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Raebareli News: जल्द अमीर बनने की चाह में कफ सिरप सिंडिकेट से जुड़ा प्रियांशू

Sat, 20 Dec 2025 12:25 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Dec 2025 12:25 AM IST
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Priyanshu joins cough syrup syndicate in search of quick get-rich-quick options
रायबरेली। कोडीनयुक्त कफ सिरप सिंडिकेट से जुड़े दवा कारोबारी प्रियांशू गौतम को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। पूछताछ में प्रियांशू ने बताया कि कफ सिरप बिक्री के मुख्य आरोपी दिवाकर ने उसे अधिक पैसा कमाने का झांसा देकर उसे इस धंधे में शामिल कराया था। जल्द अमीर बनने के लालच में आकर वह इस कार्य में शामिल हो गया। पुलिस मामले में मुख्य आरोपी दिवाकर को पहले ही जेल भेज चुकी है। पुलिस ने दिवाकर और प्रियांशू के बैंक खातों की जांच भी शुरू कर दी है।
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शहर के कल्लू का पुरवा निवासी एवं अजय फार्मा संचालक दिवाकर सिंह ने साढ़े पांच लाख और मेसर्स मेडिसिन हाउस बकुलिहा सेमरी के संचालक प्रियांशू ने एक लाख सिरप की बिक्री रायबरेली के अलावा उन्नाव, श्रावस्ती, लखनऊ में की थी। मामले का खुलासा होने पर औैषधि निरीक्षक शीवेंद्र सिंह ने 18 अक्तूबर 2025 को मिल एरिया थाने में दिवाकर और 20 नवंबर 2025 को खीरों थाने में प्रियांशू के खिलाफ कोडीनयुक्त कफ सिरप बिक्री करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बीते 17 दिसंबर को मिल एरिया पुलिस ने दिवाकर को पकड़ कर जेल भेज दिया था। खीरों पुलिस ने बृहस्पतिवार को प्रियांशू को हिरासत में लिया था और पूछताछ के बाद शुक्रवार को उसे भी जेल भेज दिया।
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खीरों थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह के मुताबिक आरोपी प्रियांशू ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिन पहले उसकी दिवाकर सिंह से हुई थी। दिवाकर ने कहा था कि आजकल नशा करने वाले लोग कोडीनयुक्त कफ सिरप का उपयोग करते हैं। यदि हम इस सिरप तथा अन्य कोडीन युक्त दवाइयों का कारोबार करें तो हमें अधिक धन लाभ हो सकता है। ऐसे में लालच में आकर वह दिवाकर के साथ इस कार्य में शामिल हो गया। दोनों फर्जी व कूटरचित बिल, कैश मेमो व परिवहन बिल तैयार करके तय कीमत से ज्यादा दाम पर सिरप की बिक्री करते थे। थाना प्रभारी ने बताया कि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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इनसेट
प्रियांशू बोला, चिकित्सकों से नहीं लेते थे सलाह
पूछताछ में आरोपी प्रियांशू ने बताया कि कोडीनयुक्त कफ सिरप बिक्री करने के लिए सबसे पहले चिकित्सक की लिखित सलाह की जरूरत होती है, लेकिन हम लोग ऐसा नहीं करते थे। सिरप लोगों को नशे के लिए बेच रहे थे। कुछ दिन पहले सिरप बिक्री करने का खुलासा हुआ तो जांच शुरू हो गई। उसके खिलाफ खीरों थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इस पर पुलिस की कार्रवाई के डर से दुकान बंद कर भाग गया था।
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