{"_id":"62b5fa5f3e64345c08686279","slug":"power-cut-raibaraily-news-lko6366758160","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीटर में स्टोर मिली तीन हजार रीडिंग, रीडर पर एफआईआर के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीटर में स्टोर मिली तीन हजार रीडिंग, रीडर पर एफआईआर के आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। जिलेभर में की गई छापामारी में 200 उपभोक्ताओं के घरों की बिजली गुल कर दी गई। वहीं अमावां ब्लॉक क्षेत्र के सेनपुर गांव में एक उपभोक्ता के घर मीटर में रीडिंग स्टोर मिली। इस पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए।
अमावां के सेनपुर गांव में एक्सईएन घनश्याम की अगुवाई में कैंप लगाया। गांवों में चेकिंग की गई। 50 बकायेदारों के कनेक्शन काटे गये।
एक उपभोक्ता के घर में लगे मीटर में तीन हजार रीडिंग स्टोर मिली, जबकि रीडर ने 229 की रीडिंग का बिल बनाया था। उपखंड अधिकारी राजीव यादव ने रीडर के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए।
इस मौके पर अवर अभियंता शंभूनाथ भी मौजूद रहे। इसी तरह परशदेपुर के अवर अभियंता विनोद कुमार, मल्केगांव के जीशान अंसारी, सलोन में रंजन कुमार, ऊंचाहार में लालमणि की अगुवाई में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कैंप लगाए गए।
विज्ञापन
अधीक्षण अभियंता वाईएन राम ने बताया कि ओटीएस योजना समाप्त होने पांच दिन शेष बचे हैं। योजना समाप्त होने से पहले बकायेदार उपभोक्ता पंजीकरण करा लें, ताकि किसी तरह की कार्रवाई से बच सकें।
विज्ञापन
अमावां के सेनपुर गांव में एक्सईएन घनश्याम की अगुवाई में कैंप लगाया। गांवों में चेकिंग की गई। 50 बकायेदारों के कनेक्शन काटे गये।
एक उपभोक्ता के घर में लगे मीटर में तीन हजार रीडिंग स्टोर मिली, जबकि रीडर ने 229 की रीडिंग का बिल बनाया था। उपखंड अधिकारी राजीव यादव ने रीडर के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए।
विज्ञापन
इस मौके पर अवर अभियंता शंभूनाथ भी मौजूद रहे। इसी तरह परशदेपुर के अवर अभियंता विनोद कुमार, मल्केगांव के जीशान अंसारी, सलोन में रंजन कुमार, ऊंचाहार में लालमणि की अगुवाई में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कैंप लगाए गए।
विज्ञापन
अधीक्षण अभियंता वाईएन राम ने बताया कि ओटीएस योजना समाप्त होने पांच दिन शेष बचे हैं। योजना समाप्त होने से पहले बकायेदार उपभोक्ता पंजीकरण करा लें, ताकि किसी तरह की कार्रवाई से बच सकें।