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जीत का प्रमाणपत्र हारे प्रत्याशी को देने का आरोप
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रायबरेली। राही ब्लॉक क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य प्रथम सीट पर मनमानी का मामला प्रकाश में आया है। जिला पंचायत सदस्य पद की उम्मीदवार ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया कि मतगणना के दिन जीत पर उनके नाम की घोषणा की गई, लेकिन बाद में प्रमाण पत्र दूसरे प्रत्याशी का दे दिया गया है।
प्रत्याशी ने डीएम से रिकाउंटिंग कराए जाने की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि मतगणना के दूसरे दिन सुबह नौ बजे तक काउंटिंग पूरी हो गई, लेकिन देर रात तक उसे प्रमाणपत्र नहीं दिया। गुपचुप तरीके से विजेता प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को दे दिया है।
दरियापुर गांव निवासी अंजू सिंह पत्नी मनोजकुमार डीएम को दिए गए पत्र में बताया कि वह राही ब्लॉक से जिला पंचायत सदस्य प्रथम पद सीट से चुनाव लड़ा था।
दो मई को मतगणना के दिन उसे 4116 मत मिलने की घोषणा की गई, जबकि प्रतिद्वंद्वी को 3682 मत मिले। इससे 487 मतों से उसे विजयी घोषित किया गया, लेकिन प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी के हंगामा करने से उसे प्रमाण पत्र नहीं दिया गया।
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बाद में अधिकारियों से प्रमाण पत्र देने की बात की तो उसे आश्वासन किया गया। अचानक उसके स्थान पर हारे प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया, जो गलत है। प्रत्याशी अंजू ने डीएम से रिकाउंटिंग कराए जाने की मांग की।
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प्रत्याशी ने डीएम से रिकाउंटिंग कराए जाने की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि मतगणना के दूसरे दिन सुबह नौ बजे तक काउंटिंग पूरी हो गई, लेकिन देर रात तक उसे प्रमाणपत्र नहीं दिया। गुपचुप तरीके से विजेता प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को दे दिया है।
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दरियापुर गांव निवासी अंजू सिंह पत्नी मनोजकुमार डीएम को दिए गए पत्र में बताया कि वह राही ब्लॉक से जिला पंचायत सदस्य प्रथम पद सीट से चुनाव लड़ा था।
दो मई को मतगणना के दिन उसे 4116 मत मिलने की घोषणा की गई, जबकि प्रतिद्वंद्वी को 3682 मत मिले। इससे 487 मतों से उसे विजयी घोषित किया गया, लेकिन प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी के हंगामा करने से उसे प्रमाण पत्र नहीं दिया गया।
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बाद में अधिकारियों से प्रमाण पत्र देने की बात की तो उसे आश्वासन किया गया। अचानक उसके स्थान पर हारे प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया, जो गलत है। प्रत्याशी अंजू ने डीएम से रिकाउंटिंग कराए जाने की मांग की।