों को बचाने के लिए अन्नदाता अनशन पर बैठकर बुलंद की आवाज
विज्ञापन
विरोध में अनशन पर बैठे किसान।
- फोटो : RAIBARAILY
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरेनी (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र में सूख रही फसलें बचाने के लिए किसान संघर्ष कर रहे हैं। समस्याओं का हल नहीं निकलने से नाराज किसान शनिवार से आमरण अनशन पर बैठ गए। चेतावनी दी कि अगर सरेनी क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
जानकारी मिलते ही सिंचाई विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे। सभी को समझाने की कोशिश की मगर किसान नहीं माने। देर शाम तक किसानों और अभियंताओं में वार्ता चलती रही।
उन्नाव ब्रांच नहर से भगवंत नगर, खजूर गांव और सरेनी रजबहा जुड़ा है। उन्नाव ब्रांच में पानी आता है तो पहले उसे उन्नाव क्षेत्र की नहरों में छोड़ा जाता है। सरेनी रजबहा में कभी कभार पानी आता है। पिछले काफी दिनों से पानी नहीं आने से फसल सूख रही है। इसके विरोध में किसानों ने उत्तर प्रदेश किसान मंच (अराजनैतिक) के नेतृत्व में अनशन शुरू कर दिया।
विज्ञापन
किसान शशिकांत तिवारी, गिरधारी लाल सिंह व जगन्नाथ तिवारी ने बताया डलमऊ बी पंप नहर का पानी क्षेत्र की नहरों में ना देकर अभियंता उन्नाव क्षेत्र की नहरों को दे रहे है। किसानों का कहना है कि सरेनी क्षेत्र में सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल को सिंचाई की दरकार है, लेकिन सरेनी रजबहा सूखा हैं।
इससे किसानों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। चेतावनी दी कि यदि शुक्रवार तक नहरों में पानी नहीं आया तो वह दूलापुर नहर कोठी में अनशन शुरू कर देंगे। निर्धारित समय में पानी नहीं छोड़ा गया। इसके विरोध में किसानों ने अनशन शुरू कर दिया।
सुनवाई नहीं तो आमरण अनशन
किसान अमितेंद्र सिंह राठौर, राज बहादुर यादव, राजेंद्र विश्वकर्मा, गोविंद सिंह, राजू सिंह, छेदीलाल, अमर बहादुर, अंजू वर्मा, रामशंकर, शिवशंकर, बिंदा प्रसाद, राकेश पटेल, राजकुमार, ओमप्रकाश व महेंद्र सिंह ने कहा कि नहरों में पानी नहीं आया तो रविवार से किसान आमरण अनशन शुरू कर देंगे। यदि फिर भी सिंचाई विभाग नहीं चेता तो अफसरों का घेराव किया जाएगा।
किसानों के अनशन करने की जानकारी होने के बाद मौके पर पहुंचकर बातचीत की गई। भरोसा दिलाया गया कि जल्दी ही पानी नहरों में छोड़ा जाएगा। इसके बावजूद कोई किसान अनशन खत्म करने को तैयार नहीं है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। जल्द ही पानी नहरों में छोड़ कर अनशन खत्म कराया जाएगा।
-प्रेमचंद्र आर्या, सहायक अभियंता उन्नाव खंड
विज्ञापन
जानकारी मिलते ही सिंचाई विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे। सभी को समझाने की कोशिश की मगर किसान नहीं माने। देर शाम तक किसानों और अभियंताओं में वार्ता चलती रही।
विज्ञापन
उन्नाव ब्रांच नहर से भगवंत नगर, खजूर गांव और सरेनी रजबहा जुड़ा है। उन्नाव ब्रांच में पानी आता है तो पहले उसे उन्नाव क्षेत्र की नहरों में छोड़ा जाता है। सरेनी रजबहा में कभी कभार पानी आता है। पिछले काफी दिनों से पानी नहीं आने से फसल सूख रही है। इसके विरोध में किसानों ने उत्तर प्रदेश किसान मंच (अराजनैतिक) के नेतृत्व में अनशन शुरू कर दिया।
विज्ञापन
किसान शशिकांत तिवारी, गिरधारी लाल सिंह व जगन्नाथ तिवारी ने बताया डलमऊ बी पंप नहर का पानी क्षेत्र की नहरों में ना देकर अभियंता उन्नाव क्षेत्र की नहरों को दे रहे है। किसानों का कहना है कि सरेनी क्षेत्र में सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल को सिंचाई की दरकार है, लेकिन सरेनी रजबहा सूखा हैं।
इससे किसानों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। चेतावनी दी कि यदि शुक्रवार तक नहरों में पानी नहीं आया तो वह दूलापुर नहर कोठी में अनशन शुरू कर देंगे। निर्धारित समय में पानी नहीं छोड़ा गया। इसके विरोध में किसानों ने अनशन शुरू कर दिया।
सुनवाई नहीं तो आमरण अनशन
किसान अमितेंद्र सिंह राठौर, राज बहादुर यादव, राजेंद्र विश्वकर्मा, गोविंद सिंह, राजू सिंह, छेदीलाल, अमर बहादुर, अंजू वर्मा, रामशंकर, शिवशंकर, बिंदा प्रसाद, राकेश पटेल, राजकुमार, ओमप्रकाश व महेंद्र सिंह ने कहा कि नहरों में पानी नहीं आया तो रविवार से किसान आमरण अनशन शुरू कर देंगे। यदि फिर भी सिंचाई विभाग नहीं चेता तो अफसरों का घेराव किया जाएगा।
किसानों के अनशन करने की जानकारी होने के बाद मौके पर पहुंचकर बातचीत की गई। भरोसा दिलाया गया कि जल्दी ही पानी नहरों में छोड़ा जाएगा। इसके बावजूद कोई किसान अनशन खत्म करने को तैयार नहीं है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। जल्द ही पानी नहरों में छोड़ कर अनशन खत्म कराया जाएगा।
-प्रेमचंद्र आर्या, सहायक अभियंता उन्नाव खंड