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कागजों पर पूरा हो गया लक्ष्य, अंधेरे में रहने को मजबूर 345 गरीब
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रायबरेली। हर घर को बिजली पहुंचाने की प्रदेश सरकार की मंशा पर पावर कॉर्पोरेशन के अभियंता पानी फेर रहे हैं। यही वजह है कि जरूरतमंदों को अब तक बिजली कनेक्शन नहीं मिले हैं। शासन से मिले लक्ष्य को कागजों पर पूरा दिया गया है।
ऐसे में गरीब अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने इसे गंभीरता से लेते हुए विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर गरीबों को कनेक्शन दिए जाने के लिए निर्देश किया है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
जिले में गरीबों को मुफ्त करने के लिए शासन से करीब नौ हजार का लक्ष्य दिया गया, जिसे 31 दिसंबर तक पूरा कराना था। लक्ष्य के सापेक्ष करीब सात हजार ही कनेक्शन हो पाए हैं। इसके बावजूद गरीबों के आशियाने रोशन नहीं हो पाए हैं।
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जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों से सर्वे कराया तो पता चला कि अभी भी 345 गरीबों को कनेक्शन नहीं मिले हैं। यह वह गरीब है, जिन्हें मुख्यमंत्री योजना के तहत लाभान्वित किया गया है। प्रदेश सरकार ने भी आवास का निर्माण होने के बाद हर गरीब को मुफ्त कनेक्शन दिए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पावर कॉर्पोरेशन के अभियंता इस कार्य में कोई रुचि नहीं दिखाई। डीएम ने सख्त हिदायत दी है कि जिन गरीबों के कनेक्शन नहीं हुए हैं, उन्हें कनेक्शन दिया जाए।
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ऐसे में गरीब अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने इसे गंभीरता से लेते हुए विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर गरीबों को कनेक्शन दिए जाने के लिए निर्देश किया है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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जिले में गरीबों को मुफ्त करने के लिए शासन से करीब नौ हजार का लक्ष्य दिया गया, जिसे 31 दिसंबर तक पूरा कराना था। लक्ष्य के सापेक्ष करीब सात हजार ही कनेक्शन हो पाए हैं। इसके बावजूद गरीबों के आशियाने रोशन नहीं हो पाए हैं।
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जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों से सर्वे कराया तो पता चला कि अभी भी 345 गरीबों को कनेक्शन नहीं मिले हैं। यह वह गरीब है, जिन्हें मुख्यमंत्री योजना के तहत लाभान्वित किया गया है। प्रदेश सरकार ने भी आवास का निर्माण होने के बाद हर गरीब को मुफ्त कनेक्शन दिए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पावर कॉर्पोरेशन के अभियंता इस कार्य में कोई रुचि नहीं दिखाई। डीएम ने सख्त हिदायत दी है कि जिन गरीबों के कनेक्शन नहीं हुए हैं, उन्हें कनेक्शन दिया जाए।